‘बेसिक मैथ्स’ समझती हैं मधुमक्खियां : सर्वे
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Feb 2019 4:08 PM
नयी दिल्ली : नये शोध में यह बात सामने आयी है कि मधुमक्खी का दिमाग भले ही बहुत छोटा होता है, लेकिन वे आश्चर्यजनक रूप से बहुत चालाक होती है. एक आस्ट्रेलियाई सर्वे में यह बात सामने आयी है कि मधुमक्खी शून्य की अवधारणा को समझती है. साथ ही वह यह भी समझती है कि […]
नयी दिल्ली : नये शोध में यह बात सामने आयी है कि मधुमक्खी का दिमाग भले ही बहुत छोटा होता है, लेकिन वे आश्चर्यजनक रूप से बहुत चालाक होती है. एक आस्ट्रेलियाई सर्वे में यह बात सामने आयी है कि मधुमक्खी शून्य की अवधारणा को समझती है. साथ ही वह यह भी समझती है कि दो समूहों में से कौन सा छोटा है.
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हालांकि कुछ लोगों ने यह शंका भी जतायी है कि क्या सचमुच मधुमक्खी के पास संख्याओं को समझने के लिए मस्तिष्क है? साथ ही जानकारों का यह भी मानना है कि मधुमक्खी के व्यवहार को आसानी से समझना बहुत कठिन है. मधुमक्खियों की विशेषता यह है कि वे समूह में रहती हैं. इसकी पांच प्रमुख प्रजातियां हैं, जिनमें से चार भारत में पायी जाती है.
मधुमक्खियों के परिवार में केवल एक रानी होती है. यह पूर्ण विकसित मादा होती है, जो पूरे परिवार में अकेले अंडा देने का काम करती है. इसका आकार मधुमक्खियों से बड़ा और चमकीला होती है. परिवार में प्रजनन काल के अनुसार नर मधुमक्खी की संख्या घटती-बढ़ती रहती है. प्रजनन काल में एक परिवार में ये ढाई-तीन सौ तक हो जाते हैं जबकि विपरीत परिस्थितियों में इनकी संख्या शून्य तक हो जाती है. इनका काम केवल रानी मधुमक्खी को गर्भाधारण कराना होता है.
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