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Jharkhand News: जमीन नहीं मिलने से नाराज टाना भगत उतरे सड़क पर, गुमला-लोहरदगा मार्ग रहा घंटों जाम

Updated at : 25 Jul 2022 8:23 PM (IST)
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Jharkhand News: जमीन नहीं मिलने से नाराज टाना भगत उतरे सड़क पर, गुमला-लोहरदगा मार्ग रहा घंटों जाम

गुमला में आदिवासियों की जमीन वापस नहीं देने के विरोध में एक दर्जन गांव के टाना भगत सड़क पर उतर आये. नाराज टाना भगतों ने गुमला-लोहरदगा मुख्य मार्ग को छह घंटे तक जाम रखा. इस दौरान प्रशासन से जमीन वापस देने की मांग कर रहे थे. इस दौरान उक्त जमीन पर पांचवीं अनुसूची का बोर्ड भी लगाया.

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Jharkhand News: गुमला के एक दर्जन गांव के टाना भगत सोमवार को सड़क पर उतर आये. गुमला शहर से तीन किमी दूर चंदाली कृषि फार्म के समीप नेशनल हाइवे जाम कर दिया. दिन के 12.30 बजे सड़क जाम किया गया जो 5.30 बजे तक जाम रहा. टाना भगत समाज के लोग सड़क पर बैठ गये. जिससे गुमला और लोहरदगा मार्ग जाम रही. जामकर्ता पारंपरिक वेश-भूषा में थे. छह घंटे तक दर्जनों बस, ओड़िशा एवं छत्तीसगढ़ जाने वाली गाड़ियां एवं मालवाहक वाहन जाम में फंसी रही. स्कूली बच्चों को भी जाने से रोका. समझाने के बाद लोगों ने स्कूल बसों को जाम स्थल से पार कराया है.

जमीन नहीं देने पर ग्रामीणों ने जताया विरोध

बता दें कि चंदाली में कृषि फार्म है. जहां दर्जनों एकड़ जमीन है. यह जमीन फिलहाल में कृषि फार्म के नाम से है. प्रशासन उक्त जमीन को सरकारी बता रहा है, जबकि गांव के लोगों का कहना है कि यह जमीन आदिवासियों की है. उक्त जमीन को बीज तैयार करने के नाम पर सरकार को कुछ सालों के लिए दान में दी गयी थी. लेकिन, अब कृषि फार्म की जमीन पर बीज तैयार नहीं होता है. ना ही किसी प्रकार का काम कृषि विभाग यहां कर रहा है. इसलिए ग्रामीणों ने अपनी-अपनी जमीन वापस देने की मांग की. इसके बावजूद प्रशासन उक्त जमीन को वापस करने को तैयार नहीं है. इसलिए ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया. यह विरोध महीनों से चल रहा है. जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो लोग सोमवार को सड़क पर उतर आये. एसडीओ रवि आनंद, एसडीपीओ मनीषचंद्र लाल, सार्जेंट मेजर प्रणव कुमार, एसआई सुदामा राम के समझाने के बाद लोग जाम हटाये. जाम हटाने से पहले लोगों ने कृषि फार्म में झंडा गाड़ा. साथ ही पांचवीं अनुसूची का बोर्ड भी लगाया.

आदिवासी की पहचान जल, जंगल व जमीन : धनेश्वर

पड़हा टाना भगत व्यवस्था आदिवासी पारंपरिक स्वशासन के राज्य संयोजक धनेश्वर टोप्पो ने कहा कि आदिवासी की पहचान जल, जंगल व जमीन है. परंतु एक साजिश के तहत प्रशासन आदिवासियों की जमीन छीनना चाहती है. जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने मौके पर पांचवीं अनुसूची में मिले हक व अधिकारों के बारे में भी लोगों को जाम स्थल पर ही संबोधित किये. साथ ही फ्लैक्स बोर्ड के माध्यम से पड़हा व्यवस्था के बारे में लोगों को जानकारी दिये. श्री टोप्पो ने कहा कि हम मर जायेंगे. परंतु जमीन पर किसी को कब्जा करने नहीं देंगे.

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जमीन ही आदिवासियों की जिंदगी है : रायमुनी

खुखरा परगना की रायमुनी उरांव टाना भगत ने कहा कि हमारी जमीन को एक साजिश के तहत प्रशासन छीनना चाहता है. हम आदिवासियों के जीने का अधिकारी हमारी जमीन है. कुछ लोग रोड पर उतरते हैं. सोशल मीडिया में बयान देते हैं. एसटी/एससी के खिलाफ नारेबाजी करते हैं. प्रशासन से अपील है. ऐसे विरोधी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें. नहीं तो इससे बड़ा आंदोलन होगा. आज हम जमीन के लिए सड़क पर उतरे हैं. जरूरत पड़ी तो गलत नारेबाजी करने वालों के खिलाफ भी सड़क पर उतरेंगे.

सड़क जाम के जिम्मेवारी गुमला के डीसी हैं : परगना

जाम स्थल को राजी पड़हा के राजी दीवान फौदा उरांव, पूर्व जिप सदस्य छोटेया उरांव, बरवे परगना के ख्रीस्टोफर टोप्पो, नवागढ़ परगना के तेलेस्फोर खेस, पनारी परगना के जगेश्वर उरांव, प्रफुला देवी ने भी संबोधित किया. इन लोगों ने कहा कि प्रशासन आदिवासियों के साथ अन्याय नहीं करें. उपायुक्त जनता से मिलने से डरते हैं. उनकी बातों को जवाब देना पसंद नहीं करते. इसलिए हमारे आवेदन के बाद भी उपायुक्त ने कोई कार्रवाई नहीं की. इसलिए सड़क पर उतरे. सड़क जाम के जिम्मेवारी गुमला के उपायुक्त हैं. हम तो सिर्फ अपना हक व अधिकार मांग रहे हैं. अगर कृषि फार्म की जमीन सरकारी है तो प्रशासन उसका कागज दिखाये. हम जान देंगे. परंतु गलत तरीके से जमीन छिनने नहीं देंगे.

विनती प्रार्थना के बाद स्कूल बसों को जाने को मिली

जाम स्थल पर डीएवी स्कूल की कई गाड़ियां फंस गयी. स्कूल बस के अलावा टेंपो में बच्चे स्कूल जा रहे थे. अंत में काफी विनती प्रार्थना के बाद स्कूल बसों व टेंपो को जाने दिया गया. परंतु बाकी गाड़ियां छह घंटे जाम रही. कई लोग लोहरदगा, लातेहार नहीं जा सके. कुछ लोग जाम में फंसने के बाद परेशान दिखे. परंतु जामकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे.

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रिपोर्ट : दुर्जय पासवान, गुमला.

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