Coronavirus Research : …तो आप घर में बैठ-बैठे हो जाएंगे कोरोना वायरस के शिकार, रिसर्च से हुआ ये चौंकाने वाला खुलासा

Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 22 Jul 2020 2:27 PM

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coronavirus research : पिछले 24 घंटों में भारत में कोविड-19 के 37,724 नये मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 11,92,915 हो गई. वहीं, इलाज के बाद 7,53,049 मरीज अभी तक संक्रमण से मुक्ति पा चुके हैं. इसी बीच एक ऐसा शोध सामने आया है जो आपकी चिंता बढा सकती है. दरअसल दक्षिण कोरिया के महामारी विशेषज्ञों ने एक शोध किया है जिससे ये बात सामने आयी है कि बाहर से ज्‍यादा लोग घर के अंदर होने वाले संपर्कों के कारण कोविड-19 महामारी से संक्रमित होते जा रहे हैं.

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coronavirus research : पिछले 24 घंटों में भारत में कोविड-19 के 37,724 नये मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 11,92,915 हो गई. वहीं, इलाज के बाद 7,53,049 मरीज अभी तक संक्रमण से मुक्ति पा चुके हैं. इसी बीच एक ऐसा शोध सामने आया है जो आपकी चिंता बढा सकती है. दरअसल दक्षिण कोरिया के महामारी विशेषज्ञों ने एक शोध किया है जिससे ये बात सामने आयी है कि बाहर से ज्‍यादा लोग घर के अंदर होने वाले संपर्कों के कारण कोविड-19 महामारी से संक्रमित होते जा रहे हैं.

यह शोध अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन में 16 जुलाई को प्रकाशित किया गया है. शोध की बात करें तो इसमें 5706 मरीजों को शामिल किया गया था. ये सभी कोरोना वायरस पॉजिटिव थे. शोध में 59 हजार ऐसे लोगों को भी शामिल किया गया जो उनके संपर्क में आए थे.

बुजुर्ग और किशोर में कोरोना वायरस का संक्रमण: इस शोध से यह बात सामने आयी कि 100 में से केवल दो लोग घर के बाहर कोरोना वायरस के संपर्क में आए जबकि 10 में से 1 व्‍यक्ति घर के अंदर कोरोना वायरस के संपर्क में आ गये. इस शोध के आगे की बात करें तो इसमें यह भी पाया गया कि जब बुजुर्ग और किशोर कोरोना वायरस से संक्रमित हुए तो घर के ज्‍यादा लोगों को इस महामारी ने अपनी चपेट में ले लिया.

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जिओंग इउन क्‍योंग ने बताया : इस संबंध में दक्षिण कोरिया महामारी रोकथाम सेंटर के डायरेक्‍टर जिओंग इउन क्‍योंग ने बताया कि ये इसलिए हो रहा है क्योंकि इस उम्र समूह के लोगों का परिवार के सदस्‍यों से नजदीकी संपर्क अधिक होता है. इन्हें ज्‍यादा संरक्षण या सहायता की आवश्यकता होती है.

बच्‍चों में खतरा कम: शोध से यह भी बात सामने आयी है कि बच्‍चों में कोरोना वायरस के गंभीर मामलों का खतरा कम नजर आता है. यह आंकड़े 20 जनवरी से लेकर 27 मार्च के बीच एकत्रित किए गए थे.

अब तक 6.15 लाख से अधिक की मौत : पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर जारी है. जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय की मानें तो वैश्विक स्तर पर कोविड-19 मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1.4 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है जबकि दुनिया में अब तक 6.15 लाख से अधिक लोगों की मौत हो गयी है.

Posted By : Amitabh Kumar

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