गर्भावस्था में लिया गया वसायुक्त आहार तीन पीढियों के लिए बढाता है स्तन कैंसर का खतरा

वाशिंगटन : अमेरिका में एक नये अध्ययन में पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान लिया गया वसायुक्त आहार आगामी तीन पीढी तक की संतानों में स्तन कैंसर के खतरे को बढा सकता है. शोधकर्ताओं ने गर्भवती मादा चुहिया को सामान्य मक्के के तेल से बना वसायुक्त खाना दिया। इसके नतीजतन उनके अंदर अनुवांशिक बदलाव […]
वाशिंगटन : अमेरिका में एक नये अध्ययन में पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान लिया गया वसायुक्त आहार आगामी तीन पीढी तक की संतानों में स्तन कैंसर के खतरे को बढा सकता है. शोधकर्ताओं ने गर्भवती मादा चुहिया को सामान्य मक्के के तेल से बना वसायुक्त खाना दिया। इसके नतीजतन उनके अंदर अनुवांशिक बदलाव देखे गये जो काफी हद तक अगली तीन पीढी की मादा संतानों में स्तन कैंसर की संवेदनशीलता में इजाफा की आशंका बताता है.
यह अध्ययन पत्रिका ‘ब्रेस्ट कैंसर रिसर्च ‘ में प्रकाशित हुआ है. अमेरिका में जॉर्जटाउन लॉम्बार्डी कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर में प्रोफेसर लीना हिलाकिवी-क्लार्के ने बताया कि यह अध्ययन गभर्वती महिलाओं में भोजन की परख के लिये एक दिशा का सुझाता है. हिलाकिवी क्लार्के ने कहा, ‘ ‘ऐसा माना जाता है कि पर्यावरणीय कारक एवं भोजन जैसे जीवनशैली कारक मानव जाति में स्तन कैंसर के खतरे को बढाने में अहम भूमिका निभाते हैं और इसलिए महिलाओं एवं उनकी मादा संतानों में खतरे में इजाफा के लिये जिम्मेदार जैविक तंत्र के खुलासा के लिये हमने पशु मॉडल का इस्तेमाल किया. ‘ ‘
इससे पहले अध्ययनों में उन्होंने पाया कि जिन चुहियों ने गर्भावस्था के दौरान अधिक वसायुक्त भोजन किया था उनकी मादा संतानों में स्तन कैंसर का खतरा अधिक था.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




