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World Cancer Day: इन्होंने कैंसर से लड़ कर जीती जिंदगी की जंग, अब दूसरों का बढ़ा रहें हौसला

Updated at : 04 Feb 2020 9:48 AM (IST)
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World Cancer Day: इन्होंने कैंसर से लड़ कर जीती जिंदगी की जंग, अब दूसरों का बढ़ा रहें हौसला

पूरी दुनिया में 4 फरवरी का दिन World Cancer Day के नाम से मनाया जाता है. इस बीमारी का नाम सुनकर ही सबके होश उड़ जाते हैं कारण है, इसका इलाज…पढ़ें इस लोगों की कहानी जिन्होंने इस खतरनाक बीमारी को दे दी है मात… बिहार की राजधानी पटना में रह चुकीं स्नेहा राउत्रे की जिंदगी […]

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पूरी दुनिया में 4 फरवरी का दिन World Cancer Day के नाम से मनाया जाता है. इस बीमारी का नाम सुनकर ही सबके होश उड़ जाते हैं कारण है, इसका इलाज…पढ़ें इस लोगों की कहानी जिन्होंने इस खतरनाक बीमारी को दे दी है मात…

बिहार की राजधानी पटना में रह चुकीं स्नेहा राउत्रे की जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा था. तभी अचानक 2013 में एक दिन उन्हें पता चला कि वे ब्रेस्ट कैंसर की शिकार हो चुकी हैं. इस बात ने न सिर्फ उन्हें बल्कि पूरे परिवार को दुखों के भंवर में ला खड़ा कर दिया. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कैंसर से लड़ने का फैसला किया. ऐसी लड़ाई जिसमें सिर्फ जीतना था. इलाज के दौरान कई सारी मुश्किलों को करीब से देखा. कैंसर किस तरह से जिंदगी को लील रहा है यह जानने का मौका मिला. इससे मिले दर्द ने उन्हें दूसरों को कैंसर से बचाने के लिए प्रेरित किया. बेहद बहादुरी से स्नेहा ने कैंसर से जंग जीती और 2015 में डॉक्टरों ने उन्हें कैंसर मुक्त घोषित कर दिया. आज वह अपने पति गंगा कुमार और दूसरे सहयोगियों के साथ कैंसर के प्रति जागरूकता के लिए देश भर में काम कर रही हैं.
कैंसर के कारण पढ़ाई छूटी अब ठीक होकर बेहतर करियर बनाना चाहते हैं
बिहार के बेगूसराय के रहने वाले मनीष कुमार की उम्र 19 वर्ष है. वह 2018 में दिल्ली में रहकर इंजीनियरिंग परीक्षा की तैयारी कर रहा था. एक दिन तबीयत खराब हुई, जांच करने से पता चला कि उसे ब्लड कैंसर है. इतनी कम उम्र में कैंसर होना परिवार के लिए बड़ा झटका था. सब को लगा कि अब कुछ दिन ही जिंदगी शेष है लेकिन मनीष हिम्मत हारने वालों में से नहीं था. मनीष ने कैंसर से लड़कर जीतने का फैसला किया. इलाज की लंबी और दर्द भरी प्रक्रिया से जूंझने के बाद भी उसे यकीन था वह जीतेगा. उसके विश्वास ने परिवार को भी ताकत दी और सकारात्मक सोच ने मौत को दूर भगाया. मनीष का ब्लड कैंसर खत्म करने के लिए बोनमैरो ट्रांसप्लांट करना पड़ा. इसके बाद डॉक्टरों ने बताया कि वह बिल्कुल ठीक हो चुका है. अब उसकी दवाएं भी बंद हो चुकी है.
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