ePaper

Success Story: सिर्फ 21 की उम्र में UPSC Rank 13, फिर भी नहीं बनीं IAS, कौन हैं यंगेस्ट टॉपर विदुषी सिंह

Updated at : 19 Jul 2025 2:54 PM (IST)
विज्ञापन
Success Story IFS Vidushi Singh

Success Story IFS Vidushi Singh

Success Story: विदुषी सिंह ने 21 साल की उम्र में बिना कोचिंग UPSC परीक्षा पास कर ऑल इंडिया रैंक 13 हासिल की. IAS या IPS नहीं, उन्होंने IFS चुना ताकि अपने दादा-दादी का सपना पूरा कर सकें. विदुषी की कहानी प्रेरणा और आत्मनिर्भरता का उदाहरण है.

विज्ञापन

Success Story: जहां लाखों युवा IAS बनने का सपना देखते हैं, वहीं अयोध्या की विदुषी सिंह ने इस सपने को बेहद कम उम्र में साकार कर दिखाया—वो भी बिना किसी कोचिंग के. महज 21 साल की उम्र में, अपने पहले ही प्रयास में UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास कर ऑल इंडिया रैंक 13 हासिल करना अपने आप में एक मिसाल है. लेकिन विदुषी की कहानी यहीं खत्म नहीं होती. उन्होंने IAS या IPS नहीं, बल्कि अपने दादा-दादी के सपने को पूरा करने के लिए Indian Foreign Service (IFS) का रास्ता चुना.

विदुषी का परिचय

विदुषी सिंह मूल रूप से अयोध्या, उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं. उनका जन्म हालांकि राजस्थान के जोधपुर में हुआ था. उनके पिता दीपेंद्र प्रताप सिंह अयोध्या में विद्युत विभाग में इंजीनियर हैं, जबकि मां प्रीति सिंह एक सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापिका हैं. बचपन से ही उन्हें घर में पढ़ाई का गंभीर माहौल मिला, जिसने उनकी सोच और दिशा को बहुत प्रभावित किया.

दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन

विदुषी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए (ऑनर्स) इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया. कॉलेज के दौरान ही उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी. सेकेंड ईयर तक उन्होंने पूरा सिलेबस कवर कर लिया था और थर्ड ईयर के खत्म होते ही परीक्षा के लिए तैयार थीं.

बिना कोचिंग मिली बड़ी सफलता

UPSC जैसी परीक्षा के लिए जहां छात्र वर्षों तक कोचिंग संस्थानों में मेहनत करते हैं, वहीं विदुषी ने बिना किसी कोचिंग के यह सफलता हासिल की. उन्होंने 2022 की UPSC परीक्षा में पहली ही बार में सफलता पाई और ऑल इंडिया रैंक 13 प्राप्त की.

IAS नहीं, चुनी IFS

सबसे खास बात यह रही कि टॉप रैंक लाने के बावजूद विदुषी ने IAS या IPS सेवा को नहीं चुना. उन्होंने अपने Detailed Application Form में IFS (Indian Foreign Service) को प्राथमिकता दी. उनका मानना है कि विदेश सेवा के माध्यम से वे भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कर सकती हैं—यही सपना उनके दादा-दादी का भी था.

Also Read: Police कैसे तोड़ सकती है ताला! आपकी इजाजत जरूरी या नहीं, क्या कहता है कानून?

Also Read: General Knowledge: दुनिया के सबसे बड़े चायप्रेमी यहां रहते हैं, जानिए कौन सा देश है नंबर 1

विज्ञापन
Pushpanjali

लेखक के बारे में

By Pushpanjali

मेरा नाम पुष्पांजलि है और मैं पिछले दो साल से प्रभात खबर डिजिटल के साथ जुड़ी हूं. इस दौरान मैं फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री से जुड़ी खबरों और ट्रेंड्स को कवर कर रही हूं. मेरा मुख्य फोकस ट्रेंडिंग अपडेट्स, फिल्म रिव्यू, और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स पर रहता है. मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि जटिल और तकनीकी खबरों को भी पाठकों के लिए सरल, रोचक और पठनीय अंदाज में प्रस्तुत किया जाए, ताकि वे न सिर्फ खबर को समझ सकें बल्कि उससे जुड़े भी महसूस करें.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola