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Chanakya Niti: जिंदगी भर झेलेंगे कष्ट, सुख की बजाय मिलेगा दुख, जितनी जल्दी हो सके तोड़ लें इन 3 लोगों से संबंध

Updated at : 03 Mar 2025 8:34 AM (IST)
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Chanakya Niti

Chanakya AI Image

Chanakya Niti: चाणक्य नीति में समाज के हर संबंधों के गुणों और अवगुणों के बारे में बताया गया है. ऐसे में उन्होंने गुरु, पत्नी और भाई-बंधुओ से संबंधित लोगों के अवगुणओं के बारे में भी बताया है.

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Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य अर्थशास्त्री के साथ कुशल रणनीतिकार और राजनीतिज्ञ भी थे. उन्होंने जीवन के अनुभवों के आधार पर एक ग्रंथ की रचना की, जिसे चाणक्य नीति के नाम से जाना जाता है. इस ग्रंथ में चाणक्य ने राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक और निजी संबंधों से जुड़े जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की है. ये नीतियां अंधेरे में रोशनी फैलाने का काम करता है. जो व्यक्ति चाणक्य की नीतियों को अमल में लाता है, वह एक न एक दिन लक्ष्य को जरूर हासिल कर लेगा. यह एक ऐसा अद्भुत दर्शन है, जिसकी प्रासंगिकता हजारों साल के बाद भी आज के आधुनिक युग में बनी हुई है. चाणक्य नीति में समाज के हर संबंधों के गुणों और अवगुणों के बारे में बताया गया है. इसी तरह एक श्लोक में चाणक्य ने भाई-बंधु, पत्नी और गुरु के अवगुणों के बारे में बताया गया है, जिससे समय रहते दूरी बना लेना ही सही होता है. इनसे संबंधों को त्यागे बिना जीवन में सफलता नहीं मिल पाएगी.

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सुख के बजाय मिलता है दुख

चाणक्य नीति के अनुसार, शक्की मिजाज, बात-बात पर लड़ाई और मुंह फुला के बैठने वाली पत्नी से दूर रहना ही सही होता है. इनकी वजह से घर का माहौल बिगड़ जाता है. ऐसी पत्नी से संबंधों का त्याग करना ही सही होता है, क्योंकि ऐसी पत्नी से सुख के बजाय दुख ही मिलता है.

उन्नति के बजाय पतन की ओर बढ़ता है जीवन

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिस गुरु के पास विद्या न हो, जिसका चरित्र खराब हो, जो नशा करता हो और जिसकी वाणी में मधुरता न हो, ऐसे शिक्षकों का त्याग करना ही श्रेयस्कर होता है. ऐसे लोगों को अपना शिक्षक कभी नहीं बनाना चाहिए, क्योंकि ये लोग गुरु के नाम पर कलंक होते हैं. यह जीवन की उन्नति के बजाय पतन की ओर ले जाते हैं.

संकट के समय मोड़ लेते हैं मुंह

चाणक्य नीति के मुताबिक, जो आपका सम्मान और आपके प्रति स्नेह न रखे, ऐसे भाई-बंधुओं से दूरी बनाना ही सही होता है. ऐसे लोगों का होना या न होना बराबर होता है, क्योंकि ऐसे भाई-बंधु संकट के समय मुंह मोड़ लेते हैं. इसलिए इन लोगों से जितनी जल्दी हो सके संबंधों का त्याग कर लेना चाहिए.

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Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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Shashank Baranwal

लेखक के बारे में

By Shashank Baranwal

जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.

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