World Sleep Day 2022: सही Posture के साथ ऐसे लें क्वालिटी वाली नींद, जानें इसके फायदे

World Sleep Day 2022: इस विश्व नींद दिवस पर अपने सोने के पैटर्न का ध्यान रखने, सोने की सही मुद्रा सुनिश्चित करने और स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ने का संकल्प लें.
World Sleep Day 2022: जब ‘नींद’ अच्छी होती है, तो स्वास्थ्य और खुशी बहुत अधिक होती है. क्या यह स्वस्थ जीवन जीने का एक बढ़िया तरीका नहीं है! खैर, आदर्श रूप से जीवन की इष्टतम गुणवत्ता प्राप्त करने का यही गुप्त मंत्र है. आइए इस विश्व नींद दिवस पर अपने सोने के पैटर्न का ध्यान रखने, सोने की सही मुद्रा सुनिश्चित करने और स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ने का संकल्प लें. आज विश्व नींद दिवस मनाया जा रहा है. अच्छी नींद आज के समय में आधुनिक जीवन शैली की आदतों के कारण खतरे में पड़ गया है. लेकिन नींद संबंधी विकारों की रोकथाम और प्रबंधन के बेहतर तरीके अपनाकर हम निश्चित रूप से अच्छी नींद पाने में कामयाब हो सकते हैं.
विश्व नींद दिवस पर पर्याप्त नींद सुनिश्चित करने के लिए सोने की सही मुद्राएं जान लें
पीठ के बल सोना : इस तरीके से सोना गर्दन और रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है. इसे ‘supine position’ या ‘शवासन’ के रूप में भी जाना जाता है. आपके शरीर के वजन को समान रूप से वितरित करने के साथ, हमारी रीढ़ की हड्डी सीधी और बिना मुड़े रहती है, जिसे बहुत जरूरी सहारा मिलता है. इसके अलावा, यह आसन चेहरे की झुर्रियों को रोकने में भी मदद करता है.
अपने घुटनों के नीचे तकिया रखें: इस पोजीशन में सोते समय आप अपने घुटनों के नीचे तकिये का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह आपकी पीठ के निचले हिस्से में उस कर्व को बनाए रखने में मदद करता है. इससे शरीर के दबाव बिंदुओं पर तनाव कम होता है.
अपनी पीठ के बल झुकी हुई स्थिति में सोएं: यह इस्थमिक स्पोंडिलोलिस्थीसिस के रोगियों के लिए फायदेमंद है क्योंकि यह जांघों और धड़ के बीच एक कोण सुनिश्चित करता है, और रीढ़ पर दबाव कम करता है.
गुणवत्तापूर्ण नींद और अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए यह सबसे अच्छी और अत्यधिक अनुशंसित मुद्रा है. इस स्थिति में रीढ़ लंबी और अपेक्षाकृत तटस्थ रहती है (बिल्कुल सही गद्दे के साथ), गर्दन, पीठ, कंधे के दर्द को कम करती है.
आप सिर और गर्दन को सहारा देने के लिए एक फर्म, मध्यम-ऊंचाई तकिए या एर्गोनोमिक कुशन का उपयोग कर सकते हैं.
यदि आप अपने घुटनों के बीच एक तकिया का उपयोग करते हैं तो कूल्हों, श्रोणि और रीढ़ की हड्डी को बेहतर संरेखण मिलता है. साथ ही खाना खाने के बाद बायीं करवट सोएं.
पेट के बल सोना थोड़ा ‘मकारासन’ के समान, इसे प्रवण स्थिति के रूप में भी जाना जाता है, जो खर्राटों को कम करने में मदद कर सकता है. यह अपक्षयी रोगों वाले लोगों के लिए फायदेमंद है.
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