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कोरोना को हराना है तो हाईफाई लाइफ स्टाइल नहीं, गांव वालों जैसे जीना होगा

Updated at : 05 Mar 2020 5:39 PM (IST)
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कोरोना को हराना है तो हाईफाई लाइफ स्टाइल नहीं, गांव वालों जैसे जीना होगा

कोरोना के कहर का असर पूरे दुनिया में बढ़ता ही जा रहा है. भारत में केंद्र सरकार के साथ मिल कर राज्य सरकारें इसके रोकथाम के लिए कदम उठा रही है. इससे डरने से ज्यादा जरूरी है इसके बचाव के लिए कदम उठाना. अत: रोकथाम के लिए सरकार द्वारा जारी उपायों को डेली रूटीन में शामिल करें. और शहर के हाईफाई लाइफ स्टाइल को छोड़, ग्रामीण लाइफ स्टाइल से भी कुछ अच्छी चीजें अपनाएं..

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कोरोना के कहर का असर पूरे दुनिया में बढ़ता ही जा रहा है. भारत में केंद्र सरकार के साथ मिल कर राज्य सरकारें इसके रोकथाम के लिए कदम उठा रही है. इससे डरने से ज्यादा जरूरी है इसके बचाव के लिए कदम उठाना. अत: रोकथाम के लिए सरकार द्वारा जारी उपायों को डेली रूटीन में शामिल करें. और शहर के हाईफाई लाइफ स्टाइल को छोड़, ग्रामीण लाइफ स्टाइल से भी कुछ अच्छी चीजें अपनाएं.

अगर आप इस जीवनशैली का कर रहे उपयोग तो आपको है कोरोना से डरने की जरूरत

– विशेषज्ञों की मानें तो जिन लोगों की उम्र 58 से ज़्यादा है, ऐसे लोगों पर ही इस वायरस का ज़्यादा प्रभाव पड़ रहा है. इसकी मुख्य वजह है इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होना. इस उम्र में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है. अत: रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले आहार का सेवन नही करने वालों को है इससे डरने की जरूरत

– सर्दी-खांसी होने पर खुद से उपचार करने वालों को भी इससे डरने की जरूरत है

– खुले में बिकने वाले अधपके या सिर्फ भूंजे मांस को सेवन करने वाले को हो सकता है इससे खतरा

– आसपास में गंदगी का है माहौल तो सुधार लें आदत, क्योंकि आप भी हो सकते है कोरोना के विक्टिम

– जरूरत अनुसार पानी न पिने वालों को भी है इससे खतरा

अगर आप इस निम्नलिखित जीवनशैली को कर रहे हैं फॉलो तो कोरोना से प्रभावित होने की संभावना हो जायेगी न के बराबर. जानें

– विशेषज्ञों की मानें तो अगर आप ग्रामीण क्षेत्र में रह रहे हैं चिंतित होने की बिल्कुल जरूरत नही हैं. बस ये ध्यान रखें कि खुले में भोजन को न रखें, शरीर में कटने-छंटने पर तुरंत आस-पास के स्वास्थ्यकर्मी के संपर्क में आएं और किसी भी तरह के संक्रमण होने पर तुरंत अस्पताल में ही इलाज करवाएं. झाड़फूंक के चक्कर में न पड़ें

– अगर आप मेट्रो सीटी में रह रहे है तो ग्रामीणों की तरह ही जीवनशैली अपनाएं. प्रतिदिन सुबह नहा धो कर ही कहीं जाएं. आस-पास को साफ-सूथरा रखें.

– आमतौर पर देखा गया है कि शहरी क्षेत्र में रह रहे लोगों की जीवनशैली काफी व्यस्त होने के कारण जैसे-तैसे चलती है. अत: इसमें सुधार करें और ताजा फल, साग-सब्जियों को भी धोकर ही खाएं.

– राज्य सरकारें द्वारा कुछ स्कूलों को सेनिटाइज़ किया जा रहा है. अत: आप भी अपने रहने वाले स्थान को सेनिटाइज़ करें और आस-पड़ोस को भी इसके लिए जागरूक करें

– खांसी, बुख़ार और सांस लेने में दिक़्क़त हो तो काम के प्रेशर की वजह से या किसी अन्य व्यस्त शेडयूल के कारण नजरअंदाज न करें. तुरंत डॉक्टर से सलाह लें

– कोरोना बच्चों को कम प्रभावित कर रहा है फिर भी ऐसा लक्षण महसूस होते ही फ़ौरन स्वास्थ्यकर्मी से संपर्क करें

– आस-पास के अस्पताल से फेस मास्क जरूर ले लें और पहन कर ही बाहर निकलें

– ध्यान ये रखें कि अगर आप आंख, मुंह पर हाथ लगा रहे हैं तो हाथ धोकर ही लगाएं.

– फिलहाल कोरोना का कोई इलाज संभव नही है अत: सुरक्षा ही बचाव है. भीड़ में जाने से पूर्व मास्क जरूर लगाएं जरूरत न हो तो भीड़ का हिस्सा ही न बनें

– नोएडा जैसे शहरों में हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं. उसे अपने पास जरूर सेव रखें और जरूरत पड़ने पर दूसरों को भी उपलब्ध करवाए एवं लोगों को इसके लिए जागरूक भी करें

– इसकी मुख्य वजह है इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होना. अत: जिस फूड्स से हमारा इम्यूनिटी पावर बढ़ता है उसे ज्यादा मात्रा में ग्रहण करें

– ज्यादा से ज्यादा पिऐं पानी

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