डीएस कॉलेज में मानव बल एजेंसी के विरूद्ध एकजुट हो रहे कार्यरत कर्मी

डीएस कॉलेज में मानव बल एजेंसी के विरूद्ध एकजुट हो रहे कार्यरत कर्मी
– तत्कालीन उच्च शिक्षा निदेशक के आदेशों का नहीं किया गया पालन – एक वर्ष बीतने के बाद भी वर्दी से लेकर आईकार्ड तक नहीं कराया गया मुहैया कटिहार डीएस कॉलेज के साथ टैग सुविधा एजेंसी के विरूद्ध कार्यरत मानव बल के तहत कर्मी एकजुट होने लगे हैं. ऐसा इसलिए कि एकरारनामा के आधार पर जो सुविधाएं मिलनी चाहिए अब तक नहीं मिल पाया है. यहां तक कि पूर्व में डीएस कॉलेज के प्राचार्य कक्ष में आयी तत्कालीन उच्च शिक्षा निदेशक डॉ रेखा कुमारी के आदेशों का भी अक्षरश: पालन उक्त एजेंसी द्वारा नहीं किया गया. एक वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक बहाल मानव बल के रूप में कार्यरत कर्मियों को न तो वर्दी मिली न ही आईकार्ड दिया गया. ऐसा गुरूवार को गुस्साये मानव बल के रूप में कार्यरत कर्मचारियों ने मौखिक रूप से कही. मानव बल के तहत कार्य कर रहे अधिकांश कर्मचारियों ने बताया कि सुविधा मानव बल एजेंसी वेस्ट बोरिंग कैनाल रोड पटना के साथ डीएस कॉलेज प्रशासन द्वारा एकरारनामा कर उनलोगों से सेवा ली जा रही है. कर्मचारियों ने बताया कि एजेंसी से टैग कर कार्य लेने को लेकर पूर्व में ही तत्कालीन उच्च शिक्षा निदेशक पटना के डॉ रेखा कुमारी द्वारा स्पष्ट कर दिया गया था कि मानव बल एजेंसी के माध्यम से कार्य निबटारा करना है. इसके लिए श्रम अधिनियमों के तहत मानदेय भुगतान करना है. साथ ही साफ सफाई से लेकर कम्प्यूटर में आने वाले उपयोगी वस्तु उपलब्ध कराना एजेंसी की जिम्मेवारी होगी. इतना ही नहीं आईकार्ड से लेकर मानव बल कर्मी को वर्दी तक उपलब्ध कराने की बात कही गयी थी. लेकिन एक वर्ष कार्य लेने के बाद उक्त सुविधाएं एजेंसी सुविधा द्वारा नहीं दिया गया. इससे कार्य करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है. स्किल्ड व ननस्किल्ड की नहीं हो पाती पहचान मानव बल के तहत डीएस कॉलेज में कार्य कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि स्किल्ड व ननस्किल्ड के तहत उनलोगों को रखा गया है. लेकिन आज तक उनलोगों को कार्य का बंटावारा नहीं किया गया न ही आईकार्ड उपलब्ध कराया गया. जिसका नतीजा है कि स्पष्ट नहीं हो पाता है कि किसे स्किल्ड व ननस्किल्ड के तहत कौन सा कार्य लिया जा रहा है. एकरारनामे के तहत तय राशि में आधे राशि के रूप में मानदेय उपलब्ध कराया गया. अब एजेंसी द्वारा लिखित कार्य नहीं करने की असमर्थता जाहिर किया गया है. उनलोगोंने स्पष्ट रूप से मांग किया कि उनलोगों को इपीएफ, इएसआई के साथ अगस्त माह का मानदेय को निर्गत कराया जाये. एजेंसी को कराया गया है अवगत बहाल एजेंसी के पदाधिकारी को दूरभाष पर सभी बिन्दुओं से अवगत कराया गया. कॉलेज परिसर में एजेंसी के पदाधिकारी को बुलाया गया. किन कारणों की वजह से कार्य करने में असमर्थ को लेकर पत्र लिखा गया है. इससे भी अवगत कराये जाने की बात कही गयी है. एजेंसी के पदाधिकारी द्वारा आश्वासन दिया गया है कि कार्य करने में असमर्थ को लेकर दिये गये पत्र को वापस कर लिया जायेगा. एजेंसी के पदाधिकारी से आमने सामने मिलकर सभी बिन्दुओं पर बात कर मामले का निबटारा का प्रयास किया जायेगा. डॉ प्रशांत कुमार, प्राचार्य, डीएस कॉलेज
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