COVID-19 : क्या हवा में फैलता है coronavirus ?

Updated at : 24 Mar 2020 6:16 PM (IST)
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COVID-19 : क्या हवा में फैलता है coronavirus ?

Patna: Parents put a protective mask on their child at Jai Prakash Narayan Airport after announcement of the suspension of domestic air services from midnight at all airports in the country in the wake of the coronavirus pandemic, in Patna, Tuesday, March 24, 2020. (PTI Photo) (PTI24-03-2020_000205A)

कोरोनावायरस का प्रकोप विश्वभर में तेजी से पंजे फैला रहा है. हर दिन कोरोना वायरस को लेकर कई तरह कि अफवाहें से घिरे रहते हैं. COVID-19 इलाज को लेकर कई झूठी खबरों से सामना करना पड़ रहा है.

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कोरोना वायरस का प्रकोप विश्वभर में तेजी से फैल रहा है. हर दिन कोरोना वायरस को लेकर कई तरह कि अफवाहें से घिरे रहते हैं. COVID-19 इलाज को लेकर कई झूठी खबरों से सामना करना पड़ रहा है. लोगों को आए दिन कोरोना वायरस के टीके, इलाज और दवाइयों को लेकर कई फर्जी और तथ्यहीन खबरों से सामना करना पड़ता है. अब कोरोना वायरस को एक अफवाह हाल ही में वायरल हुई है, जिसमें कहा गया है कि करोना वायरस हवा में घुलनशील है, पर इन सब अफवाहों पर विराम लगाते हुए WHO ने फिलहाल यह मानने से इंकार किया है कि कोरोना वायरस हवा में घुल सकते हैं.

WHO का मानना ​​है कि ‘ COVID-19 एक एयरबोर्न बीमारी हो सकती है, पर फिलहाल इसपर शोध जारी है. विश्व में कोरोना वायरस से हुई तबाही को देखते हुए इसके लिए एहतियात बरतना जरुरी है. पर यह जानना भी जरुरी है कि एयरबोर्न और एयरोसोल दो अलग चीजें हैं. एयरबोर्न का मतलब है कि बीमारी को हवा के माध्यम से फैल सकती है, जबकि एयरोसोल का अर्थ है कि यह बूंदों या संपर्क संचरण के माध्यम से फैल सकता है.

चिकित्सा कर्मचारियों को विशेष रूप से सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है क्योंकि वे आमतौर पर एरोसोल पैदा करने की प्रक्रिया करते हैं और इस प्रकार किसी और की तुलना में संक्रमण के लिए अधिक संवेदनशील होते हैं.

COVID-19 के बारे में यह बात बिलकुल सच है कि यह सतहों पर रहकर संक्रमण फैलाता है. पर कोरोना वायरस हवा में फैलता है या नहीं इसकी पुष्टि के लिए अभी कई अध्ययन चल रहे हैं. इसमें यह भी कहा गया है कि डब्ल्यूएचओ ने चिकित्साकर्मियों को सावधानी बरतने की सिफारिश की है क्योंकि COVID​​-19 हवा में पनप सकता है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए कई अध्ययन चल रहे हैं. इसमें यह भी कहा गया है कि डब्ल्यूएचओ ने चिकित्साकर्मियों को एयरोसोल ट्रांसमिशन के रूप में सावधानी बरतने की सिफारिश की है.

WHO दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा, “एयरबोर्न को COVID-19 को एयरबोर्न बीमारी के रुप में सामने नहीं आया है. COVID-19 ज्यादातर सांस की बूंदों और निकट संपर्क के माध्यम से फैलता है. यही कारण है कि WHO हाथ और सांस की स्वच्छता बनाए रखने की सिफारिश करता है. ”

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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