झारखंड चुनाव में डमी प्रत्याशियों की खैर नहीं, एसडीओ ने जारी किए सख्त निर्देश

गढ़वा के एसडी संजय कुमार.
Jharkhand Chunav 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले गढ़वा प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि इस बार डमी प्रत्याशियों को चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन महंगा पड़ने वाला है.
Jharkhand Chunav 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के कार्यक्रम के अनुरूप 80-गढ़वा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में नाम निर्देशन का कार्य पूरा हो चुका है. अब 28 अक्तूबर को स्क्रूटनी है. निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि गढ़वा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवारी के लिए कुल 25 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है.
चुनाव खर्च से बचने के लिए खड़े किए जाते हैं डमी कैंडिडेट
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरे चुनाव के दौरान संभावित डमी प्रत्याशियों पर भी कड़ी नजर रखी जायेगी. अक्सर सुनने में मिलता है कि कुछ राजनीतिक दलों अथवा प्रत्याशियों ने निर्वाचन व्यय के प्रावधानों से बचने के लिए कुछ व्यक्तियों को डमी कैंडिडेट के रूप में खड़ा करने का प्रयास किया है.
आयोग के निर्देशों का उल्लंघन डमी प्रत्याशियों को पड़ेगा महंगा
ऐसे में डमी कैंडिडेट द्वारा वाहन परमिट अथवा प्रचार सामग्री के लिए दी गयी अनुमति का अन्य अभ्यर्थी के पक्ष में समर्थन कर दुरुपयोग किये जाने की आशंका होती है, जो चुनाव आयोग के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है. इस बार यदि कोई प्रत्याशी ऐसा प्रयास करता है, तो उसके लिए यह महंगा पड़ने वाला है.
कौन लोग होते हैं डमी प्रत्याशी
एसडीओ ने बताया कि गाइडलाइन के अनुसार, एक उम्मीदवार के प्रचार वाहनों पर यदि दूसरे उम्मीदवार के समर्थक या बैनर-पोस्टर देखे गये, तो ऐसे उम्मीदवारों को डमी उम्मीदवार घोषित किया जायेगा. इसके अलावा यदि एक प्रत्याशी या उसके समर्थक किसी दूसरे प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी के साथ या उसके पक्ष में वोट मांगते मिले, तो इस आधार पर उन दोनों में से किसी उम्मीदवार को डमी उम्मीदवार मान लिया जायेगा.
आम लोगों से लेंगे फीडबैक, गोपनीय सूचनाएं जुटायी जाएंगी
एसडीओ संजय कुमार ने बताया कि डमी उम्मीदवारों की पहचान के लिए लोगों से फीडबैक लेने के साथ ही खुफिया तंत्र का भी सहारा लिया जायेगा. सूचना मिलने के बाद ऐसे उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार, चुनाव कार्यालय व चुनाव खातों की गोपनीय निगरानी की जायेगी. संभावित उड़नदस्ता दल तथा वीडियो सर्विलांस टीमों को भी ऐसे प्रत्याशियों की निगरानी में लगाया जायेगा.
इन लोगों को तत्काल जारी होगा कारण बताओ नोटिस
उम्मीदवारों के वाहनों की जांच के क्रम में यदि डमी उम्मीदवार के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई तय है. उन्होंने कहा कि ऐसे किसी अभ्यर्थी द्वारा अन्य अभ्यर्थी, राजनैतिक दल के पक्ष में समर्थन या प्रचार-प्रसार सामग्री का उपयोग करने पर तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया जायेगा. साथ ही जिस अभ्यर्थी के पक्ष में प्रचार किया जा रहा है, उस अभ्यर्थी को भी नोटिस जारी होगा.
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By Mithilesh Jha
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