पीएम मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल 5 आदिवासी नेताओं के बारे कितना जानते हैं आप?

ये हैं मोदी मंत्रिमंडल के 5 आदिवासी मंत्री.
World Tribal Day 2025: विश्व आदिवासी दिवस हर साल 9 अगस्त को मनाया जाता है. आदिवासियों को मान-सम्मान और पर्यावरण संरक्षण में उनके योगदान को याद करने के लिए, उन्हें धन्यवाद देने के लिए मनाया जाता है. उनको मुख्यधारा में लाने की भी पहल है विश्व आदिवासी दिवस. भारत सरकार में पीएम मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में 5 आदिवासियों को जगह दी है. कौन हैं वे 5 आदिवासी मंत्री, यहां पढ़ें.
World Tribal Day 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में कितने आदिवासी मंत्री हैं. किन-किन आदिवासियों को पीएम मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में जगह दी है. विश्व आदिवासी दिवस 2025 पर हम आपको बतायेंगे कि केंद्र सरकार में कितने आदिवासी मंत्री हैं और वे किस विभाग के लिए काम करते हैं. ये आदिवासी मंत्री किस राज्य से आते हैं, यह भी आपको बतायेंगे.
जुएल उरांव : अटल बिहारी वाजपेयी ने सबसे पहले बनाया मंत्री
जुएल उरांव ओडिशा के सुंदरगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं. वह देश के पहले आदिवासी मामलों के मंत्री थे. तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें देश का पहला आदिवासी मामलों का मंत्री बनाया था.
छठी बार चुनाव जीतने वाले जुएल उरांव 1.3 लाख वोटों से जीते हैं. लोकसभा चुनाव 2024 में ओडिशा में बीजेपी को शानदार सफलता मिली थी. वर्ष 2014 में जुएल उरांव ओडिशा से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले अकेले सांसद थे. पीएम मोदी ने तब भी उन्हें अपनी कैबिनेट में जगह दी थी. आदिवासी मामलों का मंत्री बनाया था.
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जुएल उरांव साधारण आदिवासी परिवार से आते हैं. उन्होंने वर्ष 1990 में राजनीतिक करियर की शुरुआत की. इससे पहले वे भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) में असिस्टेंट फोरमैन की नौकरी करते थे.
सर्बानंद सोनोवाल : असम में लिखी बीजेपी की जीत की पटकथा
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार में 2 साल तक खेल और युवा कल्याण विभाग के राज्य मंत्री थे. असम में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत की पटकथा लिखने वाले सर्बानंद सोनोवाल को वहां का मुख्यमंत्री बनाया गया था. मुख्यमंत्री बनने से पहले वह केंद्रीय मंत्रिपरिषद में पूर्वोत्तर के एकमात्र प्रतिनिधि थे.बाद में मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देकर वर्ष 2021 में मोदी कैबिनेट के दूसरे कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बने. सोनोवाल कभी असम गण परिषद में छात्र नेता थे. बाद में वह बीजेपी में शामिल हो गये.
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श्रीपद नाइक : अटल जी के साथ काम करने वाले नेताओं में शुमार
भारतीय जनता पार्टी के गोवा के बड़े नेता हैं श्रीपद नाइक. उत्तरी गोवा से करीब 1 लाख वोटों से जीतने वाले नाइक वर्ष 2009 से लगातार जीत रहे हैं. वर्ष 2009 से पहले उत्तरी गोवा सीट का नाम पणजी लोकसभा सीट हुआ करता था. वर्ष 2000 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री बनने वाले नायक का नाम बीजेपी के उन नेताओं में शामिल है, जिसने दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के साथ काम किया है.
अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में नाइक थे कृषि मंत्री
अटल बिहारी वाजपेयी की कैबिनेट में श्रीपद नाइक को केंद्रीय कृषि मंत्री बनाया गया था. बाद में केंद्रीय जहाजरानी राज्यमंत्री भी बने. उन्होंने करीब एक साल तक देश के वित्त राज्यमंत्री के तौर पर भी काम किया. मोदी सरकार में नाइक ने केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), संस्कृति मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय, केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (आयुष) मंत्रालय सभाल चुके हैं. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में भी नाइक को बीजेपी ने अहम जिम्मेदारी दी थी.
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सावित्री ठाकुर : मध्यप्रदेश की महिला सांसद
मध्यप्रदेश की सांसद सावित्री ठाकुर को मोदी सरकार ने राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार बनाया. लोकसभा सांसद सावित्री ठाकुर धार जिले के धरमपुरी तहसील के ग्राम तारापुर की रहने वाली हैं. पहाड़ी में बसे इस छोटे गांव की सावित्री ठाकुर (46) साल की उम्र में दूसरी बार सांसद बनीं हैं. उनके सामाजिक जीवन की शुरुआत वर्ष 1996 में हुई थी. एक स्वयंसेवी संस्था से जुड़ीं और महिला समन्वयक के तौर पर धार, खरगोन और अन्य क्षेत्रों में आदिवासी और गरीब महिलाओं के उत्थान के लिए काम किया.
दुर्गादास उइके : पहली बार भाजपा के टिकट पर जीते और मंत्री बने
मध्यप्रदेश के बैतूल से आते हैं. दुर्गादास उइके का जन्म 29 अक्टूबर 1963 में ग्राम मीरापुर जिला बैतूल में हुआ था. वह एमए बीएड हैं. पेशे से शिक्षक दुर्गादास उइके वर्ष 2019 में इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए थे और पहली बार उन्हें भाजपा ने लोकसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया. दुर्गादास उइके जीते और पीएम मोदी ने उन्हें अपने मंत्रिपरिषद में जगह दी. वह लंबे समय से गायत्री परिवार से भी जुड़े हैं.
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By Mithilesh Jha
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