हाथ-पैर में झनझनाहट या हो जाते हैं सुन्न? हो जाएं सावधान, अपनाएं ये घरेलू उपचार

know symptoms, treatment & prevention of Tingling or numbness causes in diabetes heart attack, pregnancy हाथ-पैर एकाएक सुन्न हो जाना, झनझनाहट होना या उंगलियों में सूजन, दर्द व जलन होना आम समस्या मान कर हम हमेशा इसे अनदेखा कर देते है. लेकिन, क्या आपको लगता है कि आपके शरीर का एक भाग अचानक से सुन्न हो जाता है, यह आम समस्या होगी. हमारे इस रिर्पोट के जरिये जानें कैसे इन आम सी दिखने वाली बीमारियों से घरेलू उपायों के जरिये मुक्ति पाएं.
हाथ-पैर एकाएक सुन्न हो जाना, झनझनाहट होना या उंगलियों में सूजन, दर्द व जलन होना आम समस्या मान कर हम हमेशा इसे अनदेखा कर देते है. लेकिन, क्या आपको लगता है कि आपके शरीर का एक भाग अचानक से सुन्न हो जाता है, यह आम समस्या होगी. हमारे इस रिर्पोट के जरिये जानें कैसे इन आम सी दिखने वाली बीमारियों से घरेलू उपायों के जरिये मुक्ति पाएं.
दरअसल, बहुत देर तक एक ही अवस्था में बैठे रहने के कारण या फिजिकल एक्टिविटी कम होने के कारण तार सी पतली नसें दब जाती है. जैसा कि ज्ञात हो हमारे हर एक अंग की नसें ब्रेन से कनेक्ट रहती है. यही कारण है कि चोट लगने वाले स्थान पर किसी तरह से नस दब जाती है, जिसके कारण ब्रेन तक उस अंग के बारे में जानकारी नहीं पहुंच पाती है. यही कारण है कि उस स्थान पर सुन्न लगता है और एकाएक उस जगह की जानकारी मिलते ही या मूवमेंट होते ही झनझनाहट सी महसूस होती है. इन कारणों से नर्वस सिस्टम पर बूरा प्रभाव पड़ता है.
आपको बता दें कि ऐसे लक्षण ज्यादातर ठंड के मौसम में देखने को मिलता है. यह शरीर में विटामिन बी कम्पलैक्स, मैग्नीशियम, रिच प्रोटीन समेत अन्य पोषक तत्वों के कारण होता है.
– विटामिन बी और डी की कमी
– फ्लूइड रिटेंशन
– कार्पेल टनेल सिंड्रोम
– टाइट कपड़े पहनने के वजह से
– एक स्थिति में ज्यादा देर बैठने से
– नसों के दबने से
– फिजिकल एक्टिविटी की कमी की वजह से
– थकान या कमजोरी की वजह से
– ड्रग या स्मोक एडिक्ट होने की वजह से
– इसके अलावा उच्च रक्तचाप रोगी
– रीढ़ की हड्डी या मस्तिस्क में ट्यूमर
– थायराइड
– डायबिटीज समेत अन्य मरीजों में भी ऐसे लक्षण पाए जाते हैं.
सुन्न पड़ गए अंग को थोड़ी देर हल्के गुनगुने पानी में भिंगोये. इसे करीब 5-10 मिनट तक पानी में डालकर रखें. तुरंत राहत मिलेगी.
हल्दी-दूध में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा होती है जो ब्लड को बॉडी में सर्कुलेट करने में मदद करती है. जिसके कारण नसों में हमेशा प्रवाह होते रहता है.
दालचीनी में भारी मात्रा में न्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं जो शरीर में बल्ड फ्लो को बढ़ाते हैं. जिससे अंगों के सुन्न होने की संभावना कम हो जाती है.
शरीर का मसाज आज से नहीं सदियों से लोग करवाते आ रहे हैं. इससे सिर्फ थकान से ही नहीं बल्कि इन छोटी-मोटी कई रोगों से मुक्ति मिलती है. इस तरीके से भी शरीर में रक्त प्रवाह सुचारू ढ़ंग से होता है.
कई ऐसे योग हैं जो रक्त को शरीर में प्रवाह करवाने में मददगार है. इन योगों को नियमित रूप से प्रतिदिन करना लाभकारी हो सकता है.
पौष्टिक भोजन हमारे शरीर को कई रोगों से बचाते हैं. ज्यादातर अंग के सुन्न होने की समस्या विटामिन बी व डी कम्पलैक्स, मैग्नीशियम, रिच प्रोटीन, आयरन के कारण होता है. ऐसे में जिन फूड्स में ऐसे तत्व पाएं जाते हैं उसका सेवन करना चाहिए. उदाहरण के तौर पर मूंगफली, मछली, दालचीनी, लहसुन, डार्क चाकलेट, केला, सोयाबीन समेत अन्य आहारों का सेवन कर सकते है. और पानी की मात्रा भी शरीर में सही होना चाहिए.
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