शरीर को साफ करता है विटामिन-सी
Updated at : 22 Mar 2019 6:57 AM (IST)
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सुमिता कुमारी, डाइटीशियन, डायबिटीज एंड ओबेसिटी केयर सेंटर, पटना डिटॉक्सिफिकेशन का अर्थ होता है, रक्त को शुद्ध करना. यह लिवर में मौजूद रक्त को शुद्ध करता है और विषैले पदार्थों को निकालने में मदद करता है. शरीर भी गुर्दे, आंतों, फेफड़ों, लिम्फैटिक तंत्र और त्वचा के माध्यम से विषाक्त पदार्थों को निकालता है. हालांकि, जब […]
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सुमिता कुमारी,
डाइटीशियन, डायबिटीज एंड ओबेसिटी केयर सेंटर, पटना
डिटॉक्सिफिकेशन का अर्थ होता है, रक्त को शुद्ध करना. यह लिवर में मौजूद रक्त को शुद्ध करता है और विषैले पदार्थों को निकालने में मदद करता है. शरीर भी गुर्दे, आंतों, फेफड़ों, लिम्फैटिक तंत्र और त्वचा के माध्यम से विषाक्त पदार्थों को निकालता है.
हालांकि, जब ये सभी सिस्टम अच्छे से काम नहीं करते, तो विषाक्त पदार्थों का निकलना मुश्किल हो जाता है और फिर शरीर पर विषम प्रभाव पड़ने लगते हैं. विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने और खत्म करने के लिए जरूरी है कि आप स्वस्थ आहार खाएं. इससे आपका शरीर बीमारियों से मुक्त रहता है. आइए आज आपको बताते हैं कि अपने भोजन में किन चीजों को शामिल कर आप अपने शरीर को डिटॉक्स यानी अंदर से साफ कर सकते हैं.
डिटॉक्स डाइट और टिप्स :
आहार विज्ञान में आपकी व्यक्तिगत जरुरतों के हिसाब से कई डिटॉक्स प्रोग्राम और आहार मौजूद हैं. कई प्रोग्राम सात दिन का वक्त लेते हैं, क्योंकि रक्त से विषाक्त पदार्थों को निकालने में समय लगता है.
जैसे दो दिन तक तरल पदार्थों का ही सेवन करना और उस समय में कोई ठाेस आहार का सेवन न करना, वहीं बांकी बचे पांच दिनों तक कुछ ऐसे हल्के आहारों को अपनी डाइट में शामिल करना, जो आपके पाचनतंत्र को ज्यादा मशक्कत न कराये और सुपाच्य हो. विषाक्त पदार्थों को निकालने के लिए तीन से सात दिन तक कुछ ताजा फल और सब्जियों का भी सेवन करना जरूरी है. यह उपाय आपके शरीर से विषैले पदार्थ निकालने में बेहद प्रभावी है.
विटामिन सी : अपने खाने में विटामिन-सी युक्त आहार को प्राथमिकतर दें. यह शरीर में ग्लूटाथियोन का उत्पादन करने में मदद करता है. इससे लिवर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं. इसके अलावा पूरे दिन में कम-से-कम दो से तीन लीटर पानी जरूर पीना चाहिए. पानी पीने से शरीर की अशुद्धता बाहर निकलती है.
लहसुन : लहसुन में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो आपके शरीर को नुकसान पहुंचानेवाले वायरस और परजीवियों को नष्ट कर देता है. यह शरीर में मौजूद खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) और सीरम कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है. लहसुन में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स केवल आपके शरीर को शुद्ध नहीं करते हैं, बल्कि हल्के से लेकर मध्यम सीमा के विषाक्तता से भी लड़ सकते हैं.
हल्दी : हल्दी को दूध के साथ मिलाने पर इसकी शुद्धिकरण शक्तियां और बढ़ जाती हैं.
आयुर्वेद में हर्बल दूध लिवर के लिए शुद्ध आहार के रूप में जाना जाता है. दूध में अगर हल्दी के अलावा काली मिर्च, इलायची, लौंग, अदरक और दालचीनी को मिलाकर पिया जाये, तो यह पेय एक अच्छे स्वास्थ्य टॉनिक के रूप में कार्य करने के अलावा आपके शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को उत्पन्न करने में मदद करने के लिए माना जाता है.
गोभी : गोभी को एक प्राकृतिक रक्त शोधक के रूप में देखा जाता है. इसमें विटामिन ए और सी जैसे एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो आपके लिवर के लिए अच्छे होते हैं. गोभी में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को शुद्ध करने में मदद करता है. यह आपके लिवर को साफ भी कर सकता है.
बातचीत : पूजा कुमारी
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