आरबीआइ की छात्रवृत्ति योजना 2026 : शिक्षकों को मिलेगा शोध का अवसर व 2 लाख रुपये तक मानदेय
Edited by SUBODH KUMAR
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<P><H2>- अर्थशास्त्र और वित्त के संकाय सदस्यों से आवेदन आमंत्रित, अंतिम तिथि 15 मई</H2><H2>- तीन माह की परियोजना अवधि, चयनित विद्वानों को मिलेगा मासिक भत्ता </H2>संवाददाता, पटना</P>भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ)
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– अर्थशास्त्र और वित्त के संकाय सदस्यों से आवेदन आमंत्रित, अंतिम तिथि 15 मई
– तीन माह की परियोजना अवधि, चयनित विद्वानों को मिलेगा मासिक भत्ता
संवाददाता, पटनाभारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने शैक्षणिक संस्थानों के संकाय सदस्यों के लिए वर्ष 2026 की छात्रवृत्ति योजना की घोषणा की है. इस योजना का उद्देश्य मौद्रिक और वित्तीय अर्थशास्त्र, बैंकिंग व वास्तविक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर अल्पावधि अनुसंधान को बढ़ावा देना है. इसके तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीइ) से मान्यता प्राप्त संस्थानों में कार्यरत पूर्णकालिक शिक्षकों से आवेदन मांगे गये हैं. आरबीआइ के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य न केवल शिक्षकों और छात्रों के बीच बैंक की गतिविधियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि शिक्षकों को केंद्रीय बैंक के विभिन्न कार्यक्षेत्रों से भी परिचित कराना है. वर्ष 2026 के लिए अधिकतम पांच छात्रवृत्तियां दी जायेंगी.चयन प्रक्रिया दो चरणों में होगी. पहले चरण में एक हजार शब्दों का शोध प्रस्ताव और जीवन वृत्त (सीवी) के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जायेगा. इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया जायेगा. अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों को तीन माह की अवधि (1 जुलाई 2026 से) के लिए शोध कार्य करना होगा. चयनित विद्वानों को प्रति माह 50 हजार रुपये का भत्ता दिया जायेगा. इसके अतिरिक्त, शोध परियोजना पूर्ण होने और स्वीकृति मिलने पर 2 लाख का मानदेय भी प्रदान किया जायेगा. इच्छुक उम्मीदवारों को 15 मई 2026 तक अपना आवेदन, शोध प्रस्ताव और आवश्यक दस्तावेज इमेल के माध्यम से भेजना होगा.
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