2030 तक विकसित राज्यों की लिस्ट में होगा शामिल बिहार, वित्त मंत्री ने किया दावा

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 23 Feb 2026 5:00 PM

विज्ञापन

वित्त मंत्री विजेंद्र यादव

Bihar: बिहार के वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने विपक्ष के खजाना खाली होने के दावों को नकारते हुए कहा है कि राज्य की वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत है. उन्होंने कहा कि 2030 तक बिहार देश के विकसित राज्यों की कटेगरी में होगा और विकास के कामों के लिए पैसों की कोई कमी नहीं है.

विज्ञापन

Bihar: वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा है कि बिहार अब पिछड़ा नहीं रहेगा और साल 2030 तक यह देश के सबसे विकसित राज्यों की कतार में खड़ा होगा. मंत्री ने विपक्ष के उन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया जिनमें कहा जा रहा था कि बिहार सरकार का खजाना खाली हो चुका है.

विजेंद्र यादव ने आंकड़ों के जरिए अपनी बात रखते हुए बताया कि साल 2005 में जब उनकी सरकार आई थी, तब बिहार का कुल बजट महज 23885 करोड़ रुपये था और आज 3.47 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो चुका है. यह इस बात का सबूत है कि राज्य की अर्थव्यवस्था न केवल बढ़ रही है, बल्कि बहुत मजबूत स्थिति में भी है.

विपक्ष पर पलटवार

वित्त मंत्री ने राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर भी हैरानी जताई. उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार का घाटा निर्धारित 3% की सीमा के भीतर है, जबकि विपक्ष इसे 18% बताकर जनता को डराने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि हर साल बजट सत्र के दौरान विपक्ष ऐसी बातें करता है, जो बाद में झूठी साबित होती हैं.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

मिशन मोड में काम कर रही सरकार

सरकार का पूरा ध्यान फिलहाल शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती, रोजगार और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर है. मंत्री ने कहा कि सभी सरकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध है और इन्हें तय समय पर पूरा किया जा रहा है. सरकार मिशन मोड में काम कर रही है इसी का नतीजा है कि बिहार आज तेजी से प्रगति कर रहा है और इसका असर आने वाले कुछ सालों में पूरी दुनिया के सामने होगा.

इसे भी पढ़ें: सुल्तानगंज का नाम बदलने की तैयारी तेज, अब अजगैबीनाथ धाम के नाम से जाना जाएगा शहर

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन