शशि कपूर की ''जब-जब फूल खिले'' ने बॉलीवुड में कई ''दिग्गजों'' के खिलाये ''फूल''

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Dec 2017 7:20 PM

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मुंबई : बॉलीवुड के वेट्रन एक्टर शशि कपूर उर्फ बलवीर राज कपूर आज भले ही इस दुनिया से विदा हो गये, लेकिन उन्होंने अपने करीब 40 साल के फिल्मी कैरियर के दौरान बतौर नायक कई ऐसी फिल्में कीं, जिसने बॉलीवुड में कई दिग्गजों को बुलंदियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभायी. हालांकि, अपने पिता पृथ्वी […]

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मुंबई : बॉलीवुड के वेट्रन एक्टर शशि कपूर उर्फ बलवीर राज कपूर आज भले ही इस दुनिया से विदा हो गये, लेकिन उन्होंने अपने करीब 40 साल के फिल्मी कैरियर के दौरान बतौर नायक कई ऐसी फिल्में कीं, जिसने बॉलीवुड में कई दिग्गजों को बुलंदियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभायी. हालांकि, अपने पिता पृथ्वी राज कपूर के साथ बतौर बाल कलाकार के रूप में उन्होंने वर्ष 1940 के दशक से ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था, लेकिन 1960 के दशक में उन्होंने कई ऐसी फिल्मों में बतौर नायक काम किये, जिसने न केवल शशि कपूर को शोहरत दी, बल्कि तत्कालीन समय में बॉलीवुड में कई दिग्गजों को बुलंदियों तक पहुंचाने का काम किया. शशि कपूर ने वर्ष 1965 में एक ऐसी ही फिल्म ‘जब-जब फूल खिले’ में बतौर नायक काम किया.

वीडियो साभार : Shemaroo

बॉलीवुड की इस फिल्म ने शशि कपूर को इस इंडस्ट्री में बतौर हीरो तो स्थापित करने के साथ ही गीतकार आनंद बख्शी, संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी की जोड़ी और हीरोइन के तौर पर नंदा को भी बुलंदियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभायी. वर्ष 1965 शशि कपूर के फिल्मी कैरियर के लिए अहम साबित हुआ. इस साल रिलीज हुई उनकी ‘जब जब फुल खिले’ बेहतरीन गीत, संगीत और अभिनय से सजी थी. इस फिल्म की जबरदस्त कामयाबी ने न सिर्फ अभिनेत्री नंदा को बल्कि गीतकार आनंद बक्शी और संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी को भी शोहरत की बुलंदियो तक पहुंचा दिया.

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वर्ष 1965 में ही शशि कपूर की एक और सुपरहिट फिल्म ‘वक्त’ रिलीज हुई थी. इस फिल्म में उनके साथ बलराज साहनी, राजकुमार और सुनील दत्त दिग्गज और स्थापित अभिनेताओं ने जबरदस्त अदाकारी का प्रदर्शन किया था. उनकी इसी सफलता से बॉलीवुड में उनकी छवि रोमांटिक हीरो की बन गयी. 1965 से 1976 के बीच कामयाबी के सुनहरे दौर में उन्होंने जिन फिल्मों में काम किया , उनमें से ज्यादातर फिल्में हिट साबित हुईं, लेकिन अमिताभ बच्चन के आने के बाद पर्दे पर रोमांस का जादू चलाने वाले इस अभिनेता से दर्शकों ने मुह मोड़ लिया और उनकी फिल्में असफल होने लगी .

वर्ष 1980 के दशक में शशि कपूर ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रखा और ‘जूनून’ फिल्म बनायी. इसके बाद उन्होंने ‘कलयुग’, ’36 चौरंगी लेन’, ‘विजेता’ और ‘उत्सव’ जैसी फिल्में बनायीं. हालांकि, ये फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा सफल नहीं हो पायीं, लेकिन इन फिल्मों को समीक्षकों ने काफी पसंद किया . 1991 में अपने मित्र अमिताभ बच्चन को लेकर उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘अजूबा’ का निर्माण और निर्देशन किया, लेकिन कमजोर पटकथा की वजह से फिल्म असफल साबित हुई. हालांकि, यह फिल्म बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय रही.

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