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Chanakya Niti: जितनी जल्दी हो सके इन 3 लोगों से बना लें दूरी, वरना बर्बाद हो जाएगी जिंदगी

Updated at : 15 Feb 2025 3:06 PM (IST)
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Chanakya Niti

Chanakya Niti

Chanakya Niti: चाणक्य ने जीवन के सभी पहलुओं जैसे राजनीति, समाज, धर्म, शिक्षा और निजी संबंधों पर विस्तार से चर्चा की है. ये नीतियां व्यक्ति को जीवन जीने की कला सिखाती है.

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Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य अर्थशास्त्री होने के साथ-साथ रणनीतिकार और कुशल राजनीतिज्ञ थे. उन्होंने अपनी शिक्षाओं और अनुभव के आधार पर एक ग्रंथ की रचना की थी, जिसे चाणक्य नीति के नाम से जाना जाता है. इस ग्रंथ में चाणक्य ने जीवन के सभी पहलुओं जैसे राजनीति, समाज, धर्म, शिक्षा और निजी संबंधों पर विस्तार से चर्चा की है. ये नीतियां व्यक्ति को जीवन जीने की कला सिखाती है. ये नीतियां व्यक्ति को लक्ष्य प्राप्ति में सहयोग करती हैं. ऐसे में जो व्यक्ति अपनी जिंदगी में सफल होने की चाह रखता है, उसे इन लोगों से जितनी जल्दी हो सके दूरियां बना लेनी चाहिए. अगर व्यक्ति इन लोगों से कोई संबंध रखता है, तो वह अपने जीवन में कभी सफल नहीं हो पाएगा.

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झगड़ालू स्वभाव की महिलाओं से

चाणक्य नीति के अनुसार, जो महिलाएं झगड़ालू प्रवृत्ति की होती हैं, उनसे हमेशा दूरी बना के ही रखनी चाहिए. ये महिलाएं व्यक्ति को मानसिक सुख या शांति कभी नहीं दे पाती हैं. इस स्वभाव वाली महिलाओं से शादी करने का फैसला भी सही नहीं होता है. झगड़ालू स्वभाव की महिला से शादी करने वाले व्यक्ति के जीवन में परेशानियां और बाधाएं कभी कम नहीं होती हैं. ऐसे में जितनी जल्दी हो सके इन महिलाओं से छुटकारा पा लेना चाहिए.

स्वार्थी रिश्तेदार और दोस्तों से

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि चाहे दोस्त हो या रिश्तेदार स्वार्थी लोगों से कभी संबंध नहीं रखना चाहिए, क्योंकि ये लोग अपने स्वार्थ की वजह से ही आपसे जुड़े हुए होते हैं. जब काम निकल जाता है, तो ये दूरियां बना लेते हैं. ऐसे में स्वार्थी रिश्तेदार और दोस्तों से जितनी जल्दी हो सके दूरियां बना लेनी चाहिए.

अज्ञानी गुरु से

व्यक्ति के जीवन में गुरु का बड़ा महत्व होता है. गुरु व्यक्ति को सफलता के शिखर तक भी पहुंचा सकता है और गहरी खाई में भी गिरा सकता है. ऐसे में व्यक्ति को गुरु का चयन बहुत सोच-विचार कर करना चाहिए. चाणक्य नीति के अनुसार, जिस गुरु या शिक्षक में ज्ञान और शिक्षा का अभाव हो, उससे तत्काल प्रभाव से दूरी बनाना शुरू कर देना चाहिए. जब गुरु ही अज्ञानी हो, तो वह कैसे शिष्य के जीवन में उजाला भर सकता है.

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Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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Shashank Baranwal

लेखक के बारे में

By Shashank Baranwal

जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.

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