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यशी सिंह अपहरण कांड में सीबीआइ ने हाइकोर्ट में दाखिल की प्रोग्रेस रिपोर्ट

Updated at : 26 Sep 2025 9:17 PM (IST)
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यशी सिंह अपहरण कांड में सीबीआइ ने हाइकोर्ट में दाखिल की प्रोग्रेस रिपोर्ट

CBI filed progress report in High Court

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: जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की कोर्ट में हुई सुनवाई : 10 अक्तूबर को सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित : सीबीआइ को यशी सिंह के बारे में नहीं मिला ठोस सुराग संवाददाता, मुजफ्फरपुर शहर की चर्चित एमबीए छात्रा यशी सिंह अपहरण कांड में शुक्रवार को हाइकोर्ट में सुनवाई की गयी. जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की कोर्ट में दोपहर 2:15 बजे से शुरू हुई सुनवाई हुई. इस दौरान सीबीआइ के अधिकारी ने कोर्ट में बंद लिफाफे में केस की प्रोग्रेस रिपोर्ट दाखिल की. हाईकोर्ट में वादी पक्ष के अधिवक्ता अरविंद कुमार ने बताया है कि शुक्रवार को हुई केस की सुनवाई के दौरान सीबीआइ के अधिकारी व अधिवक्ता पहुंचे. सीबीआइ ने यशी सिंह अपहरण कांड की जांच में अब तक जो भी प्रोग्रेस हुई है, उसकी समग्र रिपोर्ट तैयार करके बंद लिफाफे में न्यायालय में प्रस्तुत किया. अब इस केस की सुनवाई के लिए अगली तिथि 10 अक्तूबर निर्धारित की गयी है. अधिवक्ता अरविंद कुमार का कहना है कि अपहृत छात्रा की बरामदगी के कितनी करीब सीबीआइ पहुंची है. इसकी जानकारी सीबीआइ की ओर से कोर्ट में प्रोग्रेस रिपोर्ट के माध्यम से दी गयी है. यशी सिंह के परिजन का सीबीआइ पर बहुत भरोसा है कि उनकी बच्ची को बरामद कर लेगी. लेकिन, अब तक सीबीआइ को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है. जानकारी हो कि सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर चौक से 12 दिसंबर 2022 को एमबीए की छात्रा यशी सिंह गायब हो गयी थी. मामले में उसके नाना राम प्रसाद राय के बयान पर अपहरण की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. प्राथमिकी दर्ज होने के एक साल बाद भी पुलिस यशी सिंह को नहीं खोज पायी. यशी सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट एक्टिव करके हैंडल करने के मामले में पुलिस दो महिलाओं को गिरफ्तार करके जेल भेजी थी. इसके अलावा एक संदिग्ध को थाने पर लाकर पूछताछ की थी. इसके बाद भी यशी का कुछ सुराग नहीं मिला तो उसके परिजनों ने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. इस बीच जिला पुलिस से यह केस को सीआइडी को ट्रांसफर कर दिया गया. पहले जिला पुलिस की ओर से यशी सिंह की बरामदगी में सहयोग करने वाले या इसकी सूचना देने वाले के लिए 50 हजार इनाम घोषित किया था. लेकिन, अब उसको बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया गया है. सीआइडी भी डेढ़ साल की जांच के बाद जब एशी सिंह को नहीं खोज पायी तो केस को सीबीआइ को ट्रांसफर कर दिया गया. सीबीआइ भी एक साल से अधिक समय से यशी सिंह का सुराग तलाश रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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