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Soaked Dry Fruits : कौन से मेवों को भीगा कर खाने से मिलता है सेहत को लाभ?

Updated at : 08 Sep 2024 9:06 AM (IST)
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soaked dry fruits

soaked Dry Fruits

Soaked Dry Fruits : जैसा कि हम सबको पता है मेवों में भरपूर पोषण और शरीर के लिए फायदेमंद विटामिन्स, मिनरल्स पाए जाते हैं और कुछ मेवों को भीगा कर खाने से उनमें मौजूद पोषण दो गुना बढ़ जाता है और इन्हें पचाना भी आसान हो जाता है.

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Soaked Dry Fruits : जैसा कि हम सबको पता है मेवों में भरपूर पोषण और शरीर के लिए फायदेमंद विटामिन्स, मिनरल्स पाए जाते हैं और कुछ मेवों को भीगा कर खाने से उनमें मौजूद पोषण दो गुना बढ़ जाता है और इन्हें पचाना भी आसान हो जाता है. लेकिन कुछ मेवे ऐसे होते हैं जिन्हें बिना भिगाए खाने में ही मजा आता है.

अगर आप प्रतिदिन मेवे का सेवन करते हैं, तो आपके लिए यह बात जानना बहुत जरूरी है कि कौन से मेवे को भीगा कर खाने से आपकी सेहत को दुगना लाभ मिल सकता है, और कौन से मेवों बिना भिगाए खाने से ही शरीर को लाभ मिलता है.

Soaked Dry Fruits : कौन से मेवों को भीगा कर खाना चाहिए ?

Soaked Dry Fruits : Almond : बादाम

बादाम को उसमें मौजूद हेल्दी फैट, प्रोटीन और जरूरी विटामिन के स्रोत के रूप में जाना जाता है. ऐसे में बादाम को रात भर भिगोकर रखने से उसमें मौजूद एंजाइम एक्टिवेट हो जाता है और यह पाचन क्रिया को बेहतर करने में मदद करता है. इसके अलावा भिगोने से बादाम में मौजूद विटामिन ई और मैग्नीशियम की मात्रा भी बढ़ जाती है.

बादाम भीगाकर खाने से क्या होता है ?

बादाम को रात भर भिगोकर रखने से उसमें मौजूद एंजाइम एक्टिवेट हो जाता है और यह पाचन क्रिया को बेहतर करने में मदद करता है.

बादाम को भिगोकर इसका सेवन करने से इसमें मौजूद फाईटिग एसिड कम हो जाता है. फाईटिग एसिड एक ऐसा तत्व होता है, जो कुछ मिनरल्स को शरीर में अवशोषित होने से रोकता है. भीगे हुए बादाम को चबाना आसान होता है और यह पेट के लिए भी अच्छा होता है. पाचन संबंधी समस्याओं के शिकार लोगों के लिए या एक बेहतर चुनाव हो सकता है.

Raisins : किशमिश

अंगूर को सुखाने के बाद जो पदार्थ प्राप्त होता है उसे किशमिश कहते हैं. किशमिश में ढेर सारी ऊर्जा और प्राकृतिक मिठास होती है. किशमिश को भीगा कर खाने से सेहत को कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं, खासकर के पाचन स्वास्थ्य बेहतर होता है.

किशमिश को भिगाने से उसमें पानी की मात्रा बढ़ जाती है, इसके बाद यह पचाने में काफी आसान हो जाते हैं और कब्ज जैसी समस्याओं को बेहतर करने में मदद करते हैं. भीगी हुई किशमिश का ग्लाईसेमिक इंडेक्स, सुखी किशमिश से कम होता है, जिसके सेवन से रक्त शर्करा स्तर भी नियंत्रित रहता है.

Walnuts : अखरोट

अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट और जरूरी विटामिन पाए जाते हैं. इन्हें भिगाने से इनमें मौजूद टेनिन पदार्थ कम हो जाता है, टेनिन अखरोट को स्वाद में थोड़ा कसैला और पचाने में कठिन कर देता है, इसके अतिरिक्त भीगे अखरोट में फाईटिक एसिड की मात्रा कम हो जाती है, जिससे शरीर के लिए जरूरी तत्व जैसे कि जिंक, आयरन, कैल्शियम का अवशोषण करना आसान हो जाता है.

Cashews : काजू

काजू पहले से ही काफी मुलायम और पचाने में आसान होते हैं, इसीलिए इन्हें भिगाकर खाने की आवश्यकता नहीं होती. दूसरे मेवों की तुलना में काजू में फाईटिक एसिड की मात्रा कम होती है, इसलिए इन्हें भिगाने से इनमें मौजूद पोषक तत्वों पर कुछ खास असर नहीं पड़ता है.

Pistachios : पिस्ता

पिस्ता को भी काजू की तरह भिगाकर खान की आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि इसमें भी फाईटिक एसिड की मात्रा कम पाई जाती है और इनमें मौजूद पोषक तत्व शरीर में आसानी अवशोषित हो जाते हैं.

पिस्ता में प्रोटीन फाइबर और हेल्दी फैट होता है और यह खाने में भी स्वादिष्ट होते हैं. पिस्ता को भीगा कर खाने से वह अधिक मुलायम और बेस्वाद हो सकता है, इसीलिए इन्हें ऐसे ही खाने की सलाह दी जाती है.

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Shreya Ojha

लेखक के बारे में

By Shreya Ojha

Shreya Ojha is a contributor at Prabhat Khabar.

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