ePaper

Nagpuri Song : हाय रे मोर जवानी पगला गेलक, नागपुरी संगीत में फैलती अश्लीलता की खास पड़ताल

Updated at : 07 Sep 2025 8:51 AM (IST)
विज्ञापन
Nagpuri Song Obscenity

झारखंडी संगीत में अश्लील गानों पर क्या कहा एक्टर ने (Photo: यूट्यूब के गानों से स्क्रीन शॉट)

Nagpuri Song : झॉलीवुड एक्टर रमन गुप्ता ने नागपुरी संगीत में फैलती अश्लीलता पर अपनी राय रखते हुए कहा कि इसमें केवल अश्लील गाने बनाने वाले ही दोषी नहीं हैं, बल्कि वे लोग भी उतने ही जिम्मेदार हैं जो ऐसे गाने सुनते और उन्हें लोकप्रिय बनाते हैं.

विज्ञापन

Nagpuri Song : ब्लू कलर के वन पीस में एक लंबी सी एक्ट्रेस सामने नजर आती है. वह सामने खड़े हीरो से कहती है….हाय रे मोर जवानी पगला गेलक…हाय रे…. 12–13 साल में मोय होलों रे जवान…इस गाने को यूट्यब चैनल पर SineStarVEVO नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. इसके 31.6 K सब्सक्राइबर्स हैं. लेकिन चार महीने पहले अपलोड इस वीडियो को 2.8 M लोगों ने देखा है. इस तरह की फैलती अश्लीलता पर झॉलीवुड एक्टर रमन गुप्ता ने सटीक बात कही है. प्रभात खबर डॉट कॉम से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘’नागपुरी संगीत में अश्लीलता फैलाने वाले तो दोषी हैं हीं, साथ में वे भी उतने ही दोषी हैं जो इन गानों को सुनते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि अब व्यूज, लाइक्स और कमेंट का जमाना है. सोशल मीडिया हो या यूट्यूब, सब इन प्लेटफार्म पर व्यूज की तलाश में रहते हैं. अच्छे गाने को उतने व्यूज नहीं मिलते हैं. वहीं बात यदि बोल्ड गानों या यूं कहें अश्लील गानों की करें तो ये काफी व्यूज बटोर लेते हैं. यही वजह है कि ऐसे गाने सुनने वाले भी उतने ही दोषी है.’’

बिना अश्लीलता के भी गाने लोग पसंद करते हैं : रमन गुप्ता

यदि शादी का मौसम हो और बारात झारखंड की गलियों से निकल रही हो. इस दौरान बैंड वाला यदि कोई नागपुरी गाना बजाता है तो उसके बोल होते हैं– मोर अठरा साल होय गेलक रे…मोर शादी कराय दे…ये गाना साल 2001 में आया था. इस गाने को आज भी यूट्यूब पर लोग सर्च करके सुनते हैं. यानी करीब 24 साल पहले आया ये गाना आज भी लोगों के जेहन में हैं. इस गाने में एक्टिंग रमन ने किया था. वे कहते हैं कि 90 के दशक में झॉलीवुड के गाने मैं सुनता था, तो उनमें कुछ अलग ही बात होती थी. इन गानों से ही मैं प्रेरित होकर झॉलीवुड में कदम रखा और 1998 में पहली पंचपरगनिया फिल्म की, जिसका नाम ‘मन कर भूत’ था. इसके बाद 2001–2002 में मोर अठरा साल आया जिसे लोग आज भी सुनना पसंद करते हैं. अबतक मैंने लगभग 6000 अलबम में काम किए हैं. इन्हें लोगों का प्यार भी मिला है. बिना अश्लील किए भी कुछ अच्छा किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें : Nagpuri Song : झारखंडी संगीत में अश्लीलता के खिलाफ अनोखी लड़ाई, सब इंस्पेक्टर अरुण ने निकाला खास तरीका

फूहड़ गानों की लाइफ छोटी होती है : विवेक नायक

नागपुरी गाना शुरू होता हैं. खटिया में एक्ट्रेस लेटी है और वहां एक्टर आता है. वह उसे छेड़ता है. टच करता है जिसे बैड टच कहा जाता है. कुछ दिन पहले ही तो पूरे भोजपुरी इंडस्ट्री में बैड टच की बात की जा रही थी. हां, आपने सही पकड़ा…मंच पर भोजपुरी एक्टर पवन सिंह…आरे हां पावर स्टार पवन सिंह, जिसने हरियाणा की एक्ट्रेस को गलत जगह टच किया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर ने जमकर लताड़ा था. नागपुरी के बीच भोजपुरी की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि जिस नागपुरी गाने की चर्चा कर रहे हैं उसके बोल–मरद नहीं माथा के दरद है जो भोजपुरी के एक गाने से प्रेरित है. नागपुरी में बोल बेहूदा टाइप के हैं जिसे हम यहां लिख भी नहीं सकते हैं. ऐसे गानों पर एक्टर विवेक नायक ने अच्छा रिएक्शन दिया है. उन्होंने कहा, ‘’ऐसे गानों की लाइफ काफी छोटी होती है. कुछ देर के लिए ये अच्छे जरूर लगते हैं लेकिन सुनने वालों के दिल पर नहीं उतर पाते.’’

मेलोडी नागपुरी गाने विदेशों में भी सुने जाते हैं

प्रभात खबर के बात करते हुए विवेक ने कहा, ‘’हम सब कलाकार तो एक ही परिवार के हैं लेकिन कुछ लोग व्यूज और जल्दी फेमस होने के लिए फूहड़ तरह के गाने लिखते और गाते हैं. इन गानों पर ऐसे ही कलाकारों को लिया भी जाता है जिन्हें शॉर्ट ड्रेस पहनने से कोई परहेज नहीं होता.’’ उन्होंने कहा, ‘’हमने झारखंडी संगीत में अश्लीलता को रोकने की कोशिश की, लेकिन उनके पास भी जवाब होता है कि हमलोग कहां जाएंगे. अश्लीलता को रोकने के लिए हमलोगों ने अभियान भी चलाया. हम मामले को लेकर डीजीपी से भी मिल चुके हैं. यही नहीं मंत्री सुदिव्य कुमार से भी हम मिल चुके हैं. उनसे हम मिलकर झारखंडी संगीत के क्षेत्र में कुछ प्रस्ताव लाने की बात कह चुके हैं, ताकि ऐसी चीजों पर लगाम लगाया जा सके.’’

यह भी पढ़ें : Nagpuri Song : भाषा आउर संस्कृति हय तो हम ही, नागपुरी संगीत में फैलती अश्लीलता पर बहस तेज

उन्होंने कहा, ‘’मेलोडी गाने को लोग हमेशा सुनते हैं. मेरे गाने विदेशों में भी भी सुने जाते हैं. जैसे नेपाल, दुबई, अमेरिका में मेरे गाने सुने जाते हैं. इन देशों में जो झारखंड के लोग रहते हैं वो मेलोडी नागपुरी गाने सुनते हैं. हमें इस संबंध में यूट्यूब एनालिटिक्स से जानकारी मिलती है.’’ विवेक ने अपने एक गाने के संबंध में बताया कि उनका एक गाना जिसके बोल हैं–तोके चाहे रे दिल… इस गाने को उन्होंने साल 2022 में रिलीज किया. धीरे–धीरे उसपर 35 मिलियन व्यू हो चुके हैं. ये व्यूज धीरे–धीरे बढ़े हैं. विवेक ने कहा, ‘’फूहड़ गीत बंद हो जाए तो हम अच्छी इंडस्ट्री बना सकते हैं.’’

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola