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झारखंड चुनाव में डमी प्रत्याशियों की खैर नहीं, एसडीओ ने जारी किए सख्त निर्देश

27 Oct, 2024 2:01 pm
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jharkhand chunav 2024 garhwa sdo dummy candidates

गढ़वा के एसडी संजय कुमार.

Jharkhand Chunav 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले गढ़वा प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि इस बार डमी प्रत्याशियों को चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन महंगा पड़ने वाला है.

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Jharkhand Chunav 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के कार्यक्रम के अनुरूप 80-गढ़वा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में नाम निर्देशन का कार्य पूरा हो चुका है. अब 28 अक्तूबर को स्क्रूटनी है. निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि गढ़वा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवारी के लिए कुल 25 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है.

चुनाव खर्च से बचने के लिए खड़े किए जाते हैं डमी कैंडिडेट

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरे चुनाव के दौरान संभावित डमी प्रत्याशियों पर भी कड़ी नजर रखी जायेगी. अक्सर सुनने में मिलता है कि कुछ राजनीतिक दलों अथवा प्रत्याशियों ने निर्वाचन व्यय के प्रावधानों से बचने के लिए कुछ व्यक्तियों को डमी कैंडिडेट के रूप में खड़ा करने का प्रयास किया है.

आयोग के निर्देशों का उल्लंघन डमी प्रत्याशियों को पड़ेगा महंगा

ऐसे में डमी कैंडिडेट द्वारा वाहन परमिट अथवा प्रचार सामग्री के लिए दी गयी अनुमति का अन्य अभ्यर्थी के पक्ष में समर्थन कर दुरुपयोग किये जाने की आशंका होती है, जो चुनाव आयोग के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है. इस बार यदि कोई प्रत्याशी ऐसा प्रयास करता है, तो उसके लिए यह महंगा पड़ने वाला है.

कौन लोग होते हैं डमी प्रत्याशी

एसडीओ ने बताया कि गाइडलाइन के अनुसार, एक उम्मीदवार के प्रचार वाहनों पर यदि दूसरे उम्मीदवार के समर्थक या बैनर-पोस्टर देखे गये, तो ऐसे उम्मीदवारों को डमी उम्मीदवार घोषित किया जायेगा. इसके अलावा यदि एक प्रत्याशी या उसके समर्थक किसी दूसरे प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी के साथ या उसके पक्ष में वोट मांगते मिले, तो इस आधार पर उन दोनों में से किसी उम्मीदवार को डमी उम्मीदवार मान लिया जायेगा.

आम लोगों से लेंगे फीडबैक, गोपनीय सूचनाएं जुटायी जाएंगी

एसडीओ संजय कुमार ने बताया कि डमी उम्मीदवारों की पहचान के लिए लोगों से फीडबैक लेने के साथ ही खुफिया तंत्र का भी सहारा लिया जायेगा. सूचना मिलने के बाद ऐसे उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार, चुनाव कार्यालय व चुनाव खातों की गोपनीय निगरानी की जायेगी. संभावित उड़नदस्ता दल तथा वीडियो सर्विलांस टीमों को भी ऐसे प्रत्याशियों की निगरानी में लगाया जायेगा.

इन लोगों को तत्काल जारी होगा कारण बताओ नोटिस

उम्मीदवारों के वाहनों की जांच के क्रम में यदि डमी उम्मीदवार के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई तय है. उन्होंने कहा कि ऐसे किसी अभ्यर्थी द्वारा अन्य अभ्यर्थी, राजनैतिक दल के पक्ष में समर्थन या प्रचार-प्रसार सामग्री का उपयोग करने पर तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया जायेगा. साथ ही जिस अभ्यर्थी के पक्ष में प्रचार किया जा रहा है, उस अभ्यर्थी को भी नोटिस जारी होगा.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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