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इस साल मनोरंजन जगत ने खो दिये कई दिग्गज

Updated at : 24 Dec 2015 1:02 PM (IST)
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इस साल मनोरंजन जगत ने खो दिये कई दिग्गज

नयी दिल्ली : भारतीय फिल्म जगत ने वर्ष 2015 में सईद जाफरी जैसे बेहतरीन कलाकार, संगीतकार रवीन्द्र जैन एवं आदेश श्रीवास्तव, रंगमंच कलाकार अशरफ-उल-हक, टीवी अभिनेता संजीत बेदी, मोहन भंडारी और सुधा शिवपुरी जैसे कई दिग्गजों को खो दिया. ‘शतरंज के खिलाडी’ और ‘मासूम’ सहित 100 से अधिक बॉलीवुड फिल्मों में बेहतरीन अभिनय करने के […]

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नयी दिल्ली : भारतीय फिल्म जगत ने वर्ष 2015 में सईद जाफरी जैसे बेहतरीन कलाकार, संगीतकार रवीन्द्र जैन एवं आदेश श्रीवास्तव, रंगमंच कलाकार अशरफ-उल-हक, टीवी अभिनेता संजीत बेदी, मोहन भंडारी और सुधा शिवपुरी जैसे कई दिग्गजों को खो दिया. ‘शतरंज के खिलाडी’ और ‘मासूम’ सहित 100 से अधिक बॉलीवुड फिल्मों में बेहतरीन अभिनय करने के अलावा हॉलीवुड और ब्रिटिश फिल्मों में काम करने वाले जाफरी का 16 नवंबर को लंदन में निधन हो गया.

वह 86 साल के थे. पंजाब के मलेर कोटला में 1929 में जन्मे जाफरी ने एक रंगमंच अभिनेता के रुप में अपने कैरियर की शुरुआत की थी. वह रॉयल एकेडमी ऑफ ड्रामाटिक आर्ट्स में अध्ययन करने के लिए लंदन गये थे और उन्होंने द कैथोलिक यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका से ड्रामा में परा-स्नातक की डिग्री हासिल की थी. शरीर के अंगों के काम नहीं करने के कारण विख्यात संगीतकार-गीतकार रवीन्द्र जैन का 71 वर्ष की आयु में नौ अक्तूबर को निधन हो गया. 70 के दशक में ‘चोर मचाये शोर’, ‘गीत गाता चल’, ‘चितचोर’ और ‘अखियों के झरोखों से’ जैसी हिट फिल्मों की धुन तैयार कर जैन सबसे सफल संगीतकारों में से एक बन गये थे. 1980 और 1990 के दशकों के दौरान उन्होंने कई पौराणिक फिल्मों और धारावाहिकों के लिए संगीत तैयार किया.”

संगीत से जुडी एक अन्य शख्सियत जिसके निधन ने फिल्म जगत को हिलाकर रख दिया, वह संगीतकार-गायक आदेश श्रीवास्तव थे। कैंसर से जूझ रहे संगीतकार का पांच सितंबर को 51 साल की उम्र में निधन हो गया. वर्ष 1993 में पहली बार ‘कन्यादान’ फिल्म से उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत की थी। हालांकि, यह फिल्म प्रदर्शित नहीं हो सकी और इसके गीतों पर ध्यान नहीं दिया गया। श्रीवास्तव ने ‘क्या अदा क्या जलवे तेरे पारो’, ‘हाथों में आ गया जो कल’, ‘सोना सोना’, ‘शावा शावा’, ‘गुस्ताखियां’, ‘गुड नालों इश्क मिट्ठा’, ‘मोरा पिया’ सहित अन्य हिट गीतों की धुन तैयार की थी. ‘फुकरे’ और ‘ट्रैफिक सिग्नल’ में अपनी अदाकारी के लिए जाने जाने वाले रंगमंच-फिल्म अभिनेता अशरफ-उल-हक का 45 साल की उम्र में 18 फरवरी को निधन हो गया. एनएसडी से अभिनय का प्रशिक्षण लेने वाले अभिनेता ने ‘कंपनी’, ‘जंगली’, ‘रावण’, ‘दीवार’, ‘ब्लैक फ्राइडे’ और कई अन्य फिल्मों में महत्वपूर्ण चरित्र भूमिकाएं अदा की थीं. प्रसिद्ध टीवी और फिल्म अभिनेत्री एवं छोटे पर्दे की ‘बा’ सुधा शिवपुरी का इस साल छह मई को निधन हो गया.

वह 77 वर्ष की थीं। सुधा ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से ‘बा’ के रुप में लोकप्रिय हुयी थीं. टेलीविजन के जाने-पहचाने चेहरे मोहन भंडारी का ब्रेन ट्यूमर के कारण 24 सितंबर को निधन हो गया. एक अन्य टेलीविजन शख्सियत संजीत बेदी का जून में निधन हो गया। संजीत को ‘संजीवनी’ धारावाहिक में डॉक्टर ओमी की भूमिका के लिए जाना जाता है. इसके अलावा उन्होंने कई अन्य धारावाहिकों में भी काम किया था.

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