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टूथपेस्ट के फ्लेवर से नहीं ओरल हाइजीन से स्वस्थ रहेंगे दांत

Updated at : 31 Jul 2019 11:11 AM (IST)
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टूथपेस्ट के फ्लेवर से नहीं ओरल हाइजीन से स्वस्थ रहेंगे दांत

कोलकाता : आमतौर पर टूथपेस्ट के विज्ञापनों को देखकर हम और आप अपना टूथपेस्ट बदलते रहते हैं. कभी नीम, तो कभी बबूल तो कभी नमक वाले टूथपेस्ट का प्रयोग करते हैं. लेकिन दांतों की परेशानियां जस की तस बनी रहती हैं. क्योंकि दांतों की सेहत टूथपेस्ट की फ्लेवर में हीं बल्कि दांतों और मसूडों की […]

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कोलकाता : आमतौर पर टूथपेस्ट के विज्ञापनों को देखकर हम और आप अपना टूथपेस्ट बदलते रहते हैं. कभी नीम, तो कभी बबूल तो कभी नमक वाले टूथपेस्ट का प्रयोग करते हैं. लेकिन दांतों की परेशानियां जस की तस बनी रहती हैं. क्योंकि दांतों की सेहत टूथपेस्ट की फ्लेवर में हीं बल्कि दांतों और मसूडों की सही तरीके से सफाईं में छिपी है. एक अगस्त को देश भर में ओरल हाइजीन डे के रूप में मनाया जाता है.

इस अवसर पर डॉ आर अहमद डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पेरियोडोंटलॉजी विभाग के प्रो डॉ तीर्थंकर देवनाथ से बातचीत के आधार पर जानिए किस तरह से मुंह को साफ-स्वस्थ व बीमारियों से दूर रख सकते हैं. मुंह! कीटाणुओं का प्रवेश द्वारमुंह व दांतों को साफ व सेहतमंद रखकर रोगों को दूर रखना ओरल हाइजीन कहलाता है. क्योंकि मुंह तमाम तरह के कीटाणुओं का प्रवेश द्वार होता है. जिन्हें शरीर के अंदर प्रवेश करने से रोकने के लिए जरूरी है मुंह की सही ढ़ग से साफ-सफाईं. क्योंकि दांतों में तकलीफ होने से और सांस की बदबू, कैविटी, मसूढ़ों में सूजन आदि परेशानियों से इससे शरीर के दूसरे हिस्सों में भी समस्याएं हो सकती हैं.

ब्रश करने की सही टेकनीक जरूरी: ब्रश करने के लिए मुलायम ब्रश का प्रयोग करें. दूसरा ब्रशिंग का सही तरीका है कि ब्रश को दांतों के एनामेल यानी जोड़ पर उपर से नीचे और दाएं से बाएं की ओर ब्रश करें. एक साथ तीन दांतों पर इसी विधि से तीन मिनट तक दिन में तीन बार ब्रश करें. इस दौरान जीभ की सफाईं भी बेहद जरूरी है.

टूथपेस्ट का क्या है रोल एलोपैथी में : टूथपेस्ट की एक ही उपयोगिता मानी जाती है वह है दांतों की सफाईं. ऐसे में आप कौन सा टूथपेस्ट इस्तेमाल करते हैं, इससे ज्यादा जरूरी है कि आप कितनी बार और कितने सही तरीके से अपने दांतों की सफाईं करते हैं. फ्लासिंग अपनाएं दांतों व मसूढ़ों के अलावा मुंह में ऐसी कई जगह होती हैं जहां ब्रश नहीं पहुंच पाता. इन जगहों की सफाईं के लिए फ्लासिंग बेहतरीन विकल्प है जो दांतों के बीच के हिस्से से पहुंचकर प्लाक, कैविटी या अन्य खाद्य अवशेषों को बाहर निकालती है.

अपनाएं ये हेल्थी हैबिट्स : सिर्फ सही तरीके से ब्रश करना ही ओरल हाइजीन के लिए काफी नहीं हैं. बल्कि छोटी-छोटी सावधानियां भी जरूरी है. बहुत अधिक चॉकलेट, कैफीन आदि से बचें. पान मसाला और धूम्रपान से दूर रहें. बच्चों के दूध वाले दांतों का भी उसी तरह ख्याल रखें और कम उम्र से ही बच्चों को ब्रश करने की आदत डालें.

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