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Guru Parv 2021 Recipe: गुरुपर्व घर पर बनाएं गुरुद्वारे जैसा स्वादिष्ट 'कड़ा प्रसाद'

Updated at : 18 Nov 2021 5:39 PM (IST)
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Guru Parv 2021 Recipe: गुरुपर्व घर पर बनाएं गुरुद्वारे जैसा स्वादिष्ट 'कड़ा प्रसाद'

Guru Parv 2021 Recipe: प्रत्येक वर्ष  कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को गुरुनानक जयंती मनाई जाती है. इस दिन कड़ा प्रसाद का भी काफी महत्व है. गुरुद्वारे में मिलने वाला कड़ा प्रसाद सभी को पसंद होता है. आइए जानते हैं आटे से बना हलवा या कड़ा प्रसाद बनाने का बेहद आसान तरीका

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गुरु नानक जयंती, जिसे गुरुपुरब भी कहा जाता है, सिख समुदाय में सबसे शुभ अवसरों में से एक है. यह त्योहार कल मनाया जाएगा. इस दिन प्रातः प्रभात फेरी निकाली जाती है और गुरुद्वारों में कीर्तन व लंगर का आयोजन किया जाता है. इस दिन कड़ा प्रसाद का भी काफी महत्व है.

गुरुद्वारे में मिलने वाला कड़ा प्रसाद सभी को पसंद होता है। हर कोई जब घर पर हलवा बनाता है तो कोशिश करता है वैसा बना पाए, लेकिन सारे प्रयास करने के बाद भी वैसा हलवा नहीं बन पाता. आइए जानते हैं आटे से बना हलवा या कड़ा प्रसाद बनाने का बेहद आसान तरीका

सामग्री (4 सर्विंग) –

गेहूं का आटा – 80 ग्राम

घी – 110 ग्राम

चीनी – 110 ग्राम

पानी – 1,1/2 कप

कड़ा प्रसाद बनाने का आसान तरीका-

  • कड़ाह प्रसाद बनाने के लिए सबसे पहले मोटे तल वाला बर्तन लें. जब यह गर्म हो जाए तो इसमें घी डालकर पिघलाएं.

  • दूसरी तरफ एक बर्तन में चार कप पानी मध्यम आंच पर उबलने के लिए रखें.

  • घी में गर्म होने पर उसमें आटा डालकर अच्छी तरह मिक्स करते हुए उसे सुनहरा होने तक भूनें. ध्यान रखें हलवा बनाने के लिए गेहूं का मोटा पिसा आटा ही अच्छा होता है.

  • जब आचा सुनहरा हो जाए उसमें चीनी और उबला हुआ पानी डालकर अच्छी तरह चलाते हुए पकाएं.

  • पानी डालते वक्त हलवे में बिल्कुल गांठ न पड़ने दें.

  • पानी को सूखने तक चलाते हुए पकाएं.

  • आपका हलवा बनकर तैयार है। ठंडा होने के बाद सर्व करें.

गुरु नानक जयंती का महत्व

गुरू नानक देव जी का जन्म कार्तिक पूर्णिमा के दिन 1469 ई. में ननकाना साहिब में हुआ था. वे सिख धर्म के संस्थापक थे, यही वजह है कि उनका जन्म शुभ और दिव्य माना जाता है. गुरु नानक देव की शिक्षाओं पर दोबारा गौर करने के लिए गुरु नानक जयंती मनाई जाती है. गुरू नानक जी की प्राथमिक शिक्षाओं में से एक है इक ‘ओंकार’ इसका मतलब है कि ईश्वर एक है. वो हर जगह विद्यमान हैं. गुरु नानक देव कहते हैं कि सबके साथ प्रेम और सम्मान के साथ रहना चाहिए.

Posted By: Shaurya Punj

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