अचानक मिली खुशी भी बन सकती है हृदय रोग की वजह, 44 मिलियन महिलाएं हैं पीड़ित
Updated at : 03 Oct 2017 11:17 AM (IST)
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अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार अचानक मिली खुशी का संबंध ह्रदय रोग से है. यहां तीन में से एक महिला की मौत ह्रदय रोग से होती है.फूलों का गुलदस्ता कोई आपके कार्यालय में भेजे या जब कोई पुराने दोस्त का कॉल आ जाये तो कितनी खुशी होती है. लेकिन, ये आश्चर्य और खुशी विनाशकारी हो […]
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अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार अचानक मिली खुशी का संबंध ह्रदय रोग से है. यहां तीन में से एक महिला की मौत ह्रदय रोग से होती है.फूलों का गुलदस्ता कोई आपके कार्यालय में भेजे या जब कोई पुराने दोस्त का कॉल आ जाये तो कितनी खुशी होती है. लेकिन, ये आश्चर्य और खुशी विनाशकारी हो सकता है.
एक अंगरेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार, आप यह जानकार हैरान होंगे कि ह्रदय की बीमारी और स्ट्रोक से आपको मिली अचानक खुशी का संबंध है. अमेरिका में प्रत्येक वर्ष 3 में से एक महिला की मौत ह्रदय रोग से हो जाती है.
इससे लगभग 80 सेकेंड में एक महिला की मौत हो जाती है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का अनुमान है कि अमेरिका में 44 मिलियन महिला हृदय रोगों से प्रभावित हैं. पुरुषों की तुलना में महिलाओं के हृदय रोग के लक्षणों में धड़कन का बड़ा अंतर होता है. एटिप्पिकल लक्षणों की वजह से महिलाओं में यह जल्द पकड़ में नहीं आता.
दिल की समस्याओं के लक्षण अपच की तरह ही होते हैं, इसलिए महिलाएं इसे हल्के में लेती हैं. यह महिलाओं में साइलेंट किलर की तरह काम करता है. अर्लिंग्टन हाइट्स में नॉर्थवेस्ट कम्युनिटी अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ नारायण साहा ने बताया कि महिलाओं को समझना होगा कि अनिद्रा, ऐंठन होना सामान्य नहीं है. दिल का दौरा पड़ने के लिए कुछ संकेत महिलाओं और पुरुषों में समान हैं.
इसके लक्षणों में बाहों और पीठ सुन्न, पसीना या हल्कापन महसूस करना इसके सामान्य लक्षण हैं. महिलाओं में गर्दन या जबड़ा दर्द, हृदय का तेजी से घड़कना, मितली, उल्टी, पेट की परेशानी. ये लक्षण ह्रदय रोग के हैं. डाउनर्स ग्रोव में एडमॉन्टर गुड समरिटन अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ थॉमस डिस्चेर ने कहा कि मेहनत करने पर सांस में कमी व थकान जो कि इसकी नयी लक्षणों में शामिल किये गये हैं.
स्वस्थ जीवनशैली है ह्रदय रोग का बचाव
डिस्चेर ने बताया कि बच्चे का जन्म, मासिक धर्म, रजोनिवृत्ति, एक लड़की के लिए जीवन हमेशा आसान नहीं होता है. महिलाओं के हार्मोन धमनियों में पट्टिका कम होती है, जिससे कोरोनरी रोग की संभावना कम हो जाती है. एक छोटी सी कैप्सूल (इंसुलिन) महिलाओं को ह्रदय रोग से बचा सकता है.
महिलाओं को जब भी ऐसी समस्या हो तो उन्हें डॉक्टर से मिल कर इंसुलिन लेना चाहिए. जब कुछ सही नहीं महसूस नहीं हो रहा तो तुरंत जांच करायें और डॉक्टरी सलाह लें. एक महिला की मां की प्रवृत्ति अक्सर उसे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने से पहले दूसरों की देखभाल करने के लिए प्रेरित करती है. लेकिन अगर महिलाएं बेहतर नींद लें, धूम्रपान व तनाव से बचें, तो बेहतर व स्वास्थ्य हृदय पा सकती हैं. स्वस्थ जीवनशैली से महिलाएं रोग से बच सकती हैं.
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