UP Assembly Monsoon Session 2023: विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है सरकार- सीएम योगी

UP Assembly Monsoon Session 2023: यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र का शुक्रवार को अंतिम दिन है. सदन की कार्यवाही शुरू हो गई है. आज सदन में नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव चर्चा में शामिल होंगे. पहले नेता प्रतिपक्ष सदन में अपनी बात रखेंगे.
सीएम योगी ने सदन को अवगत कराया है कि प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर 23 से 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 20 से 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 16 से 18 घंटे की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है सरकार.
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सदन में सपा पर हमला करते हुए कहा कि “…क्या आयुष्मान भारत की सुविधा में यूपी के लोग शामिल नहीं हैं?…आपके लिए ये जाति, वोट बैंक का मुद्दा हो सकते हैं लेकिन हमारे लिए यूपी के लोग परिवार हैं..” “…लोगों ने आपको वोट नहीं दिया, उन्होंने आपको एक बार फिर से खारिज कर दिया…2024 में खाता भी नहीं खुलने वाला.”
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने विधान सभा में सीएम योगी के भाषण को जनता के साथ धोखा करार दिया है. शुक्रवार को सदन की का कार्यवाही के बाद मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री और भाजपा लगातार समाज और लोगों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. ये लोग फूट डालो और राज करो की नीति अपनाते हैं. कोई भी उनके जाल में नहीं फंस रहा है. सरकार से सवाल किया है कि किसानों और कृषि को सहायता प्रदान किए बिना एक ट्रिलियन अर्थव्यवस्था तक कैसे पहुंचेंगे .
विधान सभा की कार्यवाही के दौरान हासपरिहास के भी कई पल आए. शिवपाल यादव ने सीएम योगी के भाषण के दौरान उठकर कहा कि राजभर को जल्दी शपथ दिला दीजिए, कहीं वो समाजवादी पार्टी में वापस न लौट आएं. इसपर सीएम योगी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. वहीं सभी का ध्यान राजभर की ओर चला गया.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेता विरोधी दल के वक्तव्य को देखकर यही लगा कि 2014, 2017, 2019 और 2022 का जो जनादेश है वो जनता ने ऐसे ही नहीं दिया. दुष्यंत कुमार ने इस पर बहुत अच्छी बात कही है कि तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीं नहीं और कमाल ये है कि फिर भी तुम्हें यकीं नहीं. उन्हें जमीनी हकीकत की कोई जानकारी नहीं है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सरकार पहली सरकार है जिसने अन्नदाता किसानों के हित में दो अन्य महत्वपूर्ण कदम उठाए थे. हमने अपने पहले कार्यकाल में वन्य जीव और मानव संघर्ष को आपदा की श्रेणी में लाने का काम किया. कोई व्यक्ति सर्पदंश और सांड से मरे, इन सभी को आपदा में घोषित करने वाला यूपी देश का पहला राज्य है. हम तो सांड की नंदी के रूप में पूजा करते हैं. शिवपाल जी आप नहीं करते क्या, तो कुछ तो समझाया करें इन्हें.
सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि लगता है पेपर की कटिंग पर होमवर्क करते समय शिवपाल जी ने कुछ पुरानी कटिंग भी बीच में रखवा दी थीं, क्योंकि इतिहास गवाह है कि जब परिवार में सत्ता का संघर्ष बढ़ता है तो कुछ न कुछ चीजें तो सामने आएंगी. शिवपाल जी ने इतना पापड़ बेला है तो कुछ तो सामने आएगा. शिवपाल जी के प्रति हमारी सहानुभूति है. आपके साथ अन्याय हुआ है. आपके साथ ये लोग न्याय करेंगे भी नहीं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में वह पहली बार सीतापुर और लखीमपुर में बाढ़ पीड़ितों से मिलने गए तो पता लगा कि उन्हें सूखे ब्रेड दिये जाते थे. कोई राहत नहीं, कोई मुआवजा नहीं मिलता था. आपदा राहत की धनराशि का बंदरबांट हो जाया करता था. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने उसी दिन बैठक ली और राहत किट तैयार करने का निर्णय किया, जिसमें 10 किलोग्राम चावल, 10 किलोग्राम आटा, 10 किलोग्राम आलू, दाल, नमक, दियासलाई, मसाले, केरोसिन ये सभी कुछ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की और महिलाओं को डिग्निटी किट भी उपलब्ध कराया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बाढ़ और सूखा के अलावा अन्य अनेक कदम उठाए हैं. कैसे इनसे बचाव किया जा सकता है. इस बार पश्चिमी यूपी में बाढ़ आई मगर 40 से ज्यादा जनपदों में सूखा देखने को मिला. बहुत सी जगह सिंचाई और पॉवर कॉर्पोरेशन ने अपने स्तर पर कार्य किये. नोडल अधिकारियों और प्रभारी मंत्रियों ने जनपदों के दौरे किये. प्रदेश सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के राहत के कार्य किये.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्ष अपनी विफलता को छुपाने के लिए आरोप लगा रहा है. विपक्ष का 2024 में खाता भी नहीं खुलने वाला है. 2024 में फिर से डबल इंजन की सरकार आने वाले है. मुख्यमंत्री ने शिवपाल यादव की ओर देखते हुए कहा कि मैं कह रहा हूं आपके पास भी मौका है आपना रास्ता चुन लीजिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण फसलों को जो नुकसान पहुंचा उसके आकलन का कार्य चल रहा है. उत्तर प्रदेश, देश का ऐसा भूभाग है जहां का एक बड़ा हिस्सा सिंचाई की सुविधाओं के लिए अनुकूल है. धान की नर्सरी लग चुकी है. सरकार अपने स्तर पर इस पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है कि हम अधिक से अधिक किसानों को मदद कर सकें. किसानों को मुआवजा देने की कार्रवाई को प्रारंभ कर दिया गया. 61320 किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया गया. प्रदेश सरकार ने इससे पहले भी किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने नेता विरोधी दल को जमीन की हकीकत की जानकारी नहीं है, क्योंकि जो लोग जन्म से चांदी की चम्मच में खाने के आदी हैं वो एक गरीब की पीड़ा को क्या समझेंगे. पिछड़ों की पीड़ा को क्या समझेंगे. महान नेता चौधरी चरण सिंह ने कहा था कि देश की प्रगति का मार्ग खेत, खलियानों और गलियों से होकर जाता है. इस बात को अगर समाजवादी पार्टी ने इस को ध्यान में रखा होता है तो इनके कार्यकाल में सबसे ज्यादा आत्महत्या किसानों ने नहीं की होती.
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के बाद नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में किसानों के विषयों पर जवाब दिया. उन्होंने विपक्ष को आईना दिखाते हुए कहा कि ये लोग गरीब की पीड़ा क्या समझेंगे. विपक्ष को जमीन की हकीकत मालूम नहीं है. यूपी लगातार विकास की ओर बढ़ रहा है. कुछ लोग चांदी की चम्मच से खाते हैं. दूसरों के मुकाबले यूपी की स्थिति काफी बेहतर है.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में काम करने वाले एक कर्मचारी की एक जानवर से टकराने से जान चली गई. अगर उनके लिए सुरक्षा नहीं है तो आम जनता के लिए क्या सुरक्षा है. हर दूसरे दिन हम सोशल मीडिया पर वीडियो देखते हैं कि गली में ‘सांड’ ने एक महिला, बच्चे या बुजुर्ग को उठा कर फेंक दिया. क्या यही एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का सपना है? आप अपने ही जनपद में एक सांड सफारी बना लो, किसने रोका है आपको.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ये (भाजपा सरकार) चाल, चरित्र और चेहरे से पहचान बनाने का दावा करते थे और आज पहचान बन गई है नफरत, भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और महंगाई से…एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था किसानों की मदद के बिना और कृषि क्षेत्र में सुधार के बिना कैसे संभव है?
नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि कहा गया कि सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 2027 तक वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की बन जाएगी. उन्होंने कहा कि हमने बजट के दौरान भी कहा था कि बहुत बड़ा सपना दिखाया जा रहा है. नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बिना किसान की मदद के कैसे संभव है. बिना एग्रीकल्चर सेक्टर को बेहतर किए कैसे संभव है.
यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र का शुक्रवार को अंतिम दिन है. सदन की कार्यवाही शुरू हो गई है. आज सदन में नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव चर्चा में शामिल होंगे. पहले नेता प्रतिपक्ष सदन में अपनी बात रखेंगे. इसके बाद नेता सदन संबोधित करेंगे. सत्र के अंतिम दिन दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं. इससे पहले गुरुवार को सदन में मंत्रियों ने सदस्यों के विभिन्न प्रश्नों के जवाब दिए.
सपा महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्या का कहना है कि जातीय जनगणना पर सरकार के पास जवाब नहीं है. ‘सरकार के पिछड़े वर्ग के मंत्री इस बात को नहीं कह सकते’.बीजेपी कई जगहों पर आरक्षण खत्म कर रही है.
यूपी विधानसभा में गुरुवार को विपक्ष ने उपाध्यक्ष पद काफी समय से रिक्त होने का मुद्दा उठाया. सपा के सदस्य ओमप्रकाश सिंह ने नियमों का हवाला देते हुए इस पद पर 30 दिनों के भीतर किसी सदस्य को जिम्मेदारी सौंपे जाने की बात कही. इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंसी का माहौल देखने को मिला. हालांकि बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने इसे नियम 300 का नहीं माना और प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया.
यूपी विधानसभा में गुरुवार को अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष के सदस्य के व्यवहार पर आपत्ति जताई. सदन की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के आने पर अध्यक्ष ने सदस्यों को अनुशासन का पालन करने के लिए कहा. इस दौरान विपक्ष के सदस्य की टिप्पणी पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई और कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी.
राष्ट्रीय लोकदल ने कहा है कि गन्ना भुगतान में विलंब किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गई है. रालोद सदैव किसानों के हित की आवाज उठाता रहा है. इसी क्रम में रालोद विधानमंडल दल के नेता राजपाल बालियान के नेतृत्व में विधायक दल ने गन्ना भुगतान के मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कर शीघ्र भुगतान का आग्रह किया.

यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र की गुरुवार की कार्यवाही शुरू हो गई है. प्रश्नकाल के दौरान मंत्री सदस्यों के वालों का जवाब दे रहे हैं. किसानों से जुड़े मुद्दों सहित अन्य विषयों से संबंधित प्रश्न लिए गए हैं. विपक्ष के सदस्यों ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर बोनस दिए जाने के बारे में सवाल पूछे. सदन में आज नेता विरोधी दल अखिलेश यादव भी चर्चा करेंगे. इस दौरान नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी चर्चा में शामिल होने की संभावना है.
अखिलेश यादव का कहना है कि भारत छोड़ो आंदोलन’ में जिन्होंने ‘भारत छोड़ो’ का नारा नहीं लगाया था, वो उसी की क्षतिपूर्ति में आज लगा रहे हैं. भाजपा के राज में जो लोग पहले से भगाये गये हैं वो पहले से जाकर किसी और के आने के लिए तंबू तैयार करनेवाले लोग हैं. ये है भाजपा का अपने लोगों को ‘भारत छुड़वाया आंदोलन’.
यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने नई पेंशन योजना को लेकर सरकार की ओर से जवाब दिया. सपा के सदस्यों के सवाल का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि नई पेंशन योजना से कर्मचारियों को पुरानी पेंशन से ज्यादा फायदा मिलेगा. पुरानी पेंशन बहाल करने को सरकार कोई विचार नहीं कर रही है.
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘सरकार किसानों की समस्या, बाढ़, सूखा, गरीबों, युवाओं, महिलाओं या नागरिकों की अन्य समस्याओं पर चर्चा करना चाहती है. लेकिन समाजवादी पार्टी को नागरिकों की समस्याएं दिखाई नहीं दे रही हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी यूपी को विकास की राह पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है.”
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी विधानसभा की नई नियमावली के बीच कटाक्ष किया है. उन्होंने बुधवार को कहा कि लगता है यूपी विधानसभा में प्रतिबंध के लिए अब और कुछ नियम आएंगे:
टमाटर खाकर आना मना
सांड पर बात नहीं
जनहित व सौहार्द के मुद्दे उठाना मना
स्मार्ट सिटी पर सवाल नहीं
बेरोजगारी व महंगाई शब्द का प्रयोग मना
जातीय जनगणना की माँग
और
PDA पर सांकेतिक भाषा में भी बात करना मना!
यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि हमारी सरकार इस सत्र के शुरू होने के बाद से हमेशा बाढ़ और सूखे पर चर्चा करना चाहती थी. लेकिन, समाजवादी पार्टी इससे भाग रही थी. अब इस चर्चा को स्वीकार कर लिया गया है. जैसा कि हम सभी जानते हैं कि इस बार मौसम फसलों के लिए अनुकूल नहीं था. कम से कम 36 गांव सूखे और पश्चिमी यूपी के जिले बाढ़ से जूझ रहे हैं. हमारी सरकार ने बाढ़ का सामना करने और सूखा प्रभावित क्षेत्र को राहत देने के लिए सभी तैयारियां कर ली हैं
यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र की बुधवार की कार्यवाही शुरू हो गई है. प्रश्नकाल के दौरान मंत्री सदस्यों के वालों का जवाब दे रहे हैं. किसानों से जुड़े मुद्दों सहित अन्य विषयों से संबंधित प्रश्न लिए गए हैं. इससे पहले मंगलवार को सदन की कार्यवाही के दौरान सरकार की ओर से कई विषयों पर जवाब दिया गया.
एसबीएसपी के संस्थापक ओम प्रकाश राजभर ने कहा है कि सरकार हर बिंदु पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सोच रहा है कि चर्चा करेंगे तो फंस जाएंगे. समाजवादी पार्टी ने अविकसितों, दलितों और मुसलमानों के साथ जो भी काम किए हैं वे सभी उजागर होने लगेंगे, यही कारण है कि वे चर्चा से भागते हैं. उनके पास केवल लोकसभा या मणिपुर के लिए समय हैं, लेकिन राज्य के लिए नहीं. हमें इस बात पर चर्चा करने की ज़रूरत है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को कैसे राहत प्रदान की जाए या किसानों को पानी की आपूर्ति करके फसल उगाने में कैसे मदद की जाए. समाजवादी पार्टी को किसानों, युवाओं और बेरोजगारों की कोई परवाह नहीं है…”
यूपी विधानसभा में मंगलवार को विपक्ष ने टमाटर सहित अन्य सब्जियों और खाद्य तेलों में मूल्य वृद्धि को लेकर सरकार को घेरा. सपा के सदस्य मनोज पांडेय ने कहा कि कालाबाजारी और भ्रष्टाचार के कारण कीमतों में इजाफा हुआ है. वहीं नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान सरसों के तेल में अन्य तेल मिलाकर पैकेट बांटे गए. महंगाई कम नहीं हुई, मिलावट की गई है.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में 1980 में हुए दंगे की रिपोर्ट मंगलवार को विधानसभा में पेश की गई. करीब 43 वर्ष बाद प्रदेश सरकार इस रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में विगत मई माह में कैबिनेट जस्टिस सक्सेना आयोग की कमेटी वाली इस रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी है.
उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों को उपशमन (संशोधन) अध्यादेश 2023
उत्तर प्रदेश नगर पालिका संशोधन अध्यादेश – 2023
उत्तर प्रदेश नागर स्थानीय स्वायत्त शासन विधि (संशोधन) अध्यादेश – 2023
कृषि उत्पादन मंडी (संशोधन) अध्यादेश – 2023
उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय संशोधन अध्यादेश- 2023 (अध्यादेश संख्या -6 से 11)
उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास संशोधन अध्यादेश – 2023
उत्तर प्रदेश जगद्गुरू रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय अध्यादेश – 2023
उत्तर प्रदेश माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश-2023
उत्तर प्रदेश माल एवं सेवाकर संशोधन विधेयक 2023
उत्तर प्रदेश दंड विधि संशोधन विधेयक – 2023
उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास संशोधन विधेयक – 2023
उत्तर प्रदेश नागर स्थनीय स्वायत्त शासन विधि संशोधन विधेयक – 2023
उत्तर प्रदेश नगर पालिका संशोधन विधेयक – 2023
उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी (संशोधन) विधेयक 2023।
उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक -2023
उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक (द्वितीय संशोधन) – 2023
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग विधेयक – 2023
उत्तर प्रदेश कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक -2023
उत्तर प्रदेश जगद्गुरू रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्विद्यालय विधेयक – 2023
नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के नौकरी के लिए सरकार की योजना के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सर्वे बताते हैं कि 2016-17 में यूपी का बेरोजगारी दर 19 फीसदी से अधिक थी, जबकि आज के दिन में बेरोजगारी 3 से 4 फीसदी के बीच में है. उन्होंने कहा कि ये दिखाता है कि रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं, लोगों को पारदर्शी तरीके से नौकरी मिल गई है. सरकार पूरी इमानदारी के साथ अपने कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है. इस वजह से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 36 लाख करोड़ के निवेश के प्रस्ताव मिले.
यूपी विधानसभा में मंगलवार को सदन की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणी पर नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ये सुनकर अच्छा लगा कि आपको जनसंख्या की चिंता हो रही है. उन्होंने कहा कि अच्छी बात है कि समाजवादियों की सोच कुछ तो प्रोग्रेस हुई है. उन्होंने कहा कि यूपी में आज भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हो रही है. कोर्ट में इसे लेकर कोई मामला लंबित नहीं है, क्योंकि न्यायालय को भी पता है कि भर्ती प्रक्रिया में पूरी शुचिता बरती जा रही है.
यूपी विधानमंडल सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान संबंधित मंत्री सदस्यों के पूछे सवालों का जवाब दे रहे हैं. वहीं, विधान परिषद में हंगामा देखने को मिला. प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी और फिर वॉकआउट कर लिया.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में 1980 में हुए दंगे की रिपोर्ट मंगलवार को विधानसभा में पेश की जाएगी. करीब 43 वर्ष बाद प्रदेश सरकार इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में विगत मई माह में कैबिनेट जस्टिस सक्सेना आयोग की कमेटी वाली इस रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी है.
विधानसभा में दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है. इस दौरान प्रश्नकाल में मंत्री विभिन्न सदस्यों के पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे हैं.
यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामेदार होने के आसार हैं. समाजवादी पार्टी ने विधानसभा में मंगलवार को प्रदेश में बाढ़ की स्थिति और महंगाई के मुद्दे को लेकर हंगामा कर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है. सपा की ओर से उत्तर प्रदेश नागर स्थानीय स्वायत्त शासन विधि संशोधन अध्यादेश 2023 और उत्तर प्रदेश नगर पालिका संशोधन अध्यादेश 2023 का भी विरोध किया जा सकता है. संभावना जताई जा रही है कि सपा उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अध्यादेश-2023 (द्वितीय एवं तृतीय संशोधन) पर भी सवाल खड़े कर सकती है.
यूपी सरकार में मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी का कहना है कि हमारी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार है. विपक्ष सदन में चर्चा ही नहीं करना चाहता है. विपक्ष आज परेशान नज़र आ रहा है. विपक्ष आने वाले समय में खत्म हो जाएगा.
यूपी विधानसभा में मानसून सत्र का पहला दिन विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के शोर शराबे के बीच जरूरी कार्य निपटाए गए. दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के साथ कुछ विधेयक सदन के पटल पर रखे गए. वहीं नियम 301 के तहत सूचनाएं ली गईं. इस दौरान विपक्ष का हंगामा जारी रहा. पहले सदन की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित की गई. इसके बाद भी गतिरोध बना रहने पर कार्यवाही को 8 अगस्त को 11:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
यूपी विधान परिषद में भी सोमवार को विपक्ष का हंगामा देखने को मिला. सदन की कार्यवाही शुरू होने पर सदस्यों ने हंगाम किया. सभापति ने सदस्यों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सदस्य शांत नहीं हुए. सत्ता पक्ष की ओर से कहा गया कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है. हंगामे के बीच विधान परिषद की कार्यवाही भी थोड़ी देर के लिए स्थगित कर दी गई.
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने विपक्ष के सदस्यों के शांत नहीं होने पर अध्यक्ष सतीश महाना से सदन की कार्यवाही स्थगित करने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए अध्यक्ष ने कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी. अब सदन की कार्यवाही करीब एक बजे फिर शुरू की जाएगी, जिसमें कई महत्वपूर्ण विधेयक पटल पर रखे जाएंगे.
मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विपक्ष सदन का वक्त खराब कर रहा है. इनको चर्चा के जरिए अपनी बात रखनी चाहिए. सरकार हर तरह से तैयार है. इस तरह से यह व्यवस्था नहीं चल सकती. उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति हो, चाहे बच्चों के प्रति, चाहे आमजन हो, आज उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था रोल मॉडल बनी हुई है. पूरे प्रदेश में जहां कहीं अपराध हुए जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत दोषियों को सजा दी गई, उसमें कोई कोताही नहीं बरती गई. पॉक्सो एक्ट में भी कम से कम समय में सजा दिलाने का काम किया गया.
मानसून सत्र में प्रदेश सरकार की ओर से जारी 13 अध्यादेश विधेयक के रूप में सदन में रखे जा रहे हैं. इनमें संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) अध्यादेश 2023, उत्तर प्रदेश नागर स्थानीय स्वायत्त शासन विधि (संशोधन) अध्यादेश-2023, उत्तर प्रदेश नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश-2023 और उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी (संशोधन) अध्यादेश 2023 को सदन के पटल पर रखा. इसके अलावा उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश 2023, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश 2023, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (तृतीय संशोधन) अध्यादेश 2023, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय ( चतुर्थ संशोधन) अध्यादेश 2023, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (पांचवां संशोधन) अध्यादेश 2023, उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय प्रयागराज (संशोधन) अध्यादेश 2023, उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास (संशोधन) अध्यादेश 2023, उत्तर प्रदेश जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्याग राज विश्वविद्यालय अध्यादेश 2023 और उत्तर प्रदेश माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2023 को सदन में विधेयक के रूप में पटल पर रखा गया.
UP Assembly Monsoon Session 2023 live: मणिपुर हिंसा पर नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने नेता सदन से बोलने की अपेक्षा की. इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि ये विधानसभा का विषय नहीं है. नेता सदन को जहां इस पर बयान देना होगा, वह देंगे. हंगामे के बीच अध्यक्ष ने नियम 301 की सूचनाएं लेना शुरू किया. इस दौरान अपनी सीट पर मौजूद सदस्यों की ही सूचनाएं ली जा रही हैं. इस दौरान विपक्ष का हंगामा जारी है.
मणिपुर हिंसा पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि पूरी दुनिया में इसकी निंदा हुई है. ऐसे में सदन में इस पर निंदा प्रस्ताव लाने से रोकना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि मणिपुर पर कुछ तो बोलने की अपेक्षा सदन से रखी जा सकती है. उन्होंने कहा कि विदेशों में सरकार जहां निवेश लाने गई, वहां यूरोप के कई देशों ने इसकी निंदा की है. अमेरिका के राष्ट्रपति कार्यालय ने इसकी निंदा की. ऐसे में नेता सदन क्या इस पर कुछ नहीं बोल सकते. उन्होंने नेता सदन सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर देखते हुए कहा कि भाजपा के मुख्यमंत्री के रूप में आपकी बहुत मजबूरी हैं. लेकिन, हम सच्चे योगी के रूप में आपसे बोलने की अपेक्षा करते हैं.
विधानसभा में सोमवार को दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई. इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सत्तार अहमद अंसार, अमर सिंह, प्रेम प्रकाश सिंह, रणधीर सिंह, सुजान सिंह बुंदेला, शारदा प्रताप शुक्ला, हरिशंकर तिवारी, अवनीश कुमार, हरद्वार दुबे, अबरार अहमद, खालिद अजीम उर्फ अशरफ और अतीक अहमद के निधन पर शोक जताते हुए प्रस्ताव पढ़ा. इसके बाद सदस्यों ने शोक जताते हुए दो मिनट का मौन रखा गया.
विधानसभा में सोमवार को सदन के दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई. इससे पहले मणिपुर हिंसा पर चर्चा को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. विधानसभा अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश से जुड़ा हुआ विषय नहीं होने के कारण इस पर चर्चा से इनकार कर दिया. उन्होंने सदस्यों को नियमावली का हवाला देते हुए उचित मुद्दे पर चर्चा की अपील की.
विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के हंगामे के बीच कहा कि वह सदन की कार्यवाही स्थगित नहीं करेंगे. इस दौरान उन्होंने सदस्यों के सवालों का क्रमवार जिक्र किया. सदस्यों की ओर से कोई आपत्ति नहीं जताने पर संबंधित मंत्री की ओर से दिए गए जवाब से सदस्यों को संतुष्ट मान लिया गया.
विधानसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के सदस्य सदन में हंगामा करने लगे. इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि सदन की कार्यवाही नियमानुसार चलेगी. प्रश्नकाल में अधिकांश सवाल विपक्ष के होते हैं, इसलिए सदस्य अपने सवालों का रखे. सरकार सदन में हर मुद्दे पर जवाब देने को तैयार है. इसके बाद भी सदन में हंगामा शांत नहीं होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने हंगामा कर रहे सदस्यों के आचरण की निंदा की.
विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सदन को चर्चा के लिए जाना जाना चाहिए. मैं इस बात के लिए फिर आह्वान करूंगा हमें सार्थक चर्चा का विषय सदन को बनाना चाहिए. सरकार जनहित से जुड़े मुद्दे पर चर्चा और उस पर जवाब देने को तैयार है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले छह वर्षों में यूपी ने अपनी अलग पहचान कायम की है. सदन में बाढ़ और सूखे के मुद्दे पर चर्चा और समाधान निकालने के लिए विपक्ष के सदस्यों को भी आगे आना चाहिए.
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By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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