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खास बातचीत: केबीसी-11 के पहले करोड़पति सनोज ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर कह दी बड़ी बात

Updated at : 14 Sep 2019 8:39 AM (IST)
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खास बातचीत: केबीसी-11 के पहले करोड़पति सनोज ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर कह दी बड़ी बात

बिहार के जहानाबाद के सनोज राज कौन बनेगा करोड़पति के 11वें सीजन के पहले करोड़पति बन चुके हैं. उन्होंने एक करोड़ की राशि इस मंच से जीती है. अब वह आगे पढ़ाई कर आइएएस अधिकारी बनना चाहते हैं. पेश है सनोज की उर्मिला कोरी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश…-‘कौन बनेगा करोड़पति’ के आप विनर […]

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बिहार के जहानाबाद के सनोज राज कौन बनेगा करोड़पति के 11वें सीजन के पहले करोड़पति बन चुके हैं. उन्होंने एक करोड़ की राशि इस मंच से जीती है. अब वह आगे पढ़ाई कर आइएएस अधिकारी बनना चाहते हैं. पेश है सनोज की उर्मिला कोरी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश…

-‘कौन बनेगा करोड़पति’ के आप विनर होंगे. क्या हॉट सीट पर जाने से पहले सोचा था?

एक सपने के सच होने जैसा लग रहा है. इस सीजन का पहला करोड़पति बनूंगा सोचा नहीं था पर हां, अपनी पढ़ाई पर इतना विश्वास था कि मैं यहां से अच्छी खासी राशि जीत कर जाऊंगा. जिस तरह से मैंने पढ़ाई की है. मैं सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा हूं. उसके लिए काफी कुछ पढ़ना पड़ता है.

-अब आपकी क्या प्लानिंग है
जल्द ही सिविल सर्विसेज की परीक्षा शुरू हो जायेगी. आइएएस मेन का एग्जाम दूंगा. यूपीएससी की ही मुझे तैयारी करनी है.

-केबीसी वीनर हर्षवर्द्धन नवाथे और सुशील कुमार ये दोनों भी आइएएस ऑफिसर बनना चाहते थे लेकिन केबीसी के बाद मिली प्रसिद्धि में उनका सपना पीछे छूट गया.
मैं जो बनना चाहता हूं. वो आज या कल का सपना नहीं है. मेरा सालों पुराना सपना है. इसके लिए लगातार मेहनत कर रहा हूं. मैं अपने सपने को पूरा कर के रहूंगा. मुझे यकीन है कि केबीसी की इतनी प्रसिद्धि के बाद भी खुद को ग्राऊंडेड रख पाऊंगा. मुझे आइएएस बनाने के लिए मेरे पिता ने बहुत संघर्ष किया है. मैं चाहता हूं कि मैं पूरी तरह से सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुट जाऊं. मैंने जॉब के साथ भी पढ़ाई की है. दो साल से दिल्ली में सहायक कमांडेंट के पद पर काम कर रहा हूं. शायद सिर्फ पढ़ाई करता तो अब तक जरूर सेलेक्ट हो जाता. केबीसी की इस रकम से पिताजी को मदद मिलेगी और मैं अपना पूरा ध्यान अब अपनी तैयारी पर लगा सकता हूं.

-बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल पर अक्सर सवाल उठाये जाते हैं?
हां. बिहार के सरकारी स्कूलों की एजुकेशन सिस्टम तो सही नहीं हैं. प्राइवेट स्कूल अच्छे हैं. पिछले कुछ समय से सरकारी स्कूलों में भी सुधार देखने को मिल रहा है, लेकिन अभी बहुत काम करने की जरूरत है. मैंने दसवीं तक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई की है फिर गर्वमेंट कॉलेज में एडमिशन लेना पड़ा.

-आप पिछले कितने सालों से केबीसी में किस्मत आजमा रहे थे. क्या आप अमिताभ बच्चन को देखकर क्या नर्वस थे?
पिछले सात-आठ साल में केबीसी के जितने भी सीजन आये हैं. मैं सबके लिए ट्राय करता था. अमिताभ बच्चन को देखकर शुरुआत में नर्वस था. सोच रहा था कि कैसे जवाब दूंगा. अच्छे से जवाब नहीं दे पाऊंगा. डर लग रहा था. लेकिन जैसे-जैसे गेम आगे बढ़ता गया मैं सहज होता गया. उन्होंने बहुत अच्छे तरीके से बात किया. ऐसा लगा ही नहीं कि मैं महानायक से मिल रहा हूं. उन्होंने मेरा काफी हौसला बढ़ाया और मैं आगे बढ़ता गया. उनसे मिलकर काफी अच्छा लगा.

-आप पर्यावरण को लेकर भी काफी जागरूक हैं ?

मैं पर्यावरण को लेकर लोगों को अवेयर करना चाहता हूं. अभी मुझे प्रसिद्धि मिली है तो मैं जहां भी जाऊंगा इन चीजों के बारे में बात करूंगा. प्री प्लांटेशन जैसा मैं भी कुछ सोच रहा हूं. देखते हैं कितना तक आगे बढ़ पाता है. क्योंकि अभी एग्जाम भी शुरू होने वाला है.

-एक करोड़ की इस इनामी राशि से आप क्या करने वाले हैं?
अभी तक मैंने कुछ तय नहीं किया है. घर जाऊंगा पापा के साथ डिस्कस करूंगा. मैं सिर्फ डिस्कस ही करूंगा. इन पैसों का क्या करना है क्या नहीं ये फैसला पापा ही लेंगे.

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