पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति को सौंपा इस्तीफा, 8 जून को ले सकते हैं शपथ, एनडीए की बैठक में होगा बड़ा फैसला

Edited by Rajneesh Anand
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पीएम आवास पर बुधवार को होने वाली अहम बैठक में सरकार गठन को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है.

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Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद राष्ट्रपति भवन पहुंचे और उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा. राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. वे आठ जून को शपथ ले सकते हैं, यह सूचना सूत्रों के हवाले से सामने आ रही है. पीएम मोदी कैबिनेट की बैठक के बाद राष्ट्रपति भवन पहुंचे. कैबिनेट ने बैठक में 17वीं लोकसभा को भंग करने की अनुशंसा की है. ज्ञात हो कि 4 जून को लोकसभा चुनाव का परिणाम घोषित हुआ, जिसमें एनडीए को बहुमत हासिल हुआ है और आज शाम उनकी बड़ी बैठक है, जिसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेंगे. जानकारी के अनुसार सात जून को एनडीए संसदीय दल की बैठक होगी, जिसमें नरेंद्र मोदी को संसदीय दल का नेता चुना जाएगा.

पीएम आवास में होगी एनडीए की बैठक

बुधवार शाम को प्रधानमंत्री आवास में एनडीए की बैठक होने वाली है. इस बैठक में शामिल होने के लिए जदयू के नेता नीतीश कुमार दिल्ली पहुंच गए हैं. उनके अलावा एलजेपी के नेता चिराग पासवान भी दिल्ली पहुंच गए हैं. नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने लोकसभा चुनाव में 12 सीटें जीती हैं, वहीं टीडीपी को 16 सीट हासिल हुई है. टीडीपी के चीफ चंद्रबाबू नायडू भी एनडीए की बैठक में शामिल होने के लिए आज दिल्ली पहुंचेंगे.

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बीजेपी को मिले हैं 240 सीट

लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 240 सीटें मिली हैं. इस वजह से एनडीए के घट दलों की भूमिका सरकार गठन में अहम हो गई है. बीजेपी का एनडीए के सहयोगी दलों से चुनाव पूर्व का गठबंधन है और वे सभी एक साथ हैं. हालांकि इंडिया गठबंधन भी सरकार बनाने की कोशिश में हैं और आज शाम उनकी बैठक भी हैं. 2019 के मुकाबले में बीजेपी की 2024 के चुनाव में 63 सीटों का नुकसान हुआ है. 2019 में बीजेपी को 303 सीटें मिली थीं, जबकि एनडीए को 353 सीटें हासिल हुई थीं.

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लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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