CBSE बोर्ड का बड़ा फैसला: अब सीधे DigiLocker पर मिलेगी आंसरशीट की स्कैन कॉपी
Published by : Smita Dey Updated At : 30 May 2026 10:30 AM
स्टूडेंट की सांकेतिक फोटो (AI Generated)
CBSE Board Exam: CBSE बोर्ड में अगले साल यानी 2027 से बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. अब से आंसरशीट की स्कैन कॉपी सीधे डिजिलॉकर पर मिलेगी. जानें पूरी डिटेल.
CBSE Board Exam: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) जल्द ही बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट सिस्टम में एक बहुत बड़ा बदलाव करने जा रहा है. अगले साल से छात्रों को अपनी मार्कशीट और सर्टिफिकेट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि उन्हें उनकी आंसरशीट की जांची हुई स्कैन कॉपी भी सीधे उनके डिजिलॉकर (DigiLocker) अकाउंट पर मिल जाएगी.
सीबीएसई का यह कदम परीक्षा और कॉपियों की चेकिंग में पूरी पारदर्शिता लाने के लिए उठाया जा रहा है. आइए जानते हैं कि सीबीएसई के इस बदलाव से छात्रों को क्या फायदा होने वाला है.
CBSE Board Exam: क्या है सीबीएसई का नया प्लान?
सीबीएसई अगले साल यानी 2027 की बोर्ड परीक्षाओं से यह नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है. इस नए नियम के आने के बाद जैसे ही बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी होगा, छात्रों के डिजिलॉकर ऐप पर उनकी डिजिटल मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और पासिंग सर्टिफिकेट के साथ-साथ सभी विषयों की जांची हुई आंसरशीट की डिजिटल कॉपी भी अपलोड कर दी जाएगी. छात्र जब चाहें अपने फोन पर ही देख सकेंगे कि उन्हें किस सवाल पर कितने नंबर मिले हैं.
CBSE Board Exam: वर्तमान में क्या है व्यवस्था?
अभी तक रिजल्ट आने के बाद छात्रों को डिजिलॉकर पर सिर्फ मार्कशीट और सर्टिफिकेट ही मिलते हैं. अगर किसी छात्र को लगता है कि उसे किसी विषय में उम्मीद से कम नंबर मिले हैं और वह अपनी आंसरशीट देखना चाहता है, तो उसे इसके लिए अलग से लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. छात्र को ऑनलाइन आवेदन करना होता है, भारी-भरकम फीस जमा करनी पड़ती है, तब जाकर कहीं उसे अपनी कॉपी देखने को मिलती है. इस चक्कर में छात्रों का काफी समय और पैसा बर्बाद होता है.
CBSE Board Exam: क्यों पड़ी इस बड़े बदलाव की जरूरत?
इस साल सीबीएसई की कॉपियों की जांच के लिए उपयोग होने वाली ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर काफी विवाद देखने को मिला है. कई छात्रों और उनके माता-पिता ने इवैल्यूएशन में गड़बड़ियों की शिकायत की थी. कुछ जगहों पर कॉपियों के पेज ठीक से स्कैन नहीं हुए थे या फिर कॉपियां आपस में मिक्स हो गई थीं. इन सब शिकायतों को खत्म करने के लिए बोर्ड अब सीधे आंसरशीट ही छात्रों को सौंपने का मन बना रहा है.
कमियों को दूर करने में जुटे आईआईटी के एक्सपर्ट्स
इस साल ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) में जो भी टेक्निकल गलती सामने आई थीं, बोर्ड उन्हें लेकर काफी गंभीर है. इन कमियों को पूरी तरह सुधारने के लिए आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर के बड़े एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है. ये एक्सपर्ट्स पूरे सॉफ्टवेयर और स्कैनिंग सिस्टम की समीक्षा कर रहे हैं ताकि अगले साल जब छात्रों को कॉपियां मिलें, तो उनमें एक भी गलती की गुंजाइश न रहे.
इस साल के लिए री-इवैल्यूएशन की तारीखें घोषित
जो छात्र इस साल (2026) के अपने रिजल्ट से खुश नहीं हैं और अपनी कॉपियों की दोबारा जांच कराना चाहते हैं, उनके लिए भी सीबीएसई (CBSE Board Exam) ने राहत की खबर दी है. बोर्ड ने आंसरशीट वेरिफिकेशन और रिवैल्यूएशन पोर्टल के लिए नई तारीखों का ऐलान कर दिया है. इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया 1 जून 2026 से शुरू होने जा रही है. छात्र तय समय के भीतर आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं.
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स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.
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