बड़ी होती बच्चियों को दें ‘पीरियड्स’ के बारे में पूरी जानकारी

हमारे देश में बड़ी होती बच्चियों (10-12 वर्ष) को ‘पीरियड्स’ के बारे में कोई जानकारी नहीं होती है. ऐसी स्थिति में अचानक जब उन्हें ‘पीरियड्स’ आने लगता है, तो वे समझ नहीं पाती कि आखिर उनके साथ यह क्या हो रहा है. घर में भी उन्हें इस बारे में कोई खास बताता नहीं है. यहां […]
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ऐसे में जरूरी यह है कि एक बड़ी होती बच्ची के माता-पिता उसे ‘पीरियड्स’ आने से पहले ही पूरी बात समझा दें. उसे यह बतातें कि यह कोई अभिशाप नहीं बल्कि भविष्य के लिए प्रकृति का वरदान है. जिसके जरिये वह मां बन पायेगी. अगर ‘पीरियड्स’ ना हो, तो एक बच्ची जब औरत बनेगी तो वह मां नहीं बन पायेगी. संभव हो तो उसे डॉक्टर या गांव में जो सहिया या आशा होती हैं उसके पास ले जाकर पूरी बात अच्छी तरह समझा दें. जहां तक संभव हो तैयार नैपकिन इस्तेमाल करने के लिए दें और अगर संभव नहीं है, तो घर में बनाकर दें, जो साफ-सुथरा हो. जब बेटी को पीरियड्स आये, तो उसे प्यार से समझायें उसे अलग-थलग ना करें. एक अभिभावक के तौर पर यह आपका कर्तव्य है.
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