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Dr. Ambedkar Death Anniversary: डा. आंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस आज, यहां देखें उनके महान विचार

Updated at : 06 Dec 2022 8:21 AM (IST)
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Dr. Ambedkar Death Anniversary: डा. आंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस आज, यहां देखें उनके महान विचार

Dr. Ambedkar Death Anniversary Images Messages Quotes: डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि 6 दिसंबर को प्रत्येक वर्ष महापरिनिर्वाण दिवस (Mahaparinirvan Diwas) के रूप में मनाया जाता है. भीमराव रामजी आंबेडकर संविधान निर्माता के तौर पर जाने जाते हैं.डॉ भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि पर जानें उनके महान विचार.

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डॉ भीमराव आंबेडकर का जन्म मध्यप्रदेश के महू में 14 अप्रैल सन् 1891 को हुआ था और 6 दिसंबर 1956 को उनका देहावसान हुआ था. 6 दिसंबर को प्रत्येक वर्ष महापरिनिर्वाण दिवस (Mahaparinirvan Diwas) के रूप में मनाया जाता है. आइए आज उनकी पुण्यतिथि पर जानिए उनके महान विचार.

  • आदि से अंत तक हम सिर्फ एक भारतीय है.

  • हम जो स्वतंत्रता मिली हैं उसके लिए क्या कर रहे हैं? यह स्वतंत्रता हमें अपनी सामाजिक व्यवस्था को सुधारने के लिए मिली हैं. जो असमानता, भेदभाव और अन्य चीजों से भरी हुई है, जो हमारे मौलिक अधिकारों के साथ संघर्ष करती है.

  • “स्‍वतंत्रता का अर्थ साहस है, और साहस एक पार्टी में व्‍यक्तियों के संयोजन से पैदा होता है.

  • शिक्षा महिलाओं के लिए भी उतनी ही जरूरी है जितनी पुरषों के लिए.

  • ज्ञान हर व्‍‍यक्ति के जीवन का आधार है.

  • पुरुष नश्वर हैं. तो विचार हैं. एक विचार को प्रसार की आवश्यकता होती है जितना एक पौधे को पानी की आवश्यकता होती है. नहीं तो दोनों मुरझाएंगे और मरेंगे.

  • राजनीतिक अत्याचार, सामाजिक अत्याचार की तुलना में कुछ भी नहीं है. समाज को बदनाम करने वाले सुधारक सरकार को नकारने वाले राजनेता की तुलना में अधिक अच्छे व्यक्ति हैं.

  • महान प्रयासों को छोड़कर इस दुनिया में कुछ भी बहुमूल्‍य नहीं है.

  • एक सफल क्रांति के लिए यह आवश्यक नहीं है कि असंतोष हो. जो आवश्यक है वह हैं न्याय, आवश्यकता, राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों के महत्व पर गहन और गहन विश्वास.

  • कुछ लोग सोचते हैं कि धर्म समाज के लिए आवश्यक नहीं है. मैं यह दृष्टिकोण नहीं रखता. मैं धर्म की नींव को समाज के जीवन और प्रथाओं के लिए आवश्यक मानता हूं.

डॉ. आंबेडकर ने कब अपनाया था बौद्ध धर्म?

संविधान निर्माता डॉ.भीमराव आंबेडकर ने बरसों तक बौद्ध धर्म का अध्ययन किया था. उसके बाद 14 अक्टूबर, 1956 को उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया था. उनके साथ उनके करीब 5 लाख समर्थक भी बौद्ध धर्म में शामिल हो गए थे.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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