फिल्‍म रिव्‍यू : पुराने ''हीरो'' की तरह छाप नहीं छोड़ पाया नया ''हीरो''

By Prabhat Khabar Digital Desk
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II अनुप्रिया अनंत II

फिल्म : हीरो

कलाकार : सूरज पंचोली, आथिया शेट्ठी, शरद केलकर, तिग्मांशु धूलिया, आदित्य पंचोली

निर्देशक : निखिल आडवाणी

रेटिंग : 2.5 स्टार

सलमान खान हमेशा नये कलाकारों की लांचिंग के लिए चर्चित रहे हैं. खासतौर से अभिनेत्रियों व कोरियोग्राफरों को उन्होंने काफी मौके दिये हैं. पहली बार उन्होंने स्टार किड को लॉन्‍च किया. यह सुभाष घई की फिल्म 'हीरो' का रिमेक है. सुभाष घई ने उस फिल्म से जैकी श्राफ को लांच किया था. सलमान ने सूरज को लांच किया है. सलमान ने दोनों कलाकारों की लांचिंग के लिए इसी विषय को क्यों चुना. सलमान ने इसके जवाब में अब तक बस इतना कहा है कि उन्हें हीरो बेहद पसंद आयी थी.

लेकिन बेहतर होता तो नये कलाकारों को नयी कहानी से लांच किया जाता. वजह यह है कि चूंकि यह 'हीरो' की रिमेक है तो फिल्म की तुलना लिहाजा पुरानी फिल्म से होगी ही. हां, यह हकीकत जरूर है कि उस दौर में जैकी भी नये थे. लेकिन उन्होंने इस फिल्म में जो प्रभाव छोड़ा वह आज भी कायम है. सलमान खान के 'हीरो' में हीरोइज्म है. लेकिन वह प्रभावित नहीं करती. इस कहानी में कोई बदलाव नहीं किये गये हैं.

कहानी पुराने 'हीरो' की तरह ही ज्यों की त्यों रखी गयी है. लड़का लड़की का अपहरण करता है जो पुलिस कमिश्नर की बेटी है और दोनों में प्यार हो जाता है. सूरज राधा (आथिया) से वादा करता है कि वह सुधर जायेगा और गलत रास्ता छोड़ देगा. निखिल ने रिमेक गढ़ते समय अपनी छवि इस फिल्म में दर्शाने की कोशिश नहीं की है. गौर करें तो करन मल्होत्रा की रिमेक फिल्म 'अग्निपथ' भले ही पुरानी 'अग्निपथ' का ही रिमेक थी. लेकिन दर्शक ऋतिक के किरदार से अधिक प्रभावित हुए.

इसकी वजह यह थी कि निर्देशक ने अपने इनपुट्स दिये थे. निखिल उस लिहाज से चूकते हैं. निस्संदेह सूरज और आथिया के हीरोइज्म को दर्शाने की कोशिश तो की गयी है. लेकिन उन्हें सिर्फ पुरानी फिल्म की कॉपी के रूप में प्रस्तुत किया गया है. सूरज पंचोली में हालांकि संभावनाएं अवश्य नजर आती हैं. लेकिन आथिया शेट्ठी ने खास मेहनत नहीं की है. इस फिल्म की कास्टिंग को लेकर काफी कमियां नजर आयी हैं. तिग्मांशु धुलिया किसी भी लिहाज से महाराष्ट्र पुलिस कमिश्नर नजर नहीं आ रहे हैं. उनकी बातचीत में उत्तर प्रदेशीय भाषा की छाप नजर आती ही हैं.

पुरानी फिल्म में यह किरदार शम्मी कपूर ने निभाया था. तो निर्देशक को उनकी टक्कर वाले कलाकार को यह मौका देना चाहिए था. याद करें तो 'अग्निपथ' में ऋषि कपूर के किरदार को निर्देशक करन ने स्वयं जोड़ा था. रॉफ लाला के किरदार में यह निर्देशक की अपनी सोच दर्शाता है. लेकिन निंखिल उस लिहाज से कमजोर नजर आये हैं.उन्होंने सिर्फ बनी बनाई फिल्म का ही ढांचा प्रस्तुत कर दिया है. अफसोसजनक यह है कि इस फिल्म में पुरानी फिल्म की तरह मासूमियत नहीं है.

जबकि दोनों नये कलाकारों की पहली फिल्म थी. उनके साथ पूरी गुंजाईश थी कि वे उनकी मासूमियत को दर्शकों तक पहुंचा पायें. फिल्म में एक भी संवाद ऐसे नहीं हैं, जो याद रह जाये. आदित्य पंचोली का उन्हीं के बेटे की फिल्म लांचिंग में होना भी सूरज के लिए घातक हो सकता है. चूंकि वे कद काठी व परफॉरमेंस हर लिहाज से अपने बेटे पर भारी पड़ रहे हैं. तो जाहिर है इस बात की भी चर्चा होगी. फिल्म के गाने मधुर हैं. लेकिन लंबे समय तक याद नहीं रखे जायेंगे. एक निराशा और होती है कि हिंदी फिल्मों में किसी स्टार किड की लांचिंग पर इन बातों का ख्याल अधिक रखा जाता है कि अगर कोई लांचिंग हो रही है तो वह हीरो डांस भी करे, एक् शन भी करे, रोमांस भी कर ले.

'हीरोपंती' फिल्म में भी टाइगर श्रॉफ से यह सब कराने की कोशिश की गयी थी. जबकि निर्देशकों को लांचिंग कलाकार की क्षमता को देखते हुए अगर दृश्य दिये जायें तो दर्शक उससे आकर्षित होंगे ही. सूरज में एक रोमांटिक हीरो की छवि नजर आती है तो वे बेहतर हो कि उन्हें आगे ऐसे किरदारों में ढालने की कोशिश की जाये तो. आथिया शेट्ठी को अभी और मेहनत करनी होगी. निश्चय ही वह आम हिंदी सिनेमा की अभिनेत्रियों से अलग व्यक्तित्व रखती हैं और आगे उनके लिए बाधाएं आ सकती हैं. लेकिन मेहनत करें तो उन्हें भी अच्छे अवसर मिल सकते हैं. सलमान खान का गाया गीत मैं हूं हीरो तेरा..कर्णप्रिय है.

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