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Kali Puja At Home: घर पर काली पूजा कैसे करें, जानिए सरल विधि और फायदे 

Updated at : 19 Oct 2025 12:49 PM (IST)
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Kali Puja At Home: काली पूजा करने से लोगों के घरों में सुख, समृद्धि और धन धान्य की कृपया बनी रहती है. ये पूजा खासकर बंगाल में और उसके आस-पास में मनाया जाता है. बंगाली की तरफ इस पूजा का आयोजन भव्य तरह से किया जाता है. कई लोग मंदिर में पूजा करने जाते हैं तो कई लू घर पर ही माँ काली की पूजा करते हैं. ऐसे में लोग कई बार घर में पूजा करने से इसलिए भी कतराते हैं कि घर में पूजा कैसे करते हैं वो उन्हें नहीं मालूम होती है.

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Kali Puja At Home: दिवाली के समय में काली पूजा का आयोजन होता है. काली पूजा करने से लोगों के घरों में सुख, समृद्धि और धन धान्य की कृपया बनी रहती है.  ये पूजा खासकर बंगाल में और उसके आस-पास में  मनाया जाता है. बंगाली की तरफ इस पूजा का आयोजन भव्य तरह से किया जाता है. कई लोग मंदिर में पूजा करने जाते हैं तो कई लू घर पर ही माँ काली की पूजा करते हैं. ऐसे में लोग कई बार घर में पूजा करने से इसलिए भी कतराते हैं कि घर में पूजा कैसे करते हैं वो उन्हें नहीं मालूम होती है. इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि आप घर पर काली पूजा कैसे कर सकते हैं. 

काली पूजा कब करनी चाहिए?

काली पूजा अमावस्या अंतिम दिन या कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी की रात को की जाती है. यह रात देवी काली की विशेष रात मानी जाती है.

काली पूजा करने के लिए घर में कौन-कौन सी सामग्री की जरूरत पड़ती है?

काली देवी की प्रतिमा या फोटो
लाल वस्त्र और वस्त्र सामग्री
पुष्प (जैसे गुलाब, गेंदा)
दीपक और दीपमालिका
चावल, दही, मिश्री, नारियल
अगरबत्ती और धूप
लाल माला (अगर उपलब्ध हो)
सुपारी, बेलपत्र और छोटी मिठाइयाँ

काली पूजा करने कि क्या विधि होती है?

पूजन स्थल तैयार करें:
पूजा के स्थान को साफ करें और लाल कपड़े या वस्त्र बिछाएं. देवी की प्रतिमा या फोटो स्थापित करें.

दीपक और धूप जलाएँ: देवी के सामने दीपक और धूप जलाकर वातावरण को पवित्र करें.

फूल और नारियल अर्पित करें: देवी को फूल, नारियल, मिश्री और सुपारी अर्पित करें.

मंत्र या भजन का जाप करें: “ॐ काली काली महाकाली” या कोई पारंपरिक काली स्तुति का जाप करें.

नारियल और मिठाइयों का वितरण करें:
पूजा के अंत में नारियल और मिठाइयाँ परिवार और आसपास के लोगों में बाँटें.

क्या काली पूजा में उपवास जरूरी है?

व्रत करना जरूरी नहीं है, लेकिन कुछ लोग फलाहारी व्रत रखते हैं ताकि पूजा का महत्व बढ़ सके.

काली पूजा में कौन-कौन सी बाते ध्यान देने लायक होती है?

पूजा स्थल हमेशा साफ और पवित्र होना चाहिए.
माता के प्रति भक्ति और श्रद्धा भाव हमेशा बनाए रखें.
अगर संभव हो, तो परिवार के सभी सदस्य मिलकर पूजा करें.

काली पूजा करने के क्या फायदे होते हैं?

घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है.
माँ काली की कृपा से संकट दूर होते हैं.
आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति बढ़ती है.

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Prerna

लेखक के बारे में

By Prerna

मैं प्रेरणा प्रभा पिछले 4 साल से डिजिटल मीडिया में काम कर रही हूं. मैंने लगभग 3 साल ग्राउन्ड रिपोर्टिंग करके सरकार से जुड़े कई मुद्दों को उठाया है, इसके साथ ही कई और बड़ी खबरों को कवर किया है. अभी फिलहाल में प्रभात खबर के लाइफस्टाइल और हेल्थ के सेक्शन में खबरें लिखती हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जो भी पाठक लाइफस्टाइल और हेल्थ के बारे में कुछ खोज रहे हो उन्हें में वो खबरें सरल और आसान भाषा में लिख कर दे सकूं.

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