फिल्म ‘एस दुर्गा’और ‘न्यूड’ के बाद अब सेंसर बोर्ड में फंसी ‘द ब्रदरहुड’

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Dec 2017 9:30 AM

विज्ञापन

मुंबई : फिल्म निर्देशकों और सेंसर बोर्ड की लड़ाई जग जाहिर है. फिल्म ‘एस दुर्गा’ और ‘न्यूड’ के बाद अब एक और फिल्म ‘द ब्रदरहुड’ सेंसर बोर्ड में फंस गई है. बिसाहड़ा कांड की पृष्ठभूमि में बनी फिल्म ‘द ब्रदरहुड’ पर सेंसर बोर्ड ने फिल्म से जिन तीन दृश्यों पर कैंची चलाने का निर्देश दिया […]

विज्ञापन

मुंबई : फिल्म निर्देशकों और सेंसर बोर्ड की लड़ाई जग जाहिर है. फिल्म ‘एस दुर्गा’ और ‘न्यूड’ के बाद अब एक और फिल्म ‘द ब्रदरहुड’ सेंसर बोर्ड में फंस गई है. बिसाहड़ा कांड की पृष्ठभूमि में बनी फिल्म ‘द ब्रदरहुड’ पर सेंसर बोर्ड ने फिल्म से जिन तीन दृश्यों पर कैंची चलाने का निर्देश दिया है उसमें निर्माता का कहना है कि वही तीन दृश्य फिल्म की जान हैं. ‘द ब्रदरहुड’ दादरी में कथित रूप से गौमांस रखने को लेकर मोहम्मद अखलाक की पीट-पीट कर हत्या किए जाने की घटना पर आधारित है.

निर्देशक ने फिल्म की पृष्ठभूमि के बारे में बताते हुए कहा कि इसमें दिखाया गया है कि ग्रेटर नोएडा के दो गांवों में एक ही गोत्र के लोग रहते हैं जबकि एक गांव के लोग मुस्लिम समुदाय के हैं तो एक हिंदू. फिल्म ये बताने का प्रयास करती है कि अखलाख हत्याकांड जैसे दुर्भाग्यपूर्ण हादसों से सामाजिक ताने-बाने पर कोई असर नहीं पड़ा है. लेकिन लोग इसे राजनितिक मुद्दा बना देते हैं. डॉक्यूमेंट्री के निर्माता और पत्रकार पंकज पाराशर ने बताया कि फिल्म के तीन दृश्यों को काटने के सेंसर बोर्ड के निर्देश को हमने सेंसर ट्रिब्यूनल में चुनौती दी है. दस दिन के भीतर सुनवाई की तारीख आ सकती है. हम ट्रिब्यूनल से सामने सारे प्रमाण और तथ्य रखेंगे.

पाराशर ने फिल्म की पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह फिल्म बिसाहड़ा गांव में अखलाक हत्याकांड (दादरी लिंचिंग केस) के बाद पैदा हुए हालातों से शुरू होते हुए ग्रेटर नोएडा के दो गांवों घोड़ी बछेड़ा और तिल बेगमपुर के ऐतिहासिक रिश्तों को पेश करती है. उन्होंने बताया कि घोड़ी बछेड़ा गांव में भाटी गोत्र वाले हिंदू और तिल बेगमपुर गांव में इसी गोत्र के मुस्लिम ठाकुर हैं. लेकिन घोड़ी बछेड़ा गांव के हिंदू तिल बेगमपुर गांव के मुसलमानों को बड़ा भाई मानते हैं. मतलब, एक हिंदू गांव का बड़ा भाई मुस्लिम गांव है.निर्देशक ने बताया कि बोर्ड को हिंदुओं और मुसलमानों के एक गोत्र होने पर आपत्ति है और वे इसे हटाने की मांग कर रहे हैं. दूसरी आपत्ति फिल्म के उस दृश्य को लेकर है जिसमें ग्रेटर नोएडा के खेरली भाव गांव में 02 अप्रैल 2016 को एक मस्जिद की नींव रखी गयी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola