Pollution: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर आप और भाजपा के बीच राजनीति तेज

Published by : Vinay Tiwari Updated At : 18 Dec 2025 4:59 PM

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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को लेकर राजनीति भी हावी है. केंद्र सरकार ने प्रदूषण के हालात से निपटने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है. यह समिति प्रदूषण से निपटने के उपाय देगी. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रदूषण से निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाने का सुझाव दिया है. वहीं दूसरी ओर प्रदूषण के मसले पर आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. भाजपा का आरोप है कि आप सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए कोई काम नहीं किया, वहीं आप ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदूषण को लेकर गंभीर नहीं है.

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Pollution: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई. इस मामले की गूंज सुप्रीम कोर्ट से लेकर संसद तक सुनाई दे रही है. साथ ही दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को लेकर राजनीति भी हावी है. केंद्र सरकार ने प्रदूषण के हालात से निपटने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है. यह समिति प्रदूषण से निपटने के उपाय देगी. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रदूषण से निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाने का सुझाव दिया है. वहीं दूसरी ओर प्रदूषण के मसले पर आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. गुरुवार को दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि पिछली आप सरकार प्रदूषण से जुड़ा कोई भी काम नहीं किया. अगर आप सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए थोड़ा भी काम किया होता तो दिल्ली को ऐसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता. वर्मा ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या काफी पुरानी है और इसका समाधान करने में समय लगेगा.

दिल्ली सरकार चरणबद्ध तरीके से प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठा रही है. इसके लिए आम लोगों का सहयोग जरूरी है. सरकार दिल्ली के लोगों पर कोई भी सख्त कानून और नियम जबरन नहीं थोपना चाहती है. लेकिन सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देश के पालन में आम लोगों का सहयोग जरूरी है. उन्होंने कहा कि पूर्व की आप सरकार ने कचरे के पहाड़ों को हटाने, पार्क बनाना, फुटपाथों की मरम्मत, ई-कचरा प्रबंधन, यमुना नदी की सफाई, सीवेज ट्रीटमेंट, सड़कों की सफाई और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए कोई काम नहीं किया. प्रदूषण की समस्या एक साल में पैदा नहीं हुई है और यह बहुत समय से चली आ रही है. दिल्ली की भाजपा की सरकार पिछले 9 महीने प्रदूषण से निपटने के लिए जमीन पर काम कर रही है. दिल्ली को पेरिस बनाने का दावा करने वाले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों को धोखा देने का काम किया. 

मौजूदा सरकार प्रदूषण से निपटने में विफल

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आप सरकार के दौरान दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति ऐसी नहीं थी. आप सरकार के दौरान प्रदूषण से निपटने के लिए सख्त कदम उठाए गए. वहीं मौजूदा दिल्ली सरकार प्रदूषण से निपटने की बजाय वायु गुणवत्ता सूचकांक के आंकड़े का प्रबंधन करने में समय बर्बाद कर रही है. दिल्ली गैस चैंबर बन गयी है और देश के प्रधानमंत्री को इससे कोई मतलब नहीं है. ऐसे में दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त कैसे किया जा सकता है. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार वायु गुणवत्ता सूचकांक को जांचने वाली मशीन के पास ही पानी का छिड़काव कर प्रदूषण को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं,

लेकिन इन तमाम प्रयासों के बावजूद वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक श्रेणी में बना हुआ है. प्रदूषण से निपटने के लिए कई दिनों बाद ग्रैप-4 को लागू किया गया. जमीनी स्तर पर ग्रैप-4 के तहत लागू पाबंदियों को लागू नहीं किया जा रहा है. देश की राजधानी में इतनी भयावह स्थिति के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदूषण पर कोई बयान नहीं दिया है. जबकि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र सरकार की सक्रिय भागीदारी जरूरी है. प्रदूषण कम करने के लिए सरकार को चीन के मॉडल से सबक लेने की जरूरत है. 

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