LPG cylinder: 90% लोग नहीं जानते LPG सिलेंडर भी होते हैं एक्सपायर, लिखा कोड का होता है ये मतलब

Author Govind jee
Updated:
विज्ञापन
LPG cylinder

90% लोग नहीं जानते LPG सिलेंडर भी होते हैं एक्सपायर

LPG cylinder: क्या आपके घर में रखा गैस सिलेंडर सुरक्षित है? क्या आप जानते हैं कि गैस सिलेंडर की भी एक्सपायरी डेट होती है? इस छुपी हुई जानकारी के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. जानिए कैसे एक छोटी सी लापरवाही बड़ा खतरा बन सकती है.

विज्ञापन

LPG cylinder in Hindi: एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) सिलेंडर हर घर का अहम हिस्सा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन सिलेंडर की भी एक ‘एक्सपायरी डेट’ होती है? अगर नहीं जानते तो इस लेख के जरिए जान सकते हैं और सिलेंडर पर लिखे खास कोड का मतलब भी जान सकते हैं. यह जानकारी आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

LPG cylinder: एलपीजी सिलेंडर की ‘एक्सपायरी डेट’ क्या है?

अगर हम टेक्निकल रूप से बात करें तो एलपीजी सिलेंडर की कोई निश्चित समाप्ति तारीख नहीं होती है. लेकिन उन्हें समय-समय पर चेक करना जरूरी होता है. भारत में हर सिलेंडर 15 साल तक इस्तेमाल किया जा सकता है. इस दौरान, हर 5 साल में उसकी जांच होती है ताकि यह तय किया जा सके कि सिलेंडर मजबूत और सुरक्षित है या नहीं. इसे ही ‘वैधानिक परीक्षण’ कहा जाता है.

एलपीजी सिलेंडर की ‘टेस्ट ड्यू डेट’ कैसे पढ़ें?

जब भी आपको नया गैस सिलेंडर मिले, तो उपभोक्ताओं को उसे ध्यान से देखना चाहिए। उस पर एक अल्फान्यूमेरिक कोड लिखा होता है, जैसे – A-25। इस कोड का मतलब है कि सिलेंडर की जांच कब करवानी चाहिए.

कोड का मतलब: अक्षर (A, B, C, D) – ये बताते हैं कि किस तिमाही (तीन महीने) में जांच करवानी है:

  • A: जनवरी से मार्च
  • B: अप्रैल से जून
  • C: जुलाई से सितंबर
  • D: अक्टूबर से दिसंबर
  • अंक (जैसे 25) – ये साल बताते हैं (जैसे 2025)

उदाहरण के लिए, अगर कोड B-25 है, तो इसका मतलब है कि सिलेंडर की जांच अप्रैल से जून 2025 के बीच करवानी चाहिए.

सिलेंडर की जांच कैसे की जाती है?

पानी से दबाव परीक्षण (हाइड्रोस्टेटिक परीक्षण): सिलेंडर में पानी भरकर देखा जाता है कि यह उच्च दबाव सहन कर सकता है या नहीं.

दृश्य निरीक्षण: जैसे जंग, दरारें या टूट-फूट.

अगर सिलेंडर इन परीक्षणों में विफल हो जाता है, तो उसे स्क्रैप कर दिया जाता है (यानी उसका दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाता).

उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सलाह

  • डिलीवरी के समय नियमित रूप से परीक्षण तिथि की जांच करें। अगर तारीख पुरानी या बहुत करीब है, तो सिलेंडर वापस कर दें और गैस एजेंसी से नया सिलेंडर मांगें.
  • सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करें.
  • सिलेंडर को खुली और हवादार जगह पर रखें.
  • इसे धूप में न रखें.
  • समय-समय पर गैस पाइप और रेगुलेटर की स्थिति की जांच करें.
  • अगर संदेह हो, तो गैस एजेंसी या किसी विशेषज्ञ से सलाह लें.

पढ़ें: Vaniya Agarwal Education: बिल गेट्स तुम्हें शर्म आनी चाहिए…Microsoft के मालिक को झाड़ने वाली वानिया अग्रवाल रखती हैं ये डिग्री

यह भी पढ़ें- Jasprit Bumrah Education Qualification: कितना पढ़े-लिखे हैं ‘बूम-बूम बुमराह’? जहां पढ़ते थें, वहीं वाइस प्रिंसिपल थींं मां

विज्ञापन
Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola

Frequently Asked Questions

पानी से दबाव परीक्षण (हाइड्रोस्टेटिक परीक्षण): सिलेंडर में पानी भरकर देखा जाता है कि यह उच्च दबाव सहन कर सकता है या नहीं.

दृश्य निरीक्षण: जैसे जंग, दरारें या टूट-फूट.

अगर सिलेंडर इन परीक्षणों में विफल हो जाता है, तो उसे स्क्रैप कर दिया जाता है (यानी उसका दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाता).