कोल इंडिया की नीति के खिलाफ यूनियनों ने जताया विरोध

राजमहल कोल परियोजना में एटक और सीटू ने की नुक्कड़ सभा
राजमहल कोल परियोजना के ओसीपी कार्यालय के समीप एटक (एआईटीयूसी) और सीटू (सीटू) यूनियनों के नेतृत्व में एक नुक्कड़ सभा आयोजित कर कोल इंडिया की नीतियों के विरुद्ध नाराजगी जतायी गयी. यूनियन नेताओं ने कहा कि कंपनी की अनुचित नीतियों के कारण कोयला मजदूरों को दुर्गा पूजा के अवसर पर मिलने वाला बोनस इस वर्ष अब तक नहीं दिया गया है. सभा को संबोधित करते हुए यूनियन नेता रामजी साह और प्रमोद हेब्रम ने कहा कि कोल इंडिया प्रबंधन की गलत नीतियों के कारण मजदूरों के हक पर चोट पहुंचायी जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी की नीतियां मजदूर विरोधी हैं और यूनियन इसे किसी भी हालत में सफल नहीं होने देगी. नेताओं ने कहा कि मजदूरों की कठिन मेहनत से ही कंपनी को लाभ होता है, लेकिन उसी मजदूर को उसका हक देने में कोल इंडिया आनाकानी कर रही है. हर साल दुर्गा पूजा के मौके पर बोनस दिया जाता था, लेकिन इस बार प्रबंधन टालमटोल कर रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि प्रबंधन की हठधर्मी के चलते मामला अब न्यायालय तक पहुंच गया है. यूनियनों ने मांग किया कि कामगारों को तत्काल रूप से एक लाख रुपये एडवांस बोनस के रूप में प्रदान किया जाये, अन्यथा जोरदार आंदोलन किया जाएगा. सभा में उपस्थित अन्य नेताओं डॉ. राधेश्याम चौधरी, बाबूलाल किस्कू, राम सुंदर महतो, सीताराम महतो, शंकर गुप्ता, विनोद महतो ने भी मजदूरों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की. सभी ने यह स्पष्ट किया कि वे प्रबंधन के षड्यंत्रपूर्ण इरादों को सफल नहीं होने देंगे.
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