सत्यजीत रे : वह फिल्मकार जिसके फिल्मों को देख निर्देशक सीखते हैं फिल्म बनाना

अपनी पहली फिल्म ‘पाथेर पंचाली’ से दुनिया को स्तब्ध करने वाले सत्यजीत रे का आज जन्मदिन है. फिल्मकार बनने से पहले सत्यजीत रे एक एड कंपनी ‘जूनियर विजुलाइजर’ में काम किया करते थे. यहां उन्होंने ग्राफिक डिजाइन का काम सीखा, लेकिन कंपनी में भारतीय और ब्रिटिश कर्मचारियों के बीच गहरे मतभेद थे. इस दौरान उन्होंने […]
अपनी पहली फिल्म ‘पाथेर पंचाली’ से दुनिया को स्तब्ध करने वाले सत्यजीत रे का आज जन्मदिन है. फिल्मकार बनने से पहले सत्यजीत रे एक एड कंपनी ‘जूनियर विजुलाइजर’ में काम किया करते थे. यहां उन्होंने ग्राफिक डिजाइन का काम सीखा, लेकिन कंपनी में भारतीय और ब्रिटिश कर्मचारियों के बीच गहरे मतभेद थे. इस दौरान उन्होंने नौकरी बदलकर सिगनेट प्रेस में काम शुरू किया. यह एक पब्लिशिंग एजेंसी थी.
इस दौरान उन्होंने कई किताबों का कवर डिजाइन किया. इन्हीं में से एक थी – विभूति भूषण उपाध्याय की किताब ‘पाथेर पंचाली’ का बाल संस्करण भी था. इस उपन्यास का कवर डिजाइन करते वक्त वे किताब से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने आगे चलकर फिल्म भी बनाया.
क्यों प्रसिद्ध है ‘पाथेर पंचाली’
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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