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Ratan Tata: रतन टाटा के दयालु स्वभाव को दर्शाती हैं ये घटनाएं

Updated at : 10 Oct 2024 4:35 PM (IST)
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Ratan Tata

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Ratan Tata: इस लेख में आपको यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि ऐसी कौन-कौन सी घटनाएं हैं, जिससे यह साबित हो जाता है कि रतन टाटा बहुत दयालु व्यक्तित्व के इंसान थे.

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Ratan Tata: भारत के जाने माने उद्योगपति रतन टाटा की मृत्यु के बाद देश के हर उम्र का व्यक्ति उनके महान व्यक्तित्व को याद करते नहीं थक रहा है. 28 दिसंबर 1937 को जन्में टाटा का जीवन हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है और हर वर्ग के लोगों का मार्गदर्शन करता है. रतन टाटा ने केवल एक उद्योगपति के रूप में सम्मान हासिल नहीं किया है बल्कि उनकी ईमानदारी और उनके सच्चे दिल के लिए भी लोग उन्हें बहुत पसंद करते हैं. कई ऐसी घटनाएं हैं, जो यह बतलाती हैं कि टाटा जितने बड़े व्यक्ति थे, उससे भी बड़ा वो दिल रखते थे और इंसानियत से बढ़कर वो किसी भी चीज को महत्व नहीं देते थे. इस लेख में आपको यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि ऐसी कौन-कौन सी घटनाएं हैं, जिससे यह साबित हो जाता है कि रतन टाटा का दिल सोने का बना हुआ था.

कुत्ते की देखभाल के लिए ब्रिटेन के राजकुमार से मिलने नहीं गए

रतन टाटा ने जब यूके के प्रिंस चार्ल्स से मिलने का कार्यक्रम रद्द कर दिया था और इसका कारण अपने कुत्ते का बीमार होना बताया, तो इस घटना ने यह साबित कर दिया की उनकी प्राथमिकताएं अलग हैं और वह सामान्य व्यक्ति से एकदम अलग सोच रखते हैं. यह घटना साल 2018 की है जब रतन टाटा को उनके अच्छे कार्यों के लिए सम्मानित करने के लिए प्रिंस चार्ल्स ने यूके आमंत्रित किया था.

आवारा कुत्तों को प्रवेश की अनुमति दिलाई

रतन टाटा उद्योगपति होने के साथ-साथ बहुत दयालु हृदय के व्यक्ति भी थे. रतन टाटा बेजुबान जानवरों से बहुत अधिक प्यार करते थे, उनका यह मानना था कि अगर आवारा कुत्तों को भोजन और आश्रय मिल जाए, समय-समय पर उनकी स्वास्थ्य जांच होती रहे, इससे ज्यादा उन्हें किसी और चीज की आवश्यकता नहीं होती है.

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परोपकारी कार्य

रतन टाटा ने ऐसे कई काम किए हैं, जो उनके जीवन को एक साधारण इंसान के जीवन से अलग बना देते हैं. उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान गरीबों और जरूरतमंदों को काफी उदारता से दान दिया और उन्होंने 2024 में मुंबई में एक पशु अस्पताल और कई स्कूलों और अस्पतालों को भी बनाने में मदद की. 26/11 से प्रभावित 80 कर्मचारियों में से प्रत्येक से व्यक्तिगत रूप से मिले और इन परिवारों की सहायता भी की.

जीवन जीने का तरीका

रतन टाटा न केवल टाटा समूह के अध्यक्ष थे, बल्कि एक असाधारण व्यक्ति और समाज सेवक भी थे, जिन्होंने कई लोगों के जीवन को प्रकाशित किया था. उनके अपार योगदान ने हमारे देश को भी आकार देने में मदद की, रतन टाटा हर वर्ग के व्यक्तियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं, रतन टाटा अपनी ईमानदारी और आपने दयालु स्वभाव के लिए भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं. उनका जीवन जीने का सकारात्मक नजरिया, लोगों को बहुत प्रभावित करता है.

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