ePaper

UGC Chairman Retires: एजुकेशन सिस्टम में क्रांति लाने वाले यूजीसी चेयरमैन रिटायर… ऐसा रहा करियर

Updated at : 08 Apr 2025 2:22 PM (IST)
विज्ञापन
UGC Chairman Retires. image credit: x/ social Media

यूजीसी के चेयरमैन प्रो. एम. जगदीश कुमार अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए हैं image credit: x/ social Media

UGC Chairman Retires: यूजीसी के चेयरमैन प्रो. एम. जगदीश कुमार अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए हैं. उन्होंने फरवरी 2022 से अब तक उच्च शिक्षा में कई बड़े बदलाव किए हैं, जो छात्रों और संस्थानों दोनों के लिए फायदेमंद रहे हैं. तेलंगाना से आईआईटी और जेएनयू तक का सफर तय करने वाले प्रो. कुमार जाने-माने शिक्षाविद् हैं. उनके नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी और नीतिगत सुधार देखने को मिले.

विज्ञापन

UGC Chairman Retires in Hindi: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष ममीडाला जगदीश कुमार आधिकारिक रूप से सेवानिवृत्त हो गए हैं. प्रोफेसर एम जगदीश कुमार को फरवरी 2022 में यूजीसी का अध्यक्ष बनाया गया था और वे फरवरी 2022 से इस पद पर थे, जो सेवानिवृत्त हो गए हैं. अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान कई बड़े बदलाव हुए, जो छात्रों और विश्वविद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए. (M Jagadesh Kumar retires from the post of UGC Chairman)

फरवरी 2022 से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष थे

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष प्रोफेसर एम. जगदीश कुमार सेवानिवृत्त हो गए हैं. वे फरवरी 2022 से इस पद पर थे. उनके कार्यकाल के दौरान कई बड़े बदलाव हुए, जो छात्रों और विश्वविद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए. हाल ही में विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों को बड़ी राहत दी गई.  जिसमें अब विदेश से ली गई डिग्री को भारत में सिर्फ 15 दिनों में मान्यता मिल जाएगी. पहले यह प्रक्रिया काफी लंबी और जटिल थी. नए नियमों के तहत छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और एक कमेटी उनकी डिग्री की जांच करेगी.  अगर कोई छात्र फैसले से संतुष्ट नहीं है तो वह समीक्षा की मांग भी कर सकता है. यह बदलाव सिर्फ सामान्य डिग्रियों पर लागू होगा, मेडिकल, लॉ जैसी प्रोफेशनल डिग्रियों पर नहीं. 

UGC Chairman Retires: यूजीसी ने दी विदाई, जताया आभार

यूजीसी की ओर से जारी बयान में प्रो कुमार का आभार जताया गया और कहा गया कि उन्होंने उच्च शिक्षा में कई महत्वपूर्ण सुधार किए. उनके नेतृत्व में कई छात्र हितैषी नीतियां बनाई गईं और शिक्षा व्यवस्था में भी सकारात्मक बदलाव आया है. 

तेलंगाना के गांव से आईआईटी तक का सफर

प्रो कुमार का जन्म तेलंगाना के नलगोंडा जिले के ममीडाला गांव में हुआ था.  उन्होंने आईआईटी मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में एमएस और पीएचडी की. बाद में वे शोध के लिए कनाडा की वाटरलू यूनिवर्सिटी चले गए. 

पढ़ें: LPG cylinder: 90% लोग नहीं जानते LPG सिलेंडर भी होते हैं एक्सपायर, लिखा कोड का होता है ये मतलब

जेएनयू के कुलपति भी रह चुके हैं

यूजीसी चेयरमैन बनने से पहले प्रो. कुमार जेएनयू के कुलपति थे. उन्होंने 2016 से 2022 तक यह जिम्मेदारी संभाली. इस दौरान जेएनयू में कई विवाद हुए, जैसे 2016 में छात्रों पर देशद्रोह का आरोप और 2020 में कैंपस में नकाबपोश हमलावरों द्वारा हमला. 

आईआईटी दिल्ली में कई जिम्मेदारियां संभाली

प्रो कुमार ने आईआईटी दिल्ली में भी पढ़ाया है.  वहां उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया. जैसे, एनएक्सपी चेयर प्रोफेसर, इलेक्ट्रॉनिक्स विभागाध्यक्ष और वीएलएसआई डिजाइन कोऑर्डिनेटर भी रहें. उन्हें नैनो-टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर शोध के लिए जाना जाता है. उन्होंने इस क्षेत्र में तीन किताबें, चार अध्याय और 250 से अधिक शोध पत्र लिखे हैं. 

अब यूजीसी को नए नेतृत्व का इंतजार

प्रो कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद अब यूजीसी को नए अध्यक्ष की तलाश है, जो देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा को आगे बढ़ा सके. 

यह भी पढ़ें: HPCL PM Internship Scheme 2025: हिंदुस्तान पेट्रोलियम में इंटर्नशिप का सुनहरा मौका, आवेदन की आखिरी तारीख करीब

विज्ञापन
Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola