CBSE Board Exam 2026: रीचेकिंग और कंपार्टमेंट परीक्षा में क्या है अंतर? समझें पूरा मामला

Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 11 Apr 2026 5:56 PM

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स्टूडेंट्स की सांकेतिक तस्वीर

CBSE Board Exam 2026: अगर बोर्ड परीक्षा में नंबर कम आए हैं तो आपके पास कई ऑप्शन है, रीचेकिंग (Rechecking) और कंपार्टमेंट परीक्षा (Compartment Exam).

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CBSE Board Exam 2026: CBSE बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट के बाद कई स्टूडेंट्स अपने मार्क्स को लेकर कंफ्यूज रहते हैं. कई बार तो स्टूडेंट्स के नंबर काफी कम होते हैं. ऐसे में उनके पास दो ऑप्शन होता है, रीचेकिंग (Rechecking) और कंपार्टमेंट परीक्षा (Compartment Exam). दोनों का उद्देश्य अलग होता है, इसलिए इनके बीच का अंतर समझना बेहद जरूरी है.

क्या होती है रीचेकिंग?

रीचेकिंग जिसे Re evaluation भी कहते हैं, ऐसी प्रक्रिया है जिसमें छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच के लिए आवेदन करते हैं. ऐसा सिर्फ उसी समय होता है जब स्टूडेंट्स को लगता है उन्हें उम्मीद से बेहद कम अंक आए हैं.

इसमें यह देखा जाता है कि कहीं कोई आंसर चेकिंग की प्रक्रिया में छूट तो नहीं गया है या किसी सवाल का मार्क्स जोड़ने में तो गलती नहीं हुई है. Re-evaluation होने के बाद जो मार्क्स आते हैं, उन्हें ही फाइनल माना जाता है. ऐसे में स्टूडेंट्स को काफी सोच समझकर re-evaluation का फैसला लेना चाहिए.

क्या होती है कंपार्टमेंट परीक्षा?

कंपार्टमेंट परीक्षा उन स्टूडेंट्स के लिए होती है जो एक या दो सब्जेक्ट में फेल हो जाते हैं. ऐसे स्टूडेंट उसी विषय की दोबारा परीक्षा देते हैं. पास होने पर उनका साल बर्बाद नहीं होता. यह एक तरह से दूसरा मौका होता है.

जानें मुख्य अंतर

आधाररीचेकिंगकंपार्टमेंट परीक्षा
उद्देश्यकॉपी की दोबारा जांचफेल विषय में दोबारा परीक्षा
कब लागूजब नंबर कम लगेंजब छात्र फेल हो जाए
प्रक्रियाउत्तर पुस्तिका की जांचनए सिरे से परीक्षा देना
परिणामअंक बढ़ या घट सकते हैंपास/फेल तय होता है

किस ऑप्शन को चुनना चाहिए?

अगर आपको लगता है कि आपने अच्छा लिखा था लेकिन नंबर कम आए हैं, तो रीचेकिंग बेहतर विकल्प है
अगर आप किसी विषय में फेल हो गए हैं, तो कंपार्टमेंट परीक्षा देना जरूरी होगा

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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