देर तक डायपर पहनाने से हो सकता है यूटीआइ

आजकल की मांओं में छोटे बच्चों को डिस्पोजेबल डायपर पहनाने का चलन है. पर, डायपर पहनाकर भूल जाने पर बच्चे कई घंटों तक उसी में पेशाब और पॉटी करते हैं. इससे रैशेज और यूटीआइ इन्फेक्शन का खतरा होता है. 4-5 घंटे तक डायपर न बदलने से उनकी सेंसिटिव स्किन प्रभावित होती है. इन अंगों को […]
आजकल की मांओं में छोटे बच्चों को डिस्पोजेबल डायपर पहनाने का चलन है. पर, डायपर पहनाकर भूल जाने पर बच्चे कई घंटों तक उसी में पेशाब और पॉटी करते हैं. इससे रैशेज और यूटीआइ इन्फेक्शन का खतरा होता है. 4-5 घंटे तक डायपर न बदलने से उनकी सेंसिटिव स्किन प्रभावित होती है. इन अंगों को स्वस्थ रखने के लिए उसे साफ और सूखा रखना जरूरी है. डायपर बदलते समय स्किन पर मल-मूत्र लगे रह जाने से कई तरह के बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जो डायपर एरिया की स्किन पर फंगल इन्फेक्शन फैलाते हैं.
डायपर का चुनाव करते समय उनकी क्वॉलिटी और नाप का ख्याल रखें. आम तौर पर उनका मानना होता है कि एक डायपर कम-से-कम 4 घंटे तक पहनाया जा सकता है. हालांकि, यह सर्वथा गलत है, क्योंकि अगर बच्चा यूरिन ज्यादा पास करेगा, तो डायपर जल्दी गंदा होगा. इस बीच यदि बच्चे में मल भी त्याग दिया और वह डायपर नहीं बदला गया, तो इन्फेक्शन की आशंका बढ़ जाती है.
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