एड्स एक सामाजिक चुनौती : डीएस

एड्स एक सामाजिक चुनौती : डीएस
गुमला. महिला कॉलेज में उपाधीक्षक सदर अस्पताल गुमला डॉ अनुपम किशोर के निर्देशन पर राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें एचआइवी/एड्स के कारणों, लक्षणों और इसके सामाजिक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक स्वास्थ्य समस्या नहीं है. बल्कि एक सामाजिक चुनौती भी है. इसे जागरूकता और सही जानकारी से ही हराया जा सकता है. एचआइवी एक असाध्य रोग है. लेकिन एआरटी की दवा लेकर और लाइफ स्टाइल में बदलाव लाकर आज लंबा जीवन जी रहे हैं, ताकि चंद्र कुंभकार ने यौन संचारित रोगों के विभिन्न प्रकारों और उनके संक्रमण से बचने के उपायों पर जानकारी दी. उन्होंने स्वच्छता, सुरक्षित व्यवहार और समय पर जांच के महत्व पर जोर दिया. इसकी जांच सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त और गोपनीय होती है. शिल्पी कुमारी ने कहा कि हमें इन विषयों पर खुलकर बात करनी चाहिए और किसी भी प्रकार की भ्रांति या शर्म को छोड़ देना चाहिए. उन्होंने बताया कि सही जानकारी ही हमें इन बीमारियों से सुरक्षित रख सकती है. कार्यक्रम के दौरान, छात्राओं ने भी कई सवाल पूछे, जिनके जवाब विशेषज्ञों द्वारा दिये गये. यह कार्यक्रम एचआइवी/एड्स और एसटीआइ के प्रति समझ बढ़ाने में सहायक रहा और छात्राओं को एक स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया. मौके पर प्रो सुषमा सिंह, प्रो स्मिता कुमारी, प्रो पूनम मिंज, प्रो ममता जायसवाल, अमित मिश्रा, प्रकाश राम तथा 140 छात्राएं उपस्थित थी. प्रो रजनी ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम छात्राओं के लिए आवश्यक व लाभप्रद है.
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