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Parenting Tips: बच्चों का भविष्य उज्ज्वल करेंगे गांधी जी के ये सिद्धांत

Updated at : 02 Oct 2024 5:03 PM (IST)
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Parenting Tips: माता-पिता को अपने बच्चों को महात्मा गांधी के जीवन और उनके सिद्धांतों के बारे में बतलाना चाहिए, ये सिद्धांत बच्चों को एक अनुशासित जीवन व्यतीत करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, जिससे उनका जीवन उज्ज्वल बनेगा और उनके व्यक्तिव में नैतिकता और विनम्रता जैसे गुणों का भी विकास होगा.

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Parenting Tips: गांधी जयंती यानि हमारे देश के राष्ट्रीय पिता महात्मा गांधी का जन्म दिन 2 अक्टूबर को मनाया जाता है और इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों में महात्मा गांधी को देश के प्रति उनके योगदान के लिए याद किया जाता है, उनकी याद में कविताएं पढ़ी जाती है और उनकी महान जीवनी को भी याद किया जाता है. महात्मा गांधी का जीवन अपने आप में बहुत बड़ी सीख है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति कुछ ना कुछ अच्छाई ग्रहण कर सकता है. महात्मा गांधी के सिद्धांत ही उन्हें महान बनाते हैं. उनके इन सिद्धांतों से हर उम्र के व्यक्ति को कुछ ना कुछ शिक्षा लेनी चाहिए. माता-पिता को अपने बच्चों को भी महात्मा गांधी के जीवन और उनके सिद्धांतों के बारे में बतलाना चाहिए, ये सिद्धांत बच्चों को एक अनुशासित जीवन व्यतीत करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, जिससे उनका जीवन उज्ज्वल बनेगा और उनके व्यक्तिव में नैतिकता और विनम्रता जैसे गुणों का भी विकास होगा.

माफी का गुण

Credit-istock

महात्मा गांधी ने क्रोध की भावना से छुटकारा पाने के लिए, क्षमा का रास्ता अपनाया था. आप अपने बच्चे के दिमाग को शांत रखने और उन्हें क्रोध का त्याग कर शांति से आगे बढ़ाने के लिए क्षमा का महत्व समझा सकते हैं. यह उनके अंदर अनुकूलता का भाव विकसित करेगा जिसका फायदा उन्हें उनके भविष्य में जरूर होगा.

अहिंसा का मार्ग

महात्मा गांधी को अहिंसा का पुजारी माना जाता है. वो कभी हिंसा के समर्थन में नहीं थे और लोगों को भी अहिंसा के पथ पर चलने की सलह देते थे. अहिंसा का रास्ता व्यक्ति को आंतरिक शांति प्रदान करता है और उसे हर समस्या का समाधान शांति से करने के लिए प्रेरित करता है.

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विनम्र रहना

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आज के युग में बच्चों के अंदर से विनम्रता का गुण गायब होता जा रहा है. यह संस्कारों की कमी के कारण भी देखा जा रहा है. वर्तमान समय में बच्चे बहुत अधिक आत्म-केंद्रित हो गए हैं और उनके अंदर इस भावना का विकास उन्हें कठोर बना देता है, जिस कारण उनके अंदर से विनम्रता की भावना गायब होते जा रही है और उनका दिल कठोर होता जा रहा है, ऐसे बच्चे अपने माता-पिता के प्रति भी अपनी करुणा नहीं प्रदर्शित कर पाते हैं.

ईमानदारी

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वर्तमान समय में ईमानदारी का गुण लोगों के अंदर से खत्म होता जा रहा है, ऐसे में अगर आप यह चाहते हैं कि आपका बच्चा ईमानदार हो, तो उसके लिए आपको उनके अंदर बालपन से ही यह गुण विकसित करने के बारे में सोचना होगा, क्योंकि बचपन में ही अच्छे भविष्य की नींव रखी जाती है, इसलिए आप इस गांधी जयंती अपने बच्चे को ईमानदारी का पाठ भी पढ़ा सकते हैं.

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Tanvi

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