गरीब बच्चों की किस्मत बदलने वाली रातों रात बनीं करोड़पति, जानिए कौन हैं रूबल नागी

Who is Rouble Nagi: रूबल नागी (PC- इंस्टाग्राम)
Who is Rouble Nagi: भारतीय कलाकार और शिक्षिका रूबल नागी इस वक्त ग्लोबल टीचर प्राइज जितने को लेकर चर्चा में हैं. उन्हें सम्मान में करीब 9 करोड़ रुपये की राशि दी गई है. एजुकेशन के फील्ड में उनके योगदान को लेकर उन्हें ये सम्मान मिला है.
Who is Rouble Nagi: फेमस टीचर और कलाकार रूबल नागी को दुबई में आयोजित एक कार्यक्रम में फेमस ‘ग्लोबल टीचर प्राइज’ 2026 में सम्मानित किया गया है. उन्होंने ये अवार्ड जीतकर भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है. रूबल नागी को ये पुरस्कार 100 से ज्यादा वंचित समुदायों और 800 से ज्यादा गांवो में शिक्षा पहुंचाने के लिए मिला है. ऐसे में आइए जानते हैं कि कौन है रूबल नागी.
कौन हैं रूबल नागी?
रूबल नागी का जन्म साल 1980 में हुआ था. वे मूल रूप से जम्मू कश्मीर की रहने वाली हैं. उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया है. उनके पास लंदन की डिग्रियां भी हैं. उन्होंने लंदन के Slade School of Fine Art से फाइन आर्ट्स विषय में पढ़ाई की है. इसी के साथ Sotheby’s में यूरोप की कला भी सीखी है. रूबल नागी ग्लोबल टीचर प्राइज में मिली राशि का इस्तेमाल वंचित बच्चों के लिए नए स्कूल और लर्निंग सेंटर बनाने में करेंगी.
कलाकार के रूप में बनाई पहचान
रूबल नागी की पहचान कलाकार के रूप में होती है. लंदन से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने Rouble Nagi Art Foundation और Rouble Nagi Design Studio की स्थापना की. उनके नाम 800 से अधिक म्यूरल (दीवार चित्र) दर्ज हैं और वह 150 से ज्यादा प्रदर्शनियां आयोजित कर चुकी हैं. उन्हें 2017 में नई दिल्ली स्थित Rashtrapati Bhavan Museum में प्रदर्शनी लगाने के लिए आमंत्रित किया गया था. यही नहीं कई अन्य भव्य कार्यक्रम में उनके कला की प्रदर्शनी लगाई गई है.
कैसे हुई इस सफर की शुरुआत?
रूबल नागी ने एक छोटे से कमरे से अपने सफर की शुरुआत की थी. 24 साल पहले उन्के पास सिर्फ 30 बच्चे थे. आज उनकी संस्था देश में 800 से ज्यादा एजुकेशन सेंटर चला रही है. इन सेंटर में उन बच्चों तक पहुंच बनाई जाती है, जिन्हें गरीबी या किसी कारणवश कभी स्कूल जाने का मौका नहीं मिला.
2022 में The Slum Queen नाम की किताब आई थी
साल 2022 में रूबल नागी की द स्लम क्वीन नाम की किताब आई थी. इस किताब में उन्होंने अपने एक्सपीरियंस शेयर की है. उन्होंने अपने कला और एजुकेशन फील्ड के अपने काम के बारे में इस किताब में बताया है.
क्या है ग्लोबल टीचर प्राइज?
ग्लोबल टीचर प्राइज ग्लोबल टीचर प्राइज वर्की फाउंडेशन द्वारा दिया जाता है. ये प्राइज हर साल उन गिने चुने शिक्षकों को दिया जाता है, जिन्होंने एजुकेशन के फील्ड में कुछ विशेष काम किया है. 2014 में इस पुरस्कार की स्थापना की गई थी.
ग्लोबल टीचर प्राइज 2026 की राशि कितनी होती है?
रूबल नागी को जिस ग्लोबल टीचर प्राइज 2026 से सम्मानित किया गया है, उसकी राशित करीब 10 लाख अमेरिकी डॉलर है. भारतीय रुपये में ये करीब 9.10 करोड़ रुपये के लगभग हुआ.
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लेखक के बारे में
By Shambhavi Shivani
शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.
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