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झारखंड : परिणय सूत्र में बंधने से बची गिरिडीह की 2 नाबालिग बहनें, पुलिस प्रशासन की तत्परता का दिखा असर

Updated at : 25 Apr 2023 12:32 AM (IST)
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झारखंड : परिणय सूत्र में बंधने से बची गिरिडीह की 2 नाबालिग बहनें, पुलिस प्रशासन की तत्परता का दिखा असर

गिरिडीह के धनवार पुलिस प्रशासन की सजगता से दो नाबालिग की शादी होने से बचा लिया. जानकारीमिलते ही पुलिस प्रशासन की टीम नाबालिग के घर पहुंचा. पहले अभिभावकों को समझाया. नहीं मानने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही, तब अभिभावकों ने अपनी गलती मानते हुए शादी को रद्द कराया.

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Jharkhand News: गिरिडीह के भलुटांड पंचायत क्षेत्र में धनवार प्रशासन की सजगता से सोमवार को दो नाबालिग बच्चियां (सगी बहनें) परिणय-सूत्र में बंधने से बच गयीं. माता-पिता अपनी 12 और 14 वर्षीय दो पुत्रियों का विवाह सरिया के किसी गांव में तय कर दिया था. उनकी शादी के लिए सोमवार की रात बरात आने वाली थी. इसकी सूचना धनवार बीडीओ रामगोपाल पांडेय को मिली. बीडीओ पुलिस दल-बल के साथ दोनों बच्चियों के घर पहुंचे और उनके माता-पिता को बुलाया. प्रशासन के आने की खबर से ग्रामीण भी वहां पहुंचे. पदाधिकारियों ने बाल-विवाह को कानूनी जुर्म बताते हुए बच्चियों के माता-पिता व अभिभावकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी और शादी रद्द करने का आदेश दिया.

अभिभावकों ने मानी गलती

नाबालिग लड़कियों के माता-पिता ने गलती मानते हुए शादी रद्द करने पर राजी हुए और प्रशासन को बांड भरकर दिया. शादी उनके बालिग होने के बाद ही करने का वादा किया. बीडीओ के साथ बीपीओ मनोज कुमार, पंचायत सचिव जयनारायण रंजन, रोजगार सेवक रामचंद्र पासवान, स्थानीय सेविका, सहायिका सहिया-जलसहिया व ग्रामीण मौजूद थे.

बाल विवाह उन्मूलन को लेकर अभियान

इधर, सरिया में बाल विवाह उन्मूलन को लेकर सरकार कार्यक्रम अभियान चलाया जा रहा है. चलाए जा रहे हैं. इसी के तहत जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर सोमवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय चंद्रमारणी में प्रार्थना सभा के दौरान कार्यक्रम हुआ. बच्चों ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए बनाये गये नियमों का पालन करने की शपथ ली. सप्तम तथा अष्टम वर्ग की छात्राओं ने पहले पढ़ाई फिर विदाई का नारा लगाया गया.

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सामाजिक कोढ़ है बाल विवाह : प्रधानाध्यापक

प्रधानाध्यापक गुड़िया कुमारी ने कहा कि बाल विवाह सामाजिक कोढ़ के अलावा कानूनन अपराध है. लड़का हो या लड़की, कम उम्र में शादी होने से उनका मानसिक विकास रुक जाता है और खुशहाल जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ता है. बच्चों का स्वास्थ्य भी कमजोर होता है. वहीं सहायक अध्यापिका स्वाति कुमारी ने बच्चों को बाल विवाह से संबंधित कानूनी जानकारी दी. कहा कि निर्धारित उम्र से कम उम्र में शादी कराने वाले बच्चों के माता-पिता, अभिभावक, पंडित, मौलवी आदि पर मुकदमा संभव है. अभिभावकों से अपने बच्चों को बोझ नहीं समझने की अपील की. वहीं, बाल संसद के अध्यक्ष प्रियांशु कुमार ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुरीति को दूर करने के लिए हम सभी को आगे आना होगा. उसने उपस्थित बच्चों से बाल विवाह प्रथा को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प दोहराया. मौके पर संटू पांडेय, स्वीटी कुमारी, सलोनी कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, शिवानी कुमारी, सोनाक्षी कुमारी, मणिलाल कुमार, रॉकी यादव, आशीष मंडल, सोनम कुमारी, रिया कुमारी, जनार्दन प्रसाद, सुनैना कुमारी, माया कुमारी, कुशाल पांडेय, अमन कुमार, सुभाष कुमार, कलावती देवी, नेमंती देवी आदि मौजूद थे.

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