Ujjwal Nikam: कौन हैं उज्ज्वल निकम? जिसे बीजेपी ने मुंबई उत्तर मध्य से चुनावी मैदान में उतारा, 26/11 से है खास नाता

Ujjwal Nikam
Ujjwal Nikam: बीजेपी ने मुंबई उत्तर मध्य से मौजूदा सांसद पूनम महाजन का टिकट काटकर एक ऐसे शख्स को चुनावी मैदान में उतारा है, जिसकी चर्चा इस समय तेजी से हो रही है. दरअसल बीजेपी ने उज्जवल निकम को इस लोकसभा सीट से टिकट दिया है. निकम का 26/11 आतंकवादी हमले से खास नाता है. तो आइये जानते हैं उज्जवल निकम के बारे में.
Ujjwal Nikam: उज्ज्वल निकम देश के मशहूर वकीलों में शामिल हैं. वो 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के मामले में विशेष लोक अभियोजक थे. निकम ने ही आतंकी अजमल कसाब को फांसे दिलवाया था.
कई प्रमुख केस की पैरवी कर चुके हैं उज्जवल निकम
उज्ज्वल निकम ने 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के अलावा, 1993 के मुंबई सिलसिलेवार धमाके, प्रमोद महाजन मर्डर केस, गुलशन कुमार मर्डर केस, मरीन ड्राइव दुष्कर्म कांड सहित कई हाईप्रोफाइल केस की पैरवी कर चुके हैं. निकम को हत्या और आतंकवाद मामले के विशेषज्ञ वकील के रूप में जाना जाता है.
37 लोगों को फांसी की सजा दिला चुके हैं उज्जवल निकम
उज्जवल निकम अबतक 37 आरोपियों को फांसी की सजा दिला चुके हैं. इसके अलावा 628 आरोपियों को उम्रकैद की सजा भी वो दिला चुके हैं. उज्जवल निकम का जन्म महाराष्ट्र के जलगांव में हुआ है. उनके पिता एक जज थे.
अजमल कसाब को लेकर उज्जवल निकम ने अफवाह फैलाई थी
उज्जवल निकम ने 26/11 आतंकवादी हमले के दोषी अजमल ��साब को लेकर एक अफवाह फैलाई थी. उन्होंने इस बात को खुद स्विकार भी किया था. उन्होंने अफवाह फैलाई थी कि कसाब जेल में बिरयानी की मांग करता था और उसे उपलब्ध भी कराया जाता था. उन्होंने बाद में बताया था कि यह केवल अफवाह थी. कसाब न तो बिरयानी मंगाता था और न ही उसे उपलब्ध कराया जाता था. दरअसल यह अफवाह उन्होंने इसलिए फैलाई थी कि लोगों का धीरे-धीरे कसाब की ओर भावना शिफ्ट हो रही थी. मीडिया में कसाब की तस्वीरें वायरल होने लगी थी और चर्चा होने लगी थी कि कसाब को बहन की याद आ रही है. वैसे में उन्हें लोगों की भावना को रोकने के लिए अफवाह फैलानी पड़ी थी. मालूम हो 2008 में कसाब को फांसी की सजा दी गई थी.
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बीजेपी से टिकट मिलने पर क्या बोले उज्जवल निकम
बीजेपी से टिकट मिलने पर उज्जवल निकम ने कहा, वास्तव में यह मेरे लिए बहुत सुखद और आश्चर्यजनक क्षण है. मैं अपराधियों को सजा दिलाने के लिए केस लड़ता था, अब भगवान ने मुझे लोकतंत्र के नए मंदिर यानी संसद में दूसरी पारी की शुरुआत करने का मौका दिया है. उन्होंने कहा, सालों तक आपने मुझे कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ लड़ते हुए देखा. लेकिन आज बीजेपी ने मुझे जिम्मेदारी दी है, जिसके लिए मैं पीएम मोदी, बीजेपी चीफ जेपी नड्डा, महाराष्ट्र बीजेपी प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले, डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़णवीस का आभारी हूं. मैं जानता हूं कि राजनीति मेरे लिए नहीं बल्कि आपके माध्यम से है, मैं सभी को बताना चाहता हूं कि देश का संविधान, कानून और सुरक्षा मेरी प्राथमिकताएं होंगी. जिस निर्वाचन क्षेत्र से मुझे चुनाव लड़ने के लिए कहा गया है वह मुंबई का एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र है. इसका प्रतिनिधित्व दिवंगत मनोहर जोशी, रामदास अठावले और पूनम महाजन ने किया है. इन लोगों ने हमेशा राष्ट्रहित में संसद में सवाल उठाए हैं.
राजनीति को लड़ाई नहीं मानता: उज्जवल निकम
मैं राजनीति को लड़ाई नहीं मानता. राजनीति के जरिए समाज सेवा की जा सकती है. राजनीति के जरिए देश की सेवा भी की जा सकती है. मैं यह नया फंडा अपनाऊंगा. मुझे देश की सेवा करने का मौका मिला है. इसलिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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