शुभेंदु अधिकारी ने माना ओडिशा के सीएम का अनुरोध, दीघा जगन्नाथ मंदिर से ‘धाम’ शब्द हटाया
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 09 Jun 2026 10:14 PM
दीघा का जगन्नाथ मंदिर.
Jagannath Mandir Digha: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ओडिशा के चीफ मिनिस्टर मोहन चरण माझी के अनुरोध को स्वीकार करते हुए दीघा के जगन्नाथ मंदिर से धाम शब्द को हटा दिया है.
Jagannath Mandir Digha: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को दीघा स्थित राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित भगवान जगन्नाथ मंदिर और सांस्कृतिक गतिविधि परिसर से ‘धाम’ शब्द हटाने की घोषणा की. इस परिसर का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले वर्ष अप्रैल में किया था.
मंदिर में अब रीति-रिवाज से होगी पूजा
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि अब इस परिसर को ‘श्री श्री जगन्नाथ सांस्कृतिक केंद्र’ कहा जायेगा. परिसर के भीतर स्थित मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा निर्धारित नियमों व रीति-रिवाजों के अनुसार की जायेगी.
ओडिशा के सीएम के अनुरोध पर बंगाल सरकार का फैसला
उन्होंने कहा कि यह निर्णय ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा ‘धाम’ शब्द हटाने के लिए औपचारिक रूप से किये गये अनुरोध के बाद लिया गया है. यह आधिकारिक अनुरोध ओडिशा के मुख्यमंत्री के दूत के रूप में उपस्थित पुरी से लोकसभा सदस्य और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद संबित पात्रा द्वारा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को सौंपा गया.
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शुभेंदु अधिकारी ने की थी इस्कॉन के संतों से चर्चा
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उन्होंने हाल ही में दीघा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर के नाम के बारे में इस्कॉन के संतों से बात की थी. इसके बाद उन्हें यह विश्वास हो गया कि इसका नाम भारत की सनातनी संस्कृति व परंपरा के अनुसार नहीं रखा गया.
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जगन्नाथ मंदिर में सनातनी नियमों से होगी पूजा
उन्होंने नदिया जिले के मायापुर स्थित इस्कॉन मुख्यालय की अपनी हालिया यात्रा का जिक्र करते हुए कहा- हम परिसर से ‘धाम’ शब्द हटा देंगे और निर्धारित सनातनी नियमों के अनुसार ही देवताओं की पूजा करेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा- मंदिर का नाम अब से श्री श्री जगन्नाथ देव मंदिर होगा. मंदिर के ढांचे को अब से श्री श्री जगन्नाथ देव मंदिर कहा जायेगा.
Jagannath Mandir Digha: ममता बनर्जी सरकार ने बाद में जोड़ा था ‘धाम’
मुख्यमंत्री ने बताया कि ममता बनर्जी की पूर्ववर्ती सरकार के मंत्रिमंडल प्रस्ताव और परिसर के निर्माण के लिए जारी निविदा नोटिस में परियोजना को ‘सांस्कृतिक केंद्र’ कहा गया था, जिसमें ‘धाम’ शब्द का कोई प्रावधान नहीं था, जिससे संकेत मिलता है कि यह शब्द बाद में जोड़ा गया था.
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धाम शब्द पर शुरू से हो रही थी बहस : शुभेंदु अधिकारी
उन्होंने कहा- इस शब्द पर शुरू से ही बहस हो रही थी और पिछली सरकार ने इसे शामिल करके सनातनी भावनाओं का अपमान किया था. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव को आवश्यक अधिसूचना जारी करने और परिसर का प्रबंधन करने वाले न्यास को इस बदलाव के बारे में सूचित करने का निर्देश दिया है.
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