ePaper

Parenting Tips: पहले 7 सालों में ही कैसे तय हो जाता है बच्चे का फ्यूचर? जान लें ताकि ना हो कोई गलती

Updated at : 11 Sep 2025 5:12 PM (IST)
विज्ञापन
parenting tips on first 7 years of chilc

AI generated image

Parenting Tips: बच्चों के पहले 7 साल केवल पढ़ाई या खेलकूद सीखने के नहीं होते, बल्कि पूरी जिंदगी की नींव रखने वाले साल होते हैं. इस दौरान बच्चों को प्यार, पेशेंस, अच्छी आदतें और सुरक्षित माहौल देना सबसे जरूरी है.

विज्ञापन

Parenting Tips: बचपन के शुरुआती साल सिर्फ खेलकूद और मस्ती के लिए नहीं होते, बल्कि इन्हीं सालों में बच्चे की पूरी ज़िंदगी की नींव रखी जाती है. साइंटिफिक रिसर्च बताती है कि जन्म से लेकर 7 साल तक बच्चे का दिमाग सबसे तेजी से डेवलपमेंट होता है और 90 प्रतिशत ब्रेन डेवलपमेंट इसी दौरान पूरा हो जाता है. एक्सपर्ट के अनुसार इस उम्र में बच्चा स्पॉन्ज की तरह हर एक्सपीरियंस को एब्जॉर्ब करता है चाहे वह भाषा हो, आदतें हों, इमोशंस हों या फैमिली मेंबर्स का व्यवहार. यही वजह है कि कम उम्र में मिले एक्सपीरियंस, प्यार, माहौल और सीख उनकी थिंकिंग, कॉन्फिडेंस और फ्यूचर की दिशा तय करते हैं. कह सकते हैं कि पहले 7 सालों में डाली गई बुनियाद पर ही पूरी जिंदगी की इमारत खड़ी होती है.

परिवार और माहौल का गहरा असर

एक्सपर्ट्स के अनुसार बच्चे शुरुआत में अपने परिवार और आस-पास के माहौल से ही सीखते हैं. अगर उन्हें प्यार, सिक्योरिटी और पॉजिटिव माहौल मिलता है, तो उनका कॉन्फिडेंस और ट्रस्ट बढ़ता है. वहीं, अगर लगातार डांट, डर या उन्हें नजरअंदाज किया जाए तो बच्चा अंदर से डरपोक, गुस्सैल या इनसिक्योर महसूस करने लगता है. यही कारण है कि पैरेंट का व्यवहार बच्चों की मेंटलिटी पर गहरा असर डालता है.

यह भी पढ़ें: Parenting Tips: बिना किसी शैतानी के बातें मानेगा बच्चा! सही संस्कार और डिसप्लिन सिखाने के लिए पैरेंट्स जरूर अपनाएं ये ट्रिक्स

यह भी पढ़ें: Parenting Tips: बच्चे को बनना चाहते हैं एक बेहतर लीडर और सफल इंसान? ये कारगर टिप्स आएंगे आपके काम

आदतें और वैल्यूज यहीं से बनते हैं

एक्सपर्ट्स की अगर मानें तो 7 साल तक बच्चे अपनी डेली रूटीन की आदतें और लाइफ वैल्यू सीख जाते हैं. जैसे दूसरों से कैसे बात करनी है, मुश्किल हालात में कैसे रिएक्ट करना है, या फिर डिसिप्लिन और ईमानदारी जैसी बातें. ये आदतें बाद में बदलना काफी मुश्किल हो जाता है क्योंकि ये उनके अंदर गहरी जड़ें जमा लेती हैं.

इमोशनल और सोशल स्किल्स

इसी उम्र में बच्चे अपनी इमोशंस को पहचानना और उन्हें जाहिर करना सीखते हैं. अगर पैरेंट्स उन्हें सुनते हैं, समझते हैं और सही गाइड करते हैं तो बच्चे इमोशनली स्ट्रॉन्ग बनते हैं. इसके साथ ही दोस्त बनाना, चीजें और बातें शेयर करना और टीमवर्क जैसी सोशल स्किल्स भी इन्हीं सालों में शेप लेती हैं.

पैरेंट्स को क्यों रहना चाहिए सावधान?

अक्सर माता-पिता सोचते हैं कि बच्चा छोटा है, अभी समझता नहीं है. लेकिन सच यह है कि बच्चा हर चीज नोटिस करता है और उसी पैटर्न को कॉपी करता है. अगर घर का माहौल पॉजिटिव होगा तो बच्चा खुशमिजाज और कॉन्फिडेंट बनेगा, और अगर माहौल स्ट्रेस से भरा हुआ होगा तो उसके पर्सनालिटी पर भी इसका असर पड़ेगा.

यह भी पढ़ें: Parenting Tips: पैरेंट्स की असफलता बच्चों के लिए कैसे बनती है सक्सेस का लेसन? जानें सबसे बड़ी पैरेंटिंग हैक

विज्ञापन
Saurabh Poddar

लेखक के बारे में

By Saurabh Poddar

मैं सौरभ पोद्दार, पिछले लगभग 3 सालों से लाइफस्टाइल बीट पर लेखन कर रहा हूं. इस दौरान मैंने लाइफस्टाइल से जुड़े कई ऐसे विषयों को कवर किया है, जो न सिर्फ ट्रेंड में रहते हैं बल्कि आम पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी से भी सीधे जुड़े होते हैं. मेरी लेखनी का फोकस हमेशा सरल, यूजर-फ्रेंडली और भरोसेमंद भाषा में जानकारी देना रहा है, ताकि हर वर्ग का पाठक कंटेंट को आसानी से समझ सके. फैशन, हेल्थ, फिटनेस, ब्यूटी, रिलेशनशिप, ट्रैवल और सोशल ट्रेंड्स जैसे विषयों पर लिखना मुझे खास तौर पर पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola